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Vidur Niti: भूलकर भी न बताएं किसी को ये बातें, नहीं तो पछताना पड़ेगा जिंदगी भर

Updated at : 01 Feb 2025 1:10 PM (IST)
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Vidur Niti

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Vidur Niti: महात्मा विदुर की बताई नीतियां न सिर्फ महाभारत काल में प्रासंगिक थी, बल्कि वह आज के समय में भी प्रासंगिक हैं. विदुर की नीतियां मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं से जुड़ा हुआ है, जो कि व्यक्ति को आगे बढ़ने में मदद करती हैं.

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Vidur Niti: महाभारत महाकाव्य युद्ध और योद्धाओं के लिए जाना जाता है, लेकिन इस महाकाव्य में विदुर जैसे भी एक पात्र हैं, जिन्हें योद्धा के रूप में नहीं बल्कि उनकी नीतियों के लिए जाना जाता है. कुशल रणनीतिकार और नीतिज्ञ के कारण उन्हें हस्तिनापुर का प्रधानमंत्री बनाया गया था. उनकी बताई नीतियां न सिर्फ महाभारत काल में प्रासंगिक थी, बल्कि वह आज के समय में भी प्रासंगिक हैं. विदुर की नीतियां मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं से जुड़ा हुआ है, जो कि व्यक्ति को आगे बढ़ने में मदद करती हैं. ऐसे में महात्मा विदुर ने व्यक्ति को कुछ चीजों को करने के सावधानी बरतने की जरूरत होती है. भूलकर भी अपनी इन चीजों को किसी के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए.

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कभी न बताएं अपनी कमाई

विदुर नीति के अनुसार, व्यक्ति को अपनी धन, संपत्ति और कमाई और खर्चों की जानकारी किसी दूसरे के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए, क्योंकि कमाई जानकर लोगों में दोष और जलन की भावना पैदा होती है. इसके अलावा, व्यक्ति को अपने नुकसान की भी जानकारी नहीं बतानी चाहिए. इससे दूसरों को आपको और कमजोर करने का मौका मिलता है.

कमजोरी किसी से न करें साझा

विदुर नीति के मुताबिक, व्यक्ति को अपनी कमजोरी के बारे में किसी के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए, क्योंकि आपकी कमजोरी का दूसरा इंसान फायदा उठा सकता है. साथ ही अपने परिवार के झगड़े और समस्याओं को भी नहीं बतानी चाहिए. इससे समाज में घर-परिवार की छवि खराब होती है.

लक्ष्य और योजनाओं को न करें शेयर

महात्मा विदुर कहते हैं कि व्यक्ति को अपने आगामी लक्ष्य के बारे में किसी से भी बात नहीं करनी चाहिए, क्योंकि लोग आपके काम में अड़चन पैदा कर सकते हैं. ऐसे में सारी योजनाओं और लक्ष्यों को गु्प्त रखना ही बेहतर होता है. जब काम पूरा हो जाए, तो ही लक्ष्य और योजनाओं को उजागर करना चाहिए.

आध्यात्मिक और धार्मिक कार्य

विदुर नीति में बताया गया है कि व्यक्ति को आध्यात्मिक और धार्मिक कार्यों को उजागर नहीं करनी चाहिए, क्योंकि सार्वजनिक कर देने से इन चीजों का महत्व कम हो जाता है. साथ ही इनसे मिलने वाले लाभ भी कम हो जाते हैं.

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Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. प्रभात खबर इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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Shashank Baranwal

लेखक के बारे में

By Shashank Baranwal

जीवन का ज्ञान इलाहाबाद विश्वविद्यालय से, पेशे का ज्ञान MCU, भोपाल से. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल डेस्क पर कार्य कर रहा हूँ. राजनीति पढ़ने, देखने और समझने का सिलसिला जारी है. खेल और लाइफस्टाइल की खबरें लिखने में भी दिलचस्पी है.

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