Research: जन्म के कुछ दिनों के अंदर ही चेहरे पहचानने लगते हैं शिशु

Author : Rajeev Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 03 Mar 2020 5:42 PM

विज्ञापन

Babies Name in hindi with meaning

एक नये अध्ययन में पाया गया कि छह दिन तक के शिशु का मस्तिष्क चेहरों और स्थानों को पहचानने जैसे विशिष्ट कार्यों के लिए पहले से तैयार हो सकता है.

विज्ञापन

वाशिंगटन : एक नये अध्ययन में पाया गया कि छह दिन तक के शिशु का मस्तिष्क चेहरों और स्थानों को पहचानने जैसे विशिष्ट कार्यों के लिए पहले से तैयार हो सकता है. इस नयी खोज की मदद से ऑटिज्म जैसी विकास संबंधी विकृतियों का तुरंत पता लग सकता है.

अध्ययन में नवजातों में देखने और समझने की क्षमता के लिए जिम्मेदार मस्तिष्क के क्षेत्रों को फंक्शनल मैग्नेटिक रेजोंनेंस इमेजिंग (एफएमआरआई) स्कैन के जरिये देखा गया. अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक शरीर को स्कैन करने और रक्त में चुंबकीय विशेषताओं को रिकॉर्ड करने के लिए एक बड़े से चुंबक का इस्तेमाल कर दिमाग के विभिन्न हिस्सों में रक्त के प्रवाह को मापा गया और देखा गया कि कौन सा हिस्सा ज्यादा सक्रिय है.

एमोरी यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अनुसंधानकर्ता डेनियल दिल्क्स ने कहा, हम एक बुनियादी सवाल की जांच कर रहे हैं कि आखिर ज्ञान कहां से आता है. हम दुनिया में किस चीज के साथ आते हैं और अनुभव से क्या हासिल करते हैं? अन्य अनुसंधानकर्ता फ्रेडेरिक कैंप्स ने कहा, हमने दर्शाया कि शिशुओं का मस्तिष्क और उनकी समझ हमारी सोच के मुकाबले ज्यादा विकसित होते हैं. यह अध्ययन ‘पीएनएएस’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.

विज्ञापन
Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola