1. home Hindi News
  2. life and style
  3. hindi diwas special amazing techniques available for users write hindi with fingers translate by speaking in other languages latest google translate microsoft translator app news smt

Hindi Diwas 2020 : हिंदी में बोल कर कैसे करें अन्य भाषा में अनुवाद, जानें अंगुलियों से हिंदी लिखने समेत ये अद्भुत तकनीकें

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Hindi Diwas 2020, kaise kare hindi typing
Hindi Diwas 2020, kaise kare hindi typing
Prabhat Khabar Digital

Hindi Diwas 2020, kaise kare hindi typing : सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक विविधता से पूर्ण भारत जैसे देश को एक सूत्र में पिरोने के महती कार्य में हिंदी भाषा ने अग्रणी भूमिका निभायी है और यह प्रक्रिया सतत जारी है. सिनेमा और साहित्य के साथ-साथ संवाद का प्रमुख माध्यम हिंदी ही है. अत्याधुनिक तकनीक और तीव्र गति से संचालित वर्तमान से हिंदी का न केवल तालमेल समुचित है, बल्कि उसकी उपयोगिता एवं उपादेयता का विस्तार भी हो रहा है.

सुगम और सरस होने के कारण वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान-सम्मान अर्जित कर रही है तथा अन्य भाषा व संस्कृति के लोगों के आकर्षण का केंद्र बनती जा रही है. हिंदी दिवस के पावन अवसर पर अपनी भाषा के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन के साथ उसे समृद्ध करते रहने की प्रतिबद्धता के संकल्प को दुहराया जाना चाहिए. भाषा एक नदी के समान होती है, इसलिए वह केवल संप्रेषण और अभिव्यक्ति का माध्यम एवं साधन मात्र नहीं है. उसके अस्तित्व के साथ हमारा अस्तित्व भी आबद्ध होता है. अत: उसकी संपन्नता में ही हमारा कल्याण है. हिंदी के दायरे के विस्तार के कुछ सिरों को जानने-समझने के प्रयास के साथ प्रस्तुत है यह विशेष आयोजन...

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बदौलत हिंदी में ऐसे बहुत से काम करना संभव हो गया है, जिन्हें कभी हम विज्ञान की फिल्मों में देखा करते थे. आप हिंदी में बोलें और सामनेवाला उसे अंग्रेजी में सुन सके. आप अंग्रेजी में पावरप्वाइंट प्रेजेन्टेशन बनायें और जरूरत पड़ने पर उसे पलक झपकते ही किसी भी दूसरी भाषा में अनुवाद कर लें. अपने कंप्यूटर पर अपनी हस्तलिपि में लिखें और कंप्यूटर उसे पहचानकर टाइप किये हुए टेक्स्ट में बदल दे. स्पीकर जैसे दिखनेवाले एक उपकरण से आप हिंदी में कुछ कहें और वह उसका जवाब भी दे. यह सब सुनकर कैसा लगता है? शायद आप कहेंगे कि अच्छी कल्पना की है. लेकिन यह सब हकीकत है.

हिंदी में यूजर के स्तर पर हम भले ही कोई बहुत बड़ा तीर नहीं मार रहे हों, लेकिन बहुराष्ट्रीय कंपनियां एक के बाद एक ऐसे फीचर ला रही हैं, जिन्होंने हिंदी तकनीक का कायाकल्प कर दिया है. पहले क्लाउड और फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने के बाद स्थितियां बहुत बदल चुकी हैं. खासकर पिछले पांच साल में इतना बदलाव आ चुका है कि बदलाव की यह रफ्तार आश्चर्चयकित कर देती है.

हिंदी में बोल कर अन्य भाषा में अनुवाद

माइक्रोसॉफ्ट ट्रांसलेटर को ही लीजिए. इसे अपने एंड्रोइड मोबाइल फोन पर निःशुल्क डाउनलोड कीजिए और फिर देखिए कमाल. इस मोबाइल एप्प की होम स्क्रीन पर दिये माइक्रोफोन बटन पर क्लिक कीजिए और बोलना शुरू कीजिए. आपकी बोली हुई बातें स्क्रीन पर लिखकर आने लगेंगी. इतना ही नहीं, जिस भाषा को आपने पहले से निर्धारित किया है, उसमें अनुवाद भी होने लगेगा, जो आपको स्क्रीन पर दिखाई देगा. अगर यह पर्याप्त नहीं है, तो शायद आप तब भौंचक्के रह जायेंगे, जब यह एप्लीकेशन उस दूसरी भाषा में अनुवाद हुए टेक्स्ट को पढ़कर भी सुनायेगा, यानी बोली हुई भाषा का बोली हुई भाषा में अनुवाद. जरा सोचिए कि आप किसी भी दूसरे देश या प्रांत में घूमने के लिए जाते हैं, तो अब आपके लिए भाषायी दीवारों का कोई अस्तित्व नहीं है.

