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सुचेता सतीश ने रचा इतिहास, 140 भाषाओं में गाना गाकर बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

Updated at : 17 Jan 2024 3:15 PM (IST)
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सुचेता सतीश ने रचा इतिहास, 140 भाषाओं में गाना गाकर बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

केरल की रहने वाली सुचेता सतीश ने इतिहास रच डाला है. दरअसल, हाल ही में सुचेता ने 140 भाषाओं में गाना गाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराकर देश का मान बढ़ाया है.सुचेता ने अपनी प्रतिभा से यह साबित कर दिखाया है कि भारतीय बेटियां किसी भी मामले में कम नहीं हैं.

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जिस उम्र में बच्चे खेलना-कूदना पसंद करते हैं, उस उम्र में केरल की रहने वाली सुचेता सतीश को एक अलग ही शौक चढ़ा. उसने महज तीन साल की उम्र में गाना शुरू कर दिया. 10 साल की उम्र तक उसने 15 देसी-विदेशी भाषाओं में गाना गाने की कला में महारत हासिल कर ली. अलग-अलग भाषा सीखने की उसकी यह ललक यूं ही जारी रही. आज अपने इसी कौशल की बदौलत उसने इतिहास रच डाला है. दरअसल, हाल ही में सुचेता ने 140 भाषाओं में गाना गाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराकर देश का मान बढ़ाया है.

विगत माह पूर्व संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई में आयोजित ‘कॉन्सर्ट ऑफ क्लाइमेट’ नामक एक कार्यक्रम में एक भारतीय लड़की ने 140 अलग-अलग भाषाओं में गाना गाकर संगीत के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है. यह लड़की कोई और नहीं, बल्कि केरल की रहने वाली 19 वर्षीया सुचेता सतीश हैं, जो अभी दुबई में रहती हैं. कॉन्सर्ट ऑफ क्लाइमेट में उन्होंने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सबको हैरान कर दिया था. आश्चर्य की बात है कि दुनिया में आज तक कोई भी ये मुकाम हासिल नहीं कर पाया है. सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर सुचेता को सुरीली आवाज में गाना गाते हुए सुना जा सकता है, जो इन दिनों काफी वायरल है. सुचेता ने अपनी प्रतिभा से यह साबित कर दिखाया है कि भारतीय बेटियां किसी भी मामले में कम नहीं हैं.

महज तीन साल की उम्र में ही शुरू कर दिया गाना

सुचेता सतीश का जन्म 17 अगस्त, 2005 को केरल के कन्नूर में अयिलियथ सुमिता और डॉ. टीसी सतीश के घर हुआ था. जब वह महज 2 महीने की थीं, तब उनके माता-पिता दुबई शिफ्ट हो गये. तब से वह दुबई में ही रहती हैं. उनकी मां अयिलियथ सुमिता को संगीत से खासा लगाव था. वह जानी मानी म्यूजिक कंपोजर भी हैं. लिहाजा, सुचेता ने भी 3 साल की उम्र में ही गाना शुरू कर दिया. वहीं, गुरु पद्मावती और एनी डोमिनिक की देखरेख में 4 साल की उम्र से वह कर्नाटक संगीत सीखने लगीं. इसके बाद 10 साल की उम्र में उन्होंने बनारस घराने की गुरु सुजाता हरीश कुमार और जया प्रसाद से हिंदुस्तानी संगीत सीखना शुरू कर दिया. फिलहाल, वह आशा मेनन से संगीत सीख रही हैं. संगीत के साथ-साथ सुचेता पढ़ाई में भी अव्वल रही हैं. उनकी प्रतिभा को देखते हुए साल 2014 में उन्हें शेख हमदान पुरस्कार से नवाजा गया. अभी वह इंडियन हाइ स्कूल, दुबई की की छात्रा हैं. विदेशी भाषाएं सीखने में उनकी रुचि साल 2014 में एक जापानी मित्र के उनके घर आने के बाद शुरू हुई. उन्होंने सबसे पहले जापानी भाषा सीखीं. इसके बाद उन्होंने तागालोग और अरबी भाषा सीखीं.10 साल की उम्र तक उन्होंने 15 देसी-विदेशी भाषाओं में गाना गाने की कला में महारत हासिल कर ली. अलग-अलग भाषाएं सीखने की उनकी यह ललक आज भी बरबस जारी है.

