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25 से 30 साल के युवा इन बीमारियों की वजह से बन रहे नामर्द, अभी जान लें नहीं तो होंगे शर्मिंदा

Updated at : 20 Jun 2025 10:40 PM (IST)
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Worried Man

Worried Man, Pic Credit- Freepik

Mens Sexual Health: युवाओं में इरेक्टाइल डिसफंक्शन आजकल तेजी से बढ़ती जा रही है. 25 से 30 साल के पुरुष गलत लाइफस्टाइल, हार्मोनल गड़बड़ी, डायबिटीज, अवसाद, परफॉर्मेंस एंजाइटी और स्मोकिंग जैसी वजहों से इस परेशानी से जूझ रहे हैं. इस लेख में जानिए इरेक्शन की परेशानी के कारण जानेंगे.

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Men’s Sexual Health: इरेक्टाइल डिसफंक्शन (Erectile Dysfunction) पुरुषों में पायी जाने वाली आम बीमारी है. पहले यह समस्या 40 साल से ऊपर के पुरुषों में होती थी, लेकिन अब ये समस्याएं 25 से 30 साल युवाओं में भी देखने को मिल रहा है. इसका बड़ा कारण उनकी लाइफ स्टाइल है, जिसकी वजह से वह वक्त से पहले ही डायबिटीज समेत कई बीमारियों का शिकार हो जाते हैं. इस कारण यौन संबंध बनाने के दौरान पर्याप्त इरेक्शन (तनाव) नहीं मिल पाता है. जिस वजह से उन्हें अपने पार्टनर के सामने शर्मिंदा होना पड़ता है. इसका मुख्य कारण है लिंग में पर्याप्त रक्त प्रवाह का न होना.

युवाओं में इरेक्टाइल डिसफंक्शन के आंकड़े

NCBI की एक रिपोर्ट के मुताबिक 20 से 29 साल के करीब 8% पुरुष इस बीमारी के शिकार हैं. वहीं, 30 से 39 साल के करीब 11% पुरुष इस परेशानी से प्रभावित हैं.

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इरेक्टाइल डिसफंक्शन के मुख्य लक्षण

इरेक्शन पाने में परेशानी
इरेक्शन बनाए रखने में दिक्कत
यौन संबंध बनाने में रुचि कम हो जाना
आत्मविश्वास की कमी

इसके मुख्य कारण

हार्मोनल असंतुलन
टेस्टोस्टेरोन की कमी के कारण इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्याएं हो सकती हैं. इसके अलावा प्रोलैक्टिन हार्मोन का लेवल बढ़ने या थायरॉयड की गड़बड़ी के वजह से भी इरेक्शन में दिक्कत होती है.
डायबिटीज
उच्च ब्लड शुगर से नसें और रक्तवाहिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिससे इरेक्शन में परेशानी होती है.

अवसाद (डिप्रेशन)
दिमाग सेक्सुअल इच्छा का मुख्य स्रोत है. अवसाद के चलते दिमाग में केमिकल असंतुलन होता है, जिससे सेक्स ड्राइव कम हो जाती है.

यौन संबंध बनाने से पहले परफॉर्मेंस को लेकर चिंता होना
युवा पुरुष अक्सर यौन संबंध बनाने से पहले अपने परफॉर्मेंस को लेकर तनाव में रहते हैं. जिससे इरेक्शन हासिल करने में परेशानी होती है.

स्मोकिंग भी रक्त संचार को करता है प्रभावित
निकोटीन भी शरीर में रक्त संचार को प्रभावित करता है, जिससे इरेक्शन पाने में बाधा आती है.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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