अंगुलियों से लिखें हिंदी

गूगल इंडिक इनपुट का इस्तेमाल आप मोबाइल फोन पर करते ही होंगे. शायद आपने उसमें टाइपिंग के लिए हिंदी कीबोर्ड का इस्तेमाल किया होगा और बहुत संभव है कि बोल कर टाइप करने की सुविधा को भी आजमाया हो. लेकिन इसी कीबोर्ड में एक ऐसा विकल्प है, जिस पर आपका ध्यान संभवतः नहीं गया होगा और वह है अपनी उंगलियों से स्क्रीन पर लिखने का फीचर. आप चाहें, तो इसके लिए किसी स्टाइलस (टचस्क्रीन पर इस्तेमाल होनेवाला पेन जैसा उपकरण) का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

आप हिंदी में अपनी ही लिखावट में लिखना शुरू कीजिए और देखिए कि वह किस तरह से टाइप किये गये टेक्स्ट में तब्दील होता जा रहा है. इतना ही नहीं, आप चाहें तो इसका मनचाही भाषा में अनुवाद भी कर सकते हैं.

यह सुविधा सिर्फ मोबाइल तक ही सीमित नहीं है. अगर आप विंडोज 10 कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं, तो अपनी टास्कबार पर राइट क्लिक करके ‘शो टच कीबोर्ड बटन’ पर क्लिक कीजिए, जिससे एक कीबोर्ड का आइकन टास्कबार पर अवतरित हो जायेगा. अब उस पर क्लिक कीजिए, जिससे आपकी स्क्रीन पर एक कीबोर्ड उभर आयेगा. इसके सबसे ऊपरी बायें कोने में दिये कीबोर्ड के आइकन को दबाइए और फिर दिखाई देनेवाले कई आइकन्स में से तख्ती (स्लेट) जैसे दिखनेवाले आइकन पर क्लिक कीजिए. अब देखिए कमाल. आपकी स्क्रीन पर जो पैनल दिखाई दे रहा है, उस पर माउस, उंगली या स्टाइलस की मदद से जो भी लिखेंगे, वह पीछे खुले हुए वर्ड डॉक्यूमेंट (या किसी भी दूसरी फाइल) में खुद ब खुद टाइप होने लगेगा.

प्रेजेंटेशन के अन्य भाषाओं में अनुवाद की सुविधा

पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन बनाने के लिए सबसे लोकप्रिय एप्लीकेशन है, लेकिन जिन लोगों को अलग-अलग स्थानों पर जाकर प्रस्तुति देनी होती है, उनके सामने भाषा की रुकावट आ जाती है. माना कि आपने हिंदी में कोई प्रेजेंटेशन बनायी है. अगर आपको इसे अंग्रेजी या तमिल में प्रस्तुत करना पड़ जाए, तो क्या करेंगे? आप कहेंगे कि पूरी प्रेजेंटेशन दोबारा बनानी पड़ेगी. जी नहीं, आप पावरप्वाइंट के लिए एक एड-इन डाउनलोड कर लीजिए, जिसका नाम है- प्रेजेंटेशन ट्रांसलेटर. इसे इन्स्टॉल करने के बाद पावर प्वाइंट के स्लाइड शो टैब में अनुवाद करने के लिए एक बटन आ जायेगा. इसे दबाइए, पसंद की भाषा बताइए और दो-चार सैकंड इंतजार कीजिए. लीजिए, आपकी पूरी की पूरी हिंदी प्रेजेंटेशन अंग्रेजी, तमिल, बंगला, उर्दू या दूसरी मनचाही भाषा में तब्दील हो गयी.

हिंदी भी सुनने लगे हैं स्मार्ट उपकरण

और अंत में स्मार्ट स्पीकर की बात. अमेजॉन की अलेक्सा ईको डिवाइस या गूगल का गूगल होम ऐसे स्मार्ट उपकरण हैं, जो आपके साथ हिंदी में बातचीत करने में सक्षम हैं. दोनों के साथ यूजर के संवाद का तरीका एक सा है. आप उन्हें कुछ बोलकर निर्देश देते हैं या पूछते हैं और दोनों ही आपकी कही हुई बातों पर अमल करते हैं. वे इंटरनेट से आपके लिए कुछ खोज कर ला सकते हैं. अलेक्सा आपकी फरमाइश पर खबरें और संगीत भी सुना सकती है. इतना ही नहीं, वह आपके घर की बत्तियां तक बुझाने का काम कर सकती है.

हालांकि उसके लिए एक खास किस्म का उपकरण आपको अपने घर के बिजली के सर्किट के साथ जोड़ना होता है. दूसरी ओर गूगल होम से हिंदी में बतियाइए और वह आपको दुनिया जहान की जानकारियां लाकर दे देगा. आसपास के अस्पतालों की जानकारी लेनी हो, कल कैसा मौसम रहेगा, इसका पता करना हो या फिर शहर के किस इलाके में ट्रैफिक फंसा हुआ है, यह जानना हो, गूगल होम से पूछिए और वह तपाक से हिंदी में जवाब दे देगा. क्या अब भी कहने की जरूरत है कि तकनीक के साथ हिंदी और हिंदी के साथ तकनीक कितनी गहराई से जुड़ चुकी हैं?

बालेंदु शर्मा दाधीच

तकनीक विशेषज्ञ

Posted By : Sumit Kumar Verma

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें