History of the Samosa: ऐसे हुए स्वाद से भरे चटपटे समोसे की शुरुआत, जानें मजेदार इतिहास

History of the Samosa: समोसे का इतिहास बहुत पुराना है. यह मीलों दूर ईरान से बहुत पहले भारत आया था. समोसे को तिकोना बनाना कब शुरू किया गया, इसके बारे में तो किसी को नहीं पता, लेकिन ऐसी ही डिश ईरान में पाई जाती थी. समोसा खाना लोगों की पसंद तो है ही, यहां हम आपको इसका मजेदार इतिहास शेयर करने जा रहे हैं
History of the Samosa: नाश्ते के रूप में समोसा भारतीय की खास पसंद है. इसे अलावापिकनिक, मेहमान आए हों या दोस्त, समोसे के स्वाद के बिना कोई भी पार्टी पूरी नहीं होती. अधिकतर लोग इसे चाय के साथ (Chai Samosa) खाना पसंद करते हैं, तो ऐसे लोगों की भी कमी नहीं जो इसे छोले, चटनी, सब्जी या अन्य कई चीजों के साथ खाते हैं. समोसा खाना लोगों की पसंद तो है ही, यहां हम आपको इसका मजेदार इतिहास शेयर करने जा रहे हैं
समोसे का इतिहास बहुत पुराना है. यह मीलों दूर ईरान से बहुत पहले भारत आया था. समोसे को तिकोना बनाना कब शुरू किया गया, इसके बारे में तो किसी को नहीं पता, लेकिन ऐसी ही डिश ईरान में पाई जाती थी. फारसी में इसका नाम ‘संबुश्क’ (sanbusak) था, जो भारत आते-आते समोसा हो गया. कई जगहों पर इसे Sambusa और samusa भी कहा जाता था. समोसा को दक्षिण एशिया में मुस्लिम दिल्ली सल्तनत के दौरान पेश किया गया था जब मध्य पूर्व और मध्य एशिया के रसोइए सुल्तान की रसोई में काम करने के लिए आए थे.
बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में इसे सिंघाड़ा (Singhara) कहा जाता है. ऐसा इसलिए, क्योंकि यह पानी फल सिंघाड़ा की तरह दिखता है.पहली बार समोसे का जिक्र 11वीं सदी के इतिहासकार अबुल-फल बेहाकी के लेख में मिलता है, जिन्होंने गजनवी के दरबार में ऐसी ही नमकीन चीज का जिक्र किया ता, जिसमें कीमा और मावे भरे होते थे.
मीट समोसा
मीट समोसा उत्तर भारत और पाकिस्तान में भी आम हैं, जिनमें कीमा बनाया हुआ मांस, भेड़ का बच्चा और चिकन सबसे लोकप्रिय भरावन है. पनीर उत्तरी भारत में एक और लोकप्रिय फिलिंग है.
समोसा गर्म परोसा जाता है, और आमतौर पर पुदीना, गाजर, या इमली जैसी ताज़ी चटनी खाई जाती है. पंजाबी घरों में, ‘ढाबों’, और गली के स्टालों में, समोसा को ‘चना’ नामक चने की सब्जी के साथ परोसा जाता है.
भारतीय स्ट्रीट फूड में एक और लोकप्रिय विविधता समोसा चाट है. समोसे के ऊपर दही, इमली की चटनी, बारीक कटा प्याज और मसाला डाला जाता है. विपरीत स्वाद, बनावट और तापमान सनसनीखेज है.
स्ट्रीट फूड गैस्ट्रोनोम्स, विशेष रूप से मुंबई और महाराष्ट्र में, समोसा पाव से परिचित हैं. यह एक समोसा है जिसे ताजा बन या बाप में परोसा जाता है, और यह एक भारतीय समोसा बर्गर की तरह है.
एक कहानी तो यह भी है कि दसवीं सदी के दौरान महमूद गजनवी के दरबार में एक शाही पेस्ट्री पेश की जाती थी, जिसमें कीमा स्टफिंग होती थी. जो काफी हद तक समोसे जैसी ही होती थी.
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By Shaurya Punj
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