Saudi Arabia : मिस यूनिवर्स 2024 में पहली बार दिखेगा सऊदी अरब का हुस्न

Rumy Alqahtani : सउदी अरब की सुंदरी रूमी पहली बार मिस यूनिवर्स 2024 प्रतियोगिता का हिस्सा बन रही हैं. यह ऐतिहासिक फैसला है
Saudi Arabia : सऊदी अरब की सुंदरी पहली बार मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में शिरकत करेंगी. मिस यूनिवर्स 2024 में सऊदी अरब की युवती रूमी अलकहतानी पहली बार भाग लेंगी. इस बात की जानकारी रूमी अलकहतानी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर दिया है.
रूमी ने इस बात की जानकारी इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिखकर दी. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है-मैं सम्मानित महसूस कर रही हूं कि मुझे यह मौका म���ला है. मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में यह सउदी अरब की पहली भागीदारी है. रूमी चकाचौंध वाली जगत के लिए नई नहीं हैं, उन्होंने इससे पहले मलयेशिया में भी ग्लोबल एशियन प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था.
मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में सउदी अरब की सुंदरी का भाग लेना ऐतिहासिक फैसला है. यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ सालों में सऊदी अरब साम्राज्य ने अपने देश में कई प्रगतिशील फैसले लिए हैं और उसी के तहत मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में देश की युवती की भागीदारी हो रही है.
Also Read Miss World 2024: खिताब से चूकीं सिनी शेट्टी, मगर भारत की बेटी ने जीता दिल
सऊदी अरब ने कई उदारवादी फैसले लेते हुए देश में पर्यटन को बढ़ावा देने का फैसला भी किया है. गौरतलब है कि 2018 में सउदी अरब ने महिलाओं के हित में कई फैसले किए थे, जिनमें से एक था उनके ड्राइविंग पर लगे बैन को हटाना. साथ ही सउदी अरब की सरकार ने महिलाओं के उत्थान के लिए भी कई कार्य किए.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By रजनीश आनंद
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.
राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.
रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.
आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.
रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










