-डीएम ने जमीन ट्रांसफर की कार्रवाई पर रोक लगाने का किया था अनुरोध, विभाग ने नयी जमीन तलाशने का दिया निर्देशउपमुख्य संवाददाता, भागलपुरगोराडीह अंचल में औद्योगिक गलियारा (इंडस्ट्रियल कॉरिडोर) के निर्माण के लिए चिह्नित जमीन पर निर्माण पर रोक लगा दी गयी है. अब इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए दूसरी जगह जमीन की तलाश की जायेगी. जिलाधिकारी के अनुरोध पर ऐसा कदम उठाया गया है.
इस संबंध में डीएम ने बिहार सरकार के राजस्व व भूमि सुधार विभाग के संयुक्त सचिव अजीव वत्सराज को 22 फरवरी को पत्र भेजा था. अनुरोध किया था कि गोराडीह के मोहनपुर मौजा 117 एकड़ 18 डिसमिल पर जमीन ट्रांसफर (निःशुल्क अंतर्विभागीय भू-हस्तांतरण) की प्रक्रिया पर रोक लगायी जाये. इस पर विभाग ने नयी जगह जमीन की तलाश करने का निर्देश दिया है.इस वजह से लगी रोक
गोराडीह सीओ ने जमीन का प्रस्ताव दिया था. यह भूमि श्री ट्रस्टीयान गोशाला (रैयती) है या सरकारी भूमि, इसे स्पष्ट करने से संबंधित टेलीफोन पर पूछा गया था. इस पर छानबीन की गयी. पता चला कि मोहनपुर मौजा की प्रस्तावित भूमि बिहार भूमि सुधार (अधिकतम सीमा निर्धारण तथा अधिशेष भूमि अर्जन) अधिनियम 1961 की धारा 15 (क) (2) के अधीन श्री गोशाला की अधिशेष भूमि सरकार द्वारा अर्जित की गयी है. दूसरी बात यह भी पता चली की 13 अन्य रैयतों के नाम से जमाबंदी कायम की गयी है. इन कारणों से भूमि के ट्रांसफर पर रोक लगायी गयी है.इंडस्ट्रियल कॉरिडोर निर्माण के लिए गोशाला कमेटी ने दी थी जमीन
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर निर्माण के लिए भागलपुर गोशाला ने 118 एकड़ जमीन बिहार सरकार को दिये जाने की अनुशंसा की थी. कमेटी ने जिलाधिकारी से आग्रह किया था कि 118 एकड़ जमीन लेने के बाद बाकी बची गोशाला की 236 एकड़ जमीन कमेटी को सुपुर्द किया जाय, जिससे भागलपुर के गोवंश का संरक्षण व संवर्धन किया जा सके. इसके लिए भागलपुर गोशाला का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष सह अनुमंडल पदाधिकारी धनंजय कुमार के नेतृत्व में जिलाधिकारी डॉ नवलकिशोर चौधरी से मिला भी था.
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