अभिलेख में केवल भूमिहार दर्ज करने पर बवाल
Published by :SUNIL KUMAR
Published at :26 Nov 2025 7:47 PM (IST)
विज्ञापन

<P>फोटो 21 </P>अखिल भारतीय भगवान परशुराम परिषद ने की आपत्ति<P>कहा-यह संवैधानिक अधिकार का है उल्लंघन</P> राष्ट्रीय स्तर पर समुदाय की पहचान से जुड़ा मुद्दा<P>उप मुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर</P> बिहार सरकार की
विज्ञापन
फोटो 21
अखिल भारतीय भगवान परशुराम परिषद ने की आपत्तिकहा-यह संवैधानिक अधिकार का है उल्लंघन
राष्ट्रीय स्तर पर समुदाय की पहचान से जुड़ा मुद्दाउप मुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर
बिहार सरकार की ओर से कराये गये हालिया जातीय सर्वेक्षण (जाति जनगणना) की रिपोर्ट में भूमिहार ब्राह्मण समुदाय के नाम को गलत तरीके से दर्ज करने के खिलाफ अखिल भारतीय भगवान परशुराम परिषद ने पुरजोर विरोध किया है. युवा अध्यक्ष डॉ अनमोल मिश्रा ने कलमबाग चौक स्थित परशुराम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन में प्रेसवार्ता में यह आरोप लगाया. कहा कि सरकारी अभिलेखों में पूर्व से ही भूमिहार ब्राह्मण शब्द का स्पष्ट उल्लेख मिलता रहा है, लेकिन नवीनतम जातीय रिपोर्ट में केवल भूमिहार शब्द का इस्तेमाल हुआ है. यह समुदाय की मूल पहचान व ऐतिहासिक स्वरूप को पूर्ण रूप से नहीं दर्शाता है. पहचान छिपाने का प्रयास नहीं
परिषद् इस विषय पर जल्द से जल्द सुधार की मांग कर रही है. उन्होंने कहा कि “परिषद् की यह मांग किसी समाज को कम या ज्यादा दिखाने के उद्देश्य से नहीं है, बल्कि अपनी मूल पहचान को सही तरीके से दर्ज कराने का संवैधानिक और नैतिक अधिकार है. उन्होंने तर्क दिया कि जब सरकारी अभिलेखों में भूमिहार ब्राह्मण दर्ज है, तो जनगणना में इसे बदलने का कोई औचित्य नहीं.बिहार तक सीमित नहीं, राष्ट्रीय पहचान का सवाल
परिषद् ने इस बात पर जोर दिया कि यह विषय केवल बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, एमपी, छत्तीसगढ़, राजस्थान के अतिरिक्त विदेशों में भी बड़ी संख्या में भूमिहार ब्राह्मण समुदाय निवास करते हैं. इसलिए यह विषय राष्ट्रीय स्तर पर समुदाय की पहचान से संबंधित है. परिषद् ने चेतावनी दी है कि यदि इस त्रुटि को शीघ्र नहीं सुधारा गया, तो यह आने वाले वर्षों में सरकारी योजनाओं, आरक्षण, सामाजिक वर्गीकरण और विभिन्न सांख्यिकीय आकलनों पर प्रतिकूल असर डाल सकता है. उन्होंने कहा कि परिषद् अन्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों के लिए प्रतिबद्ध है और राज्यपाल के माध्यम से यह लोकतांत्रिक मांगें सरकार तक पहुंचाएगा. यदि सरकार ने कहा कि वह सर्वेक्षण दल द्वारा की गई त्रुटियों की समीक्षा करेगी और अभिलेखों के अनुसार “भूमिहार ब्राह्मण ” शब्द को ही मानता है, तो परिषद् इस बात का सम्मान करती है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार समुदाय की भावनाओं का सम्मान करेगी और इस त्रुटि को समय पर ठीक करेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




