आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक कुबेर मुद्रा

Updated:
विज्ञापन
WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

मां ओशो प्रिया संस्थापक, ओशोधारा सोनीपत कुबेर मुद्रा, जैसा कि नाम से पता चलता है कि इस मुद्रा का नाम समृद्धि के देवता कुबेर को समर्पित है. व्यान मुद्रा की भांति ही पहली दोनों उंगलियों के अग्रभाग को अंगूठे के अग्रभाग से मिलाएं. बाकी दोनों उंगलियों को सीधा न रखते हुए उन्हें मोड़ कर हथेली […]

विज्ञापन
मां ओशो प्रिया
संस्थापक, ओशोधारा
सोनीपत
कुबेर मुद्रा, जैसा कि नाम से पता चलता है कि इस मुद्रा का नाम समृद्धि के देवता कुबेर को समर्पित है. व्यान मुद्रा की भांति ही पहली दोनों उंगलियों के अग्रभाग को अंगूठे के अग्रभाग से मिलाएं. बाकी दोनों उंगलियों को सीधा न रखते हुए उन्हें मोड़ कर हथेली से लगा लें. बार-बार गहरी लंबी श्वास लें. अभिप्रायः आयुर्वेद के अनुसार जल और पृथ्वी तत्व के मिलने से ही कफ बनता है. अतः जब पृथ्वी और जल तत्व को कम कर देते हैं, तो कफ के दोष दूर हो जाता है.
कुबेर मुद्रा के लाभः कुबेर मुद्रा आत्मविश्वास पैदा करती है. कुबेर मुद्रा लगाने के बाद श्वास भरने से साइनस समस्या में बहुत लाभ मिलता है.
सांसों को साइनस तक ले जाएं. बार-बार गहरे लंबे सांस लेने से साइनस में जमा श्लेष्मा दूर होता है. बंद नाक भी खुल जाती है. साइनूसाईटिस के कारण होनेवाले सिर दर्द, सिर का भारीपन भी समाप्त होता है.
इस मुद्रा के करने से तनाव दूर होता है. कुबेर मुद्रा लगाने के साथ मन में यह सोचे कि मुझे क्या चाहिए? मेरे लिए क्या अच्छा है? ऐसे सकारात्मक विचार लाएं. जैसे आप सोचेंगे वैसा होना शुरू हो जायेगा. अग्नि, वायु और आकाश तत्वों के मिलने से तथा पृथ्वी तत्व और जल तत्वों को दबाने से आत्मविश्वास बढ़ता है और तनाव में कमी आती है.
विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola