Gardening Tips For Beans: सेहत और स्वाद से भरपूर बीन्स पाए घर पर, जानिए देखभाल का सही तरीका

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Gardening Tips For Beans: बीन्स कई तरह की होती हैं, जैसे बुश बीन्स और पोल बीन्स, और ये दोनों ही घर पर बागवानी के लिए एकदम सही हैं. सही मिट्टी, धूप और थोड़ी सी देखभाल से, कोई भी - यहाँ तक कि शुरुआती भी - घर पर बीन्स सफलतापूर्वक उगा सकता है. यह ताज़ी, जैविक सब्जियों का आनंद लेने और प्रकृति से जुड़ने का एक शानदार तरीका है.
Gardening Tips For Beans: घर पर बीन्स उगाना एक आसान और फ़ायदेमंद अनुभव है, भले ही आपके पास सीमित जगह हो. चाहे आपके पास बगीचा हो, बालकनी हो, या बस कुछ गमले हों, बीन्स कम से कम मेहनत में फल-फूल सकती हैं. ये तेज़ी से बढ़ती हैं, ज़्यादा देखभाल की ज़रूरत नहीं होती, और कुछ ही हफ़्तों में ताज़ा और स्वस्थ फसल देती हैं. बीन्स कई तरह की होती हैं, जैसे बुश बीन्स और पोल बीन्स, और ये दोनों ही घर पर बागवानी के लिए एकदम सही हैं. सही मिट्टी, धूप और थोड़ी सी देखभाल से, कोई भी – यहाँ तक कि शुरुआती भी – घर पर बीन्स सफलतापूर्वक उगा सकता है. यह ताज़ी, जैविक सब्जियों का आनंद लेने और प्रकृति से जुड़ने का एक शानदार तरीका है.
सही प्रकार की फलियाँ चुनें
इसके दो मुख्य प्रकार हैं:
बुश बीन्स – सघन आकार में उगते हैं, इन्हें सहारे की ज़रूरत नहीं होती. गमलों के लिए उपयुक्त. पोल बीन्स – चढ़ने वाली किस्म, इन्हें सहारे (छड़/जाली) की ज़रूरत होती है. ये ज़्यादा समय तक फल देती हैं. आपके पास जितनी जगह है, उसके आधार पर चुनाव करें.
धूप वाली जगह चुनें
बीन्स को धूप पसंद है. ऐसी जगह चुनें जहाँ रोज़ाना कम से कम 6-8 घंटे सीधी धूप मिले. घर के अंदर? इन्हें धूप वाली खिड़की या बालकनी के पास रखें.
अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का इस्तेमाल करें
बीन्स ढीली, अच्छी जल निकासी वाली और जैविक पदार्थों से भरपूर मिट्टी में सबसे अच्छी तरह उगती हैं. रोपण से पहले मिट्टी में कम्पोस्ट या पुरानी खाद मिलाएँ.
पानी देना
मिट्टी को समान रूप से नम रखें, खासकर फूल आने और फलियाँ बनने के दौरान. ज़्यादा पानी न डालें – गीली, नम मिट्टी जड़ों को सड़ने का कारण बन सकती है. फफूंद जनित रोगों से बचाव के लिए सुबह जल्दी पानी दें.
रोपण सुझाव
बीजों को सीधे मिट्टी में बोएँ – फलियाँ अच्छी तरह से रोप नहीं पातीं. बीजों को 1 इंच गहरा और 2-4 इंच की दूरी पर बोएँ. खंभे वाली फलियों के लिए, रोपण के समय एक सहारा देने वाली छड़ी या जाली लगाएँ.
खंभे वाली फलियों के लिए सहारा
चढ़ने वाली फलियों के लिए छड़ियों, बाँस के डंडों या खड़ी जाली का प्रयोग करें. 3-4 डंडों से एक टीपी आकार बनाएँ और बेलों को प्राकृतिक रूप से चढ़ने दें.
उर्वरक
फलियों को भारी उर्वरकों की आवश्यकता नहीं होती. बहुत अधिक नाइट्रोजन = अधिक पत्तियाँ, कम फलियाँ. रोपण के समय कम्पोस्ट या वर्मीकम्पोस्ट डालें. हर 2-3 हफ़्ते में तरल उर्वरक की एक हल्की खुराक पर्याप्त है.
कीट और सुरक्षा
एफिड्स, बीटल्स और कैटरपिलर से सावधान रहें. कीटों को दूर रखने के लिए नीम के तेल का स्प्रे या घर पर बना लहसुन का स्प्रे इस्तेमाल करें. प्राकृतिक कीट विकर्षक के रूप में पास में गेंदा उगाएँ.
कटाई
बीन्स बोने के लगभग 50-60 दिनों में तैयार हो जाती हैं. बेहतरीन स्वाद के लिए फलियाँ जब पकी और छोटी हों, तब तोड़ लें. ज़्यादा देर तक इंतज़ार न करें—पुरानी फलियाँ रेशेदार और सख्त हो जाती हैं.
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By Prerna
मैं प्रेरणा प्रभा पिछले 4 साल से डिजिटल मीडिया में काम कर रही हूं. मैंने लगभग 3 साल ग्राउन्ड रिपोर्टिंग करके सरकार से जुड़े कई मुद्दों को उठाया है, इसके साथ ही कई और बड़ी खबरों को कवर किया है. अभी फिलहाल में प्रभात खबर के लाइफस्टाइल और हेल्थ के सेक्शन में खबरें लिखती हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जो भी पाठक लाइफस्टाइल और हेल्थ के बारे में कुछ खोज रहे हो उन्हें में वो खबरें सरल और आसान भाषा में लिख कर दे सकूं.
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