Research: जन्म के कुछ दिनों के अंदर ही चेहरे पहचानने लगते हैं शिशु

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एक नये अध्ययन में पाया गया कि छह दिन तक के शिशु का मस्तिष्क चेहरों और स्थानों को पहचानने जैसे विशिष्ट कार्यों के लिए पहले से तैयार हो सकता है.
वाशिंगटन : एक नये अध्ययन में पाया गया कि छह दिन तक के शिशु का मस्तिष्क चेहरों और स्थानों को पहचानने जैसे विशिष्ट कार्यों के लिए पहले से तैयार हो सकता है. इस नयी खोज की मदद से ऑटिज्म जैसी विकास संबंधी विकृतियों का तुरंत पता लग सकता है.
अध्ययन में नवजातों में देखने और समझने की क्षमता के लिए जिम्मेदार मस्तिष्क के क्षेत्रों को फंक्शनल मैग्नेटिक रेजोंनेंस इमेजिंग (एफएमआरआई) स्कैन के जरिये देखा गया. अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक शरीर को स्कैन करने और रक्त में चुंबकीय विशेषताओं को रिकॉर्ड करने के लिए एक बड़े से चुंबक का इस्तेमाल कर दिमाग के विभिन्न हिस्सों में रक्त के प्रवाह को मापा गया और देखा गया कि कौन सा हिस्सा ज्यादा सक्रिय है.
एमोरी यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अनुसंधानकर्ता डेनियल दिल्क्स ने कहा, हम एक बुनियादी सवाल की जांच कर रहे हैं कि आखिर ज्ञान कहां से आता है. हम दुनिया में किस चीज के साथ आते हैं और अनुभव से क्या हासिल करते हैं? अन्य अनुसंधानकर्ता फ्रेडेरिक कैंप्स ने कहा, हमने दर्शाया कि शिशुओं का मस्तिष्क और उनकी समझ हमारी सोच के मुकाबले ज्यादा विकसित होते हैं. यह अध्ययन ‘पीएनएएस’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.
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By राजीव कुमार
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