एज ऑफ इकानामिक्स के नये मुशर्रफ

-पाक से लौटकर हरिवंश- आगरा (जुलाई 2000) और इसलामाबाद (जनवरी 2004) के मुशर्रफ अलग-अलग हैं. इसलामाबाद के मुशर्रफ मैच्योर, एक अंश तक विजन संपन्न और कुछ सकारात्मक करने को आतुर लगे. उनका अप्रोच, एटीट्यूड और बॉडी लैंगवेज भिन्न थे. सेना का चोला उतार कर वह अपने मुल्क में एक नयी सुबह के लिए बेचैन पॉलिटिशियन […]
-पाक से लौटकर हरिवंश-
आगरा में ‘टेररिज्म’ शब्द पर बिदक कर बिना संयुक्त बयान जारी किये पाक लौटनेवाले राष्ट्रपति मुशर्रफ ने इसलामाबाद घोषणापत्र में खुलेआम माना कि ‘टेररिज्म’ गंभीर चुनौती है. उन्होंने कहा कि आगरा के बाद ‘नदियों’ में काफी पानी बहा है, आगरा में जो तार टूट गया था. इसलामाबाद में वह जुड़ गया है.
वाजपेयी के नेतृत्व में भारत ने भी यह पाया कि अपने सबसे करीबी देश से शत्रुता पालते हुए भारत महाशक्ति नहीं बनेगा. खबर तो यह भी है कि आइएसआइ ने भी जनरल इसानुल हक के नेतृत्व में यह समझ लिया है कि मजहब के नाम पर कर लड़ाकू पैदा करना, बाजार के इस युग में कठिन है. यह ‘एज ऑफ इकानामिक्स’ (अर्थ दौर) है. पाकिस्तान में यह आवाज गूंजने लगी है कि चीन का व्यापार संतुलन 200 मिलियन डॉलर से बढ़ कर पांच बिलियन डॉलर हो सकता है, तो ‘साउथ एशियन रीजन’ में नयी शुरुआत क्यों नहीं हो सकती? नये मुशर्रफ इस नयी शुरुआत-नयी पहचान की भाषा-मुहावरे बोलने लगे हैं.
उसी ‘टेड’ और ‘पालिटिक्स’ के पुल चढ़ कर भारत-पाक ‘एशियन शताब्दी’ के गौरव के हकदार क्यों न बनें, मुशर्रफ का पाकिस्तान इस पर गंभीर डिबेट (बहस) कर रहा है. इसलामाबाद में विश्वसनीय लोगों से सुना. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत के प्रधानमंत्री से हाथ मिलाते हुए कहा, इस बार मजबूती से हाथ पकड़ा है, छोड़ेंगे नहीं. यह संबंध, साउथ एशिया की नयी पहचान-समृद्धि की बुनियाद हो सकता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




