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Parenting Tips: बच्चों की परवरिश के लिए पांडा पेरेंटिंग क्यों मानी जाती है बेस्ट?

Updated at : 01 Jan 2025 5:12 PM (IST)
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Panda Parenting Tips

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Parenting Tips: बच्चों को फ्रस्ट्रेशन, मेंटल स्ट्रेस और चिड़चिड़ेपन से छुटकारा दिलाने के लिए माता-पिता पांडा पेरेंटिंग अपना सकते हैं.

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Parenting Tips: हर मां-बाप अपने बच्चे की परवरिश बढ़िया तरीके से करना चाहते हैं. बच्चों को अच्छे संस्कार और अनुशासन सिखाने के लिए पेरेंट्स हर संभव प्रयास करते हैं. हालांकि तेजी से बदलती हुई इस दुनिया में बच्चों को भी कई तरह की समस्याएं झेलनी पड़ती हैं. दोस्ती, मोबाइल, कॉम्पटीशन और स्कूल ने बच्चों की जिंदगी को कठिन बना दिया है. जिसकी वजह से बच्चे फ्रस्ट्रेशन, मेंटल स्ट्रेस और चिड़चिड़ापन का शिकार हो जाते हैं. ऐसे में माता-पिता को बच्चे की परवरिश के लिए पांडा पेरेंटिंग अपनाना चाहिए. आइए जानते हैं कि पांडा पेरेंटिंग क्या होती है और इससे बच्चों को क्या-क्या फायदे होते हैं.

जानें क्या है पांडा पेरेंटिंग

पांडा पेरेंटिंग, पेरेंटिंग का एक तरीका होता है. इस पेरेंटिंग स्टाइल में बच्चों की मानसिक और शारीरिक जरूरतों के साथ भावनात्मक जरूरतों का भी ख्याल माता-पिता रखते हैं. माता-पिता इस पांडा पेरेंटिंग में बच्चों को अपने फैसले लेने के लिए आजाद कर देते हैं. हालांकि, जब बच्चा रास्ता भटकने लगता है तो पेरेंट्स उसकी मदद के लिए जरूर आगे आते हैं. इस पेरेंटिंग स्टाइल में बच्चे की परवरिश स्ट्रेस फ्री और खुशनुमा माहौल में की जाती है.

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पांडा पेरेंटिंग के फायदे

आत्मविश्वास में वृद्धि

पांडा पेरेंटिंग से बच्चों की परवरिश करने पर उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, क्योंकि इस स्टाइल में बच्चों को अपने निर्णय लेने की आजादी रहती है. वे अपने मन मुताबिक काम करते हैं. साथ ही इस तरीके की परवरिश से बड़े हुए बच्चे को अपनी बात रखने में हिचकिचाहट महसूस नहीं होती है.

पेरेंट्स से अच्छे संबंध

जब बच्चे की परवरिश के लिए माता-पिता पांडा पेरेंटिंग को अपनाते हैं तो उन्हें अपनी इच्छाओं पर काम करने के लिए मजबूर नहीं करते हैं. ऐसे में पेरेंट्स और बच्चों के बीच संबंध अर्थात बॉन्ड मजबूत होता है. साथ ही यह बच्चे को सेल्फ मोटिवेट करने में मदद करता है.

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शारीरिक और मानसिक विकास

बच्चे की परवरिश अगर पांडा पेरेंटिंग स्टाइल से की जाती है तो यह उनके शारीरिक और मानसिक विकास में काफी फायदा पहुंचाती है, क्योंकि इस तरीके की पेरेंटिंग में बच्चों का पालन पोषण शांतिपूर्ण और तनाव मुक्त वातावरण में की जाती है.

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Shashank Baranwal

लेखक के बारे में

By Shashank Baranwal

जीवन का ज्ञान इलाहाबाद विश्वविद्यालय से, पेशे का ज्ञान MCU, भोपाल से. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल डेस्क पर कार्य कर रहा हूँ. राजनीति पढ़ने, देखने और समझने का सिलसिला जारी है. खेल और लाइफस्टाइल की खबरें लिखने में भी दिलचस्पी है.

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