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Gita Updesh: रोज-रोज के लड़ाई-झगड़ों से हो चुके हैं परेशान? भगवद गीता का यह उपाय आएगा काम

Updated at : 11 Sep 2025 8:28 AM (IST)
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Gita Updesh

Gita Updesh: क्या आप रोज-रोज के झगड़े और कलह कलेश से परेशान हैं? जानें गीता का वो उपदेश, जिससे जीवन में लौट सकती है शांति.

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Gita Updesh: आज के समय में हर कोई अपने अधिकारों की मांग तो करता है, लेकिन अपने कर्तव्यों को निभाने से बचता है. और यही वजह है कि घर-परिवार से लेकर समाज तक में झगड़े और अशांति की स्थिति पैदा होती है. भगवद गीता में यह बात बताई गई है कि – अधिकार पाने का सबसे आसान रास्ता कर्तव्यों का पालन है. जब हम अपने दायित्वों को समझकर पूरा करते हैं, तो अधिकार अपने आप मिल जाते हैं और जीवन में शांति बनी रहती है.

भगवद गीता कोट्स इन हिन्दी (Bhagvad Gita Quotes)

वर्तमान समय में अशांति, कलह और संघर्ष का कारण यह है कि लोग अधिकार की मांग करते हैं, किंतु कर्तव्यों का पालन नहीं करते. कर्तव्य पालन से अधिकार स्वयं प्राप्त होते हैं.
– भगवद गीता

Gita Updesh: अधिकार के लिए लड़ने से पहले – कर्तव्यों का करें पालन

Gita updesh in hindi

आज की पीढ़ी अधिकारों को लेकर बहुत सजग है. हर कोई चाहता है कि उसे उसके हिस्से का सम्मान और सुविधाएं मिलें. लेकिन सोचने वाली बात यह है कि अगर हर व्यक्ति केवल अपने अधिकारों की ही मांग करेगा और अपने कर्तव्यों को निभाने से बचता रहेगा, तो समाज का संतुलन बिगड़ना तय है.
गीता का संदेश यही है कि अधिकार कभी मांगने से नहीं बल्कि कर्तव्यों के पालन से हासिल होते हैं.

जैसे-

  • विद्यार्थी अगर पढ़ाई में मेहनत करेगा तो उसे अच्छे अंक और सफलता स्वतः मिलेगी.
  • एक कर्मचारी अगर ईमानदारी से काम करेगा तो उसे वेतन और सम्मान भी मिलेगा.
  • परिवार में अगर हर सदस्य अपने कर्तव्यों को निभाए तो घर में कभी कलह नहीं होगी.

इसलिए जीवन को सरल और शांतिपूर्ण बनाने के लिए कर्तव्यों का पालन सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए.

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कर्तव्य बोध क्यों है जरूरी?

Why is the sense of duty important: कर्तव्य बोध हमें न केवल ज़िम्मेदारी का एहसास कराता है, बल्कि रिश्तों और समाज में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा भी देता है. जब हम अपने दायित्व निभाते हैं तो-

  • आपसी विश्वास और सहयोग बढ़ता है.
  • लड़ाई-झगड़े और कलह कम होते हैं.
  • अधिकार पाने के लिए संघर्ष करने की जरूरत नहीं पड़ती.
  • जीवन में संतोष और शांति बनी रहती है.

भगवद गीता यही सिखाती है कि अगर जीवन को कलह-मुक्त और सुखमय बनाना है, तो अधिकार की मांग करने से पहले अपने कर्तव्यों को समझें और उन्हें पूरा करें. यही शांति और सफलता का असली मार्ग है.

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Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. प्रभात खबर इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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Pratishtha Pawar

लेखक के बारे में

By Pratishtha Pawar

मैं लाइफस्टाइल कंटेंट राइटर हूं, मीडिया जगत में 5 साल का अनुभव है. मुझे लाइफस्टाइल, फैशन, ब्यूटी, वेलनेस और आध्यात्मिक विषयों पर आकर्षक और दिलचस्प कंटेंट लिखना पसंद है, जो पाठकों तक सही और सटीक जानकारी पहुंचा सके.

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