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Christmas 2022: कर लें तैयारी क्रिसमस की, अगले रविवार को मनाया जाएगा ये पर्व, जानें इसका इतिहास और महत्व

Updated at : 17 Dec 2022 7:55 AM (IST)
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Christmas 2022: कर लें तैयारी क्रिसमस की, अगले रविवार को मनाया जाएगा ये पर्व, जानें इसका इतिहास और महत्व

Christmas 2022: ईसाई समुदाय की मान्यताओं के अनुसार, Lord Jesus यानी जीसस क्राइस्ट का जन्म बैथलहम में मैरी और जोसेफ के घर हुआ था.सेक्सटस जूलियस अफ्रीकानस ने 221 ई. में पहली बार 25 दिसंबर को जीसस के बर्थडे के रूप में मनाया था.

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Christmas 2022:  क्रिसमस ईसाई समुदाय का सबसे प्रमुख त्यौहार है जो हर साल 25 दिसंबर को मनाया जाता है. दुनिया के अधिकांश हिस्सों में इसे जीसस क्राइस्ट के जन्मदिवस के रूप में जश्न मनाया जाता है. यूरोपियन देशों में तो इस दिन कई लोग जुलूस भी निकालते हैं, जिसमें प्रभु यीशु की झांकियां प्रस्तुत की जाती हैं. आइए आपको इस त्यौहार का इतिहास और महत्व को विस्तार से बताते हैं.

कैसे शुरू हुआ क्रिसमस-डे?

ईसाई समुदाय की मान्यताओं के अनुसार, Lord Jesus यानी जीसस क्राइस्ट का जन्म बैथलहम में मैरी और जोसेफ के घर हुआ था.सेक्सटस जूलियस अफ्रीकानस ने 221 ई. में पहली बार 25 दिसंबर को जीसस के बर्थडे के रूप में मनाया था.इस दिन को क्रिसमस-डे कहने का एक कारण ये भी था कि रोमन लोग विंटर सोलस्टाइस (Winter Solstice) के दौरान 25 दिसंबर को सूर्य के जन्म के रूप में मनाते थे.एक राय ये भी है कि merry ने दुनिया के निर्माण की चौथी तारीख (25 मार्च) को गर्भधारण किया था.इसके ठीक 9 महीने बाद मतलब 25 दिसंबर को जीसस क्राइस्ट (Lord Jesus) का जन्म हुआ.

इसके बाद लगभग चौथी शताब्दी में 25 दिसंबर को यीशु मसीह का जन्मदिवस घोषित किया गया. जिसके बाद वर्ष 1836 में अमेरिका में क्रिसमस डे को आधिकारिक रूप से मान्यता मिली और 25 दिसंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया. तब से इस दिन को महत्वपूर्ण मानते हुए क्रिसमस के रूप में मनाया जाता है.

क्रिसमस का महत्व

क्रिसमस का महत्व ईसाइयों के लिए बहुत अधिक होता है.प्रभु यीशु  के जन्म के अवसर पर यह त्योहार मनाया जाता है.क्रिसमस का पर्व ईसाइयों में ही नहीं सभी धर्मों में पूरे धूमधाम से मनाया जाता है.बहुत कम लोगों को यह जानकारी होगी की क्रिसमस का पर्व 1 दिन का नहीं बल्कि पूरे 12 दिन का पर्व है और यह पर्व क्रिसमस की पूर्व संध्या से शुरू हो जाता है.क्रिसमस ईव यानि क्रिसमस की पूर्व संध्या धार्मिक और गैर-धार्मिक दोनों परंपराओं से जुड़ी है. इन परम्पराओं का मुख्य केंद्र प्रभु यीशु का जन्म है. ईसाई धर्म में भी अपनी विभिन्न संप्रदाय हैं जिनकी अलग  परंपराएं हैं.इस दिन  रोमन कैथोलिक और एंग्लिकन मिडनाइट मास का आयोजन करते हैं.लुथेरन कैंडल लाइट सर्विस और क्रिसमस कैरोल के साथ जश्न मनाते हैं.कई एवेंजेलिकल चर्च में शाम की सेवाओं का आयोजन होता है जहां परिवार पवित्र भोज बनाते हैं.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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