इस तरह हुई अलग-अलग भाषाओं में गायन की शुरुआत

जापानी, तागालोग और अरबी में गाना गाने के बाद सुचेता को दर्शकों से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला. लोगों ने उनकी आवाज को काफी सराहा. इसके बाद उन्होंने दूसरी भाषाओं में भी हाथ आजमाना शुरू कर दिया. साल 2016 में पहली बार वह टेलीविजन कार्यक्रम अरेबियन स्टोरीज का हिस्सा बनीं.सुचेता काफी सौभाग्यशाली रही हैं, क्योंकि उन्हें बहुत कम उम्र में ही संगीत के कई दिग्गज कलाकारों से मिलने और उनका आशीर्वाद पाने का मौका मिला है. वह मशहूर गायिका पी.सुशीला को अपनी गॉडमदर मानती हैं. आठ वर्ष की छोटी उम्र से ही उनके लिए पी सुशीला प्रेरणास्रोत रही हैं. उन्हें भारत के पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉ एपीजे अब्दुल कलाम से मिलने का भी अवसर मिल चुका है. यहीं नहीं, सुचेता को ऑस्कर पुरस्कार विजेता संगीतकार एआर रहमान, केजे येसुदास, एसपी बालासुब्रमण्यम, केएस चित्रा और इसैगनानी इलियाराजा जैसे कई दिग्गज गायकों का आशीर्वाद प्राप्त हो चुका है. बेहद कम उम्र से ही उन्हें प्रेरित करने वाले अन्य लोगों में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संगीतकार एम जयचंद्रन भी शामिल हैं. उनके साथ उन्होंने हाल ही में एक सॉन्ग रिकॉर्ड किया था. इतना ही नहीं, वह गायक, गीतकार और संगीतकार अजयगोपाल के साथ भी काम कर चुकी हैं. उनके साथ उन्होंने अपने अधिकांश गाने रिकॉर्ड किये हैं.

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पीएम को समर्पित नमो-नमो विश्वगुरु भारत… गीत भी गाया

इसके अलावा, सुचेता ने बॉलीवुड संगीतकार मोंटी शर्मा के साथ भी कुछ गाने रिकॉर्ड किये हैं, जिनमें यूएई के दूरदर्शी नेता महामहिम शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम को समर्पित प्रतिष्ठित गीत फिफ्टी ग्लोरियस इयर्स… और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित नमो-नमो विश्वगुरु भारत… गीत शामिल है. वह हरिहरन, अनूप शंकर और विजय येसुदास जैसे नामचीन गायकों से मिलने और बातचीत करने के लिए खुद को भाग्यशाली मानती हैं. उनकी आदर्श श्रेया घोषाल हैं. सुचेता प्रसिद्ध अमीराती कवि डॉ शिहाब घनेम और संगीतकार/गायक देव चक्रवर्ती के साथ भी काम कर चुकी हैं, जिनके साथ उन्होंने कई अरबी गाने गाये हैं. उनकी मां अयिलियाथ सुमिता भी एक गीतकार हैं और उन्होंने उनके लिए कुछ गाने लिखे हैं, जिनमें मां तुझे सौ सलाम… भी शामिल है, जिसे उनके पिता के करीबी दोस्त डॉ विमल कुमार कलिपुरयथ ने संगीतबद्ध किया था और आधिकारिक तौर पर अभिनेता मोहनलाल ने जारी किया था. मलयालम अभिनेता ममूटी भी सुचेता की सुरीली आवाज के कायल हैं, जिन्होंने अपना पहला अरबी गीत जारी किया था. महज 19 साल की उम्र में सुचेता की यह उपलब्धि काफी अहम है.

साल 2018 में 102 भाषाओं में गाना गाकर बटोरीं सुर्खियां
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25 जनवरी, 2018 को सुचेता सतीश ने भारतीय वाणिज्य दूतावास ऑडिटोरियम दुबई में म्यूजिक बियॉन्ड बाउंड्रीज नामक एक सार्वजनिक कार्यक्रम में 6 घंटे और 15 मिनट तक 102 भाषाओं में गाना गाया और दो विश्व रिकॉर्ड बनाये. इस कार्यक्रम में संगीत प्रेमियों, वाणिज्य दूतों और दुबई में भारत के महावाणिज्य दूत विपुल सहित वाणिज्य दूतावास के कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया था. इस दौरान उन्होंने 102 भाषाओं में गाना गाकर गजल श्रीनिवास द्वारा बनाये गये 76 भाषाओं के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया. दूसरा विश्व रिकॉर्ड एक बच्चे द्वारा सबसे लंबे समय तक लाइव सिंगिंग कॉन्सर्ट का था, जब उन्होंने रोमानियाई लड़की आंद्रा गोगन का रिकॉर्ड तोड़ा, जिसने 3 घंटे और 20 मिनट में 55 गाने गाये थे. जबकि, सुचेता ने 6 घंटे और 15 मिनट तक लगातार गाना गाकर रिकॉर्ड बनाया. वहीं, 19 अगस्त, 2021 को सुचेता सतीश ने भारतीय वाणिज्य दूतावास सभागार दुबई में आयोजित एक कार्यक्रम में 120 भाषाओं में गाना गाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया. वह सिग्नेचर बैंड की सबसे कम उम्र की सदस्य थीं, जिसमें उनके पिता के डॉक्टर मित्र शामिल थे. उनका सपना संगीत को आगे बढ़ाना, अधिक भाषाएं सीखना और एक अंतरराष्ट्रीय कलाकार बनना है.

प्रोफाइल

  • जन्म-स्थान : 17 अगस्त 2005, कन्नूर, केरल

  • माता-पिता : अयिलियाथ सुमिता और डॉ टीसी सतीश

  • स्कूल : दुबई इंडियन हाइ स्कूल, संयुक्त अरब अमीरात

पुरस्कार और सम्मान

  • इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2018

  • फीफा वर्ल्ड कप 2018 के सभी मैच में गाये गीत

  • ओआइएससीए यूथ आइकॉन अवॉर्ड 2018

  • ग्लोबल चाइल्ड प्रोडिजी अवॉर्ड 2020

  • उज्ज्वला बाल्यम पुरस्कार 2020, केरल सरकार

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