Bokaro News : आज ही के दिन पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी बनी थी बीएसएल
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 23 Jan 2025 11:38 PM
<P>सुनील तिवारी बोकारो, बोकारो इस्पात कारखाने की स्थापना 29 जनवरी 1969 को एक लिमिटेड कंपनी के तौर पर हुई थी. 24 जनवरी 1973 को स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड बनने
सुनील तिवारी बोकारो, बोकारो इस्पात कारखाने की स्थापना 29 जनवरी 1969 को एक लिमिटेड कंपनी के तौर पर हुई थी. 24 जनवरी 1973 को स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड बनने पर बीएसएल सेल के पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी बन गयी. अंतत: एक मई 1978 को सार्वजनिक क्षेत्र लौह एवं इस्पात कंपनियां (पुनर्गठन व विविध प्रावधान) अधिनियम 1978 अंतर्गत इसका सेल में विलय हो गया.
सार्वजनिक क्षेत्र में चौथे एकीकृत कारखाने की कल्पना 1959 में हुई
बीएसएल को देश का पहला स्वदेशी इस्पात कारखाना कहा जाता है. सार्वजनिक क्षेत्र में चौथे एकीकृत कारखाने की कल्पना 1959 में हुई. प्रस्ताव रूस के सहयोग से 1965 में सामने आया. स्थापना संबंधी समझौते पर 25 जनवरी 1965 को हस्ताक्षर हुआ. प्रथम चरण में उत्पादन क्षमता 17 लाख टन व दूसरे चरण में 40 लाख टन तय हुआ. निर्माण कार्य छह अप्रैल 1968 को शुरू हुआ. बोकारो स्टील प्लांट में 17 लाख टन पिंड इस्पात का प्रथम चरण दो अक्तूबर 1972 को पहली धमन भट्टी चालू होने के साथ शुरू हुआ. 26 फरवरी 1978 को तीसरी धमन भट्टी चालू होने पर पूरा हुआ. यहां सपाट उत्पाद, जैसे हॉट रोल्ड कॉयल, हॉट रोल्ड प्लेट, हॉट रोल्ड शीट, कोल्ड रोल्ड कॉयल, कोल्ड रोल्ड शीट आदि का उत्पादन होता है. नौसेना सहित अन्य के लिए भी स्पेशल स्टील बनता है.
उच्च क्वालिटी के हॉट रोल्ड उत्पाद तैयार कर रही बीएसएल
इस्पात उत्पादन की आधुनिकतम प्रवृत्तियों के अनुरूप कारखाने को ढालने के उद्देश्य से आधुनिकीकरण के प्रथम चरण को 23 जुलाई 1993 को स्वीकृति प्रदान की गयी. हॉट स्ट्रिप मिल का आधुनिकीकरण पूरा होने के बाद बोकारो यूनिट उच्च क्वालिटी के हॉट रोल्ड उत्पाद तैयार कर रही है. इनकी विश्व बाजार में काफी मांग है. आधुनिकीकरण के बाद कारखाने की क्षमता 45 लाख टन तरल इस्पात की हो गयी है.
सेल कर्मी विकासात्मक दृष्टिकोण अपनाएं : अमरेंदु प्रकाश
सेल चेयरमैन अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि सेल कर्मी विकासात्मक दृष्टिकोण अपनाएं. परिणामोन्मुखी बनें. कार्यों की निष्पादन गति में सुधार लायें. कार्यों में नवाचार को शामिल करें. देश में इस्पात उत्पादन क्षमता 2030 तक 300 मिलियन टन प्रतिवर्ष तक पहुंचने का लक्ष्य है. इस साल प्रत्येक कर्मचारी के चेहरे पर मुस्कान देखना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है.
बीएसएल भारत में विश्वस्तरीय फ्लैट स्टील के लिए वन-स्टॉप-शॉप बनने की दिशा में अग्रसर : तिवारी
बीएसएल के निदेशक प्रभारी बीरेंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि बीएसएल भारत में विश्वस्तरीय फ्लैट स्टील के लिए वन-स्टॉप-शॉप बनने की दिशा में अग्रसर है. बीएसएल विस्तारीकरण के अगले चरण के लिए तैयार है. ब्राउन फील्ड विस्तारीकरण के प्रथम चरण के पूरा होने पर हॉट मेटल उत्पादन क्षमता 7.54 मिलियन टन प्रति वर्ष व क्रूड स्टील उत्पादन 7.61 मिलियन टन प्रतिवर्ष होगा. अगले दो चरणों में अतिरिक्त 10 मिलियन टन के ग्रीन फील्ड विस्तारीकरण की योजना है.
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