विघिज्ञ संघ की बैठक में फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश के विरुद्ध अधिवक्ता एकजुट

न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश द्वारा अधिवक्ताओं के साथ बराबर असंसदीय,
मुंगेर मुंगेर विधिज्ञ संघ हॉल में गुरुवार को विधिज्ञ संघ की बैठक अध्यक्ष शशि शेखर सिंह की अध्यक्षता में हुई. जिसमें उपस्थित अधिवक्ताओं ने फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश के व्यवहार पर आपत्ति व्यक्त की गई. महासचिव रानी कुमारी ने कहा कि कुछ पीओ का कार्य प्रणाली उपेक्षापूर्ण है. परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के मामला का समाधान के लिए जिला जज आलोक गुप्ता ने एक सप्ताह का समय मांगा है. बिहार बार कॉउंसिल के सदस्य एवं वरीय अधिवक्ता राम चरित्र प्रसाद ने कहा न्यायधीश के व्यवहार से परिवार न्यायालय में काम करने वाले अधिकांश अधिवक्ता असंतुष्ट हैं. बावजूद न्यायधीश को सुधारने का एक मौका दिया गया है. संघ को वे हल्के में नहीं ले. वरीय अधिवक्ता वीरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि अधिवक्ताओं के सम्मान से समझौता करना खुदकुशी है. अधिवक्ता अनिल कुमार भूषण एवं ओमप्रकाश पोद्दार ने कहा कि परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश द्वारा अधिवक्ताओं के साथ बराबर असंसदीय, अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाता है. अधिवक्ताओं को न्यायालय में कार्य करने से रोकने की धमकी देने, ज्यादा बोलने पर लाइसेंस रद्द करवाने के लिए लिखने की धमकी देते हैं. अधिवक्ता रंजनी कांत झा ने बताया कि कानून के विपरित अपने मनमर्जी से कार्य करने की न्यायाधीश की आदत सी बन गई है. इसके खिलाफ विघिज्ञ संघ चुप नहीं बैठेगा.
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