New Blood Test : नई ब्लड टेस्ट से सिर और गले के कैंसर का पता 10 साल पहले लगाना संभव
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 06 Oct 2025 9:00 AM
कैंसर की पहचान के लिए खून की जांच (सांकेतिक तस्वीर AI )
New Blood Test : शोधकर्ताओं ने बताया कि कैंसर को जल्दी पकड़ने से मरीजों का इलाज सफल होने की संभावना बढ़ती है और उन्हें कम कठोर इलाज की जरूरत पड़ती है. नई ब्लड टेस्ट को लेकर जानें क्या कहा?
New Blood Test : वैज्ञानिकों ने एक नई ब्लड टेस्ट विकसित की है, जो सिर और गले के कैंसर को उसके लक्षण दिखाई देने से 10 साल पहले पहचानने में मदद कर सकती है. हार्वर्ड से जुड़े मास जनरल ब्रिघम के शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन Journal of the National Cancer Institute में प्रकाशित किया है. शोधकर्ताओं ने बताया कि अगर कैंसर को जल्दी पकड़ा जाए, तो मरीजों का इलाज सफल होने की संभावना बढ़ जाती है और उन्हें कम कठिन और कम समय वाला इलाज करना पड़ता है. यह टेस्ट भविष्य में समय रहते कैंसर का पता लगाने और मरीजों की जान बचाने में सहायक हो सकती है.
नई लिक्विड बायोप्सी टेस्ट की गई तैयार
अध्ययन में पाया गया कि मानव पैपिलोमा वायरस (HPV) अमेरिका में सिर और गले के कैंसर के लगभग 70 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार है, जिससे यह वायरस से होने वाला सबसे आम कैंसर बन जाता है. इसके बावजूद, HPV से जुड़े सिर और गले के कैंसर के लिए कोई जांच (स्क्रीनिंग) टेस्ट उपलब्ध नहीं है. इस समस्या को हल करने के लिए शोधकर्ताओं ने एक नई लिक्विड बायोप्सी टेस्ट बनाई है, जिसे HPV-DeepSeek कहा जाता है. यह टेस्ट HPV से जुड़े सिर और गले के कैंसर को जल्दी पहचान सकती है, यानी लक्षण दिखाई देने से पहले ही इसका पता लगाया जा सकता है.
कैंसर को शुरुआती चरणों में पकड़ने में मदद करेगी ये तकनीक
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के असिस्टेंट प्रोफेसर डैनियल एल. फाडेन (इस अध्ययन के प्रमुख लेखक) ने कहा कि “हमारे अध्ययन से पहली बार यह दिखाया गया है कि हम बिना किसी लक्षण वाले लोगों में HPV से जुड़े कैंसर को सटीक रूप से कई साल पहले पहचान सकते हैं.” यह खोज कैंसर की समय रहते पहचान और इलाज में बहुत मददगार साबित हो सकती है. उन्होंने कहा कि “हम उम्मीद करते हैं कि HPV-DeepSeek जैसी तकनीकें कैंसर को शुरुआती चरणों में पकड़ने में मदद करेंगी, जिससे इलाज बेहतर होगा और मरीजों की जीवन गुणवत्ता भी सुधरेगी.”
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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