रेजिनगर में विधायक हुमायूं कबीर ने रखी ‘बाबरी मस्जिद’ की आधारशिला

Murshidabad: Former TMC MLA Humayun Kabir (left) waves to the gathering, in Murshidabad, Saturday, Dec. 6, 2025. Kabir on Saturday laid the foundation stone for a mosque, modelled on Ayodhya’s Babri Masjid, at Rejinagar in West Bengal’s Murshidabad district, escalating political temperatures in the state. (PTI Photo)(PTI12_06_2025_000278A)
तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच मुर्शिदाबाद जिले के रेजिनगर में अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक मस्जिद की आधारशिला रखी.
तृणमूल से निलंबित विधायक ने कहा- 300 करोड़ रुपये से बनेगी मस्जिद
मस्जिद के पास ही अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय, होटल और हेलीपैड का होगा िनर्माण
संवाददाता, कोलकातातृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच मुर्शिदाबाद जिले के रेजिनगर में अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक मस्जिद की आधारशिला रखी. अगले साल होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव से पहले हुमायूं कबीर के कदम से बंगाल की राजनीति में हड़कंप का माहौल है. शनिवार को राज्य पुलिस, त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) और केंद्रीय बलों की भारी तैनाती के बीच, हुमायूं कबीर ने मौलवियों के साथ, रेजिनगर में एक विशाल मंच पर औपचारिक फीता काटा, जबकि वास्तविक मस्जिद निर्माण स्थल मंच से लगभग एक किलोमीटर दूर था. इस दौरान ‘नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर’ के नारे लगे और हजारों लोग सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर उमड़ पड़े. वहां मौजूद लोगों में से कई प्रतीकात्मक रूप से अपने सिर पर ईंट लिए हुए थे.इस मौके पर सभा को संबोधित करते हुए विधायक हुमायूं कबीर ने कहा कि प्रस्तावित मस्जिद ‘किसी भी कीमत पर’ बनकर रहेगी. इसे कोई रोक नहीं सकता. उन्होंने कहा कि उनका अनुमान था कि कार्यक्रम में दो लाख लोग पहुंचेंगे, लेकिन यहां चार लाख से अधिक लोग पहुंचे. उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में 50 हजार लोगों को यहां आने नहीं दिया गया. मैं कुछ भी असंवैधानिक नहीं कर रहा हूं. उपासना स्थल बनाना एक संवैधानिक अधिकार है. बाबरी मस्जिद जरूर बनेगी. विधायक ने दावा किया कि इस परियोजना में किसी भी वित्तीय बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा. इस मस्जिद के निर्माण पर कुल 300 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. उन्होंने कहा कि एक उद्योगपति ने 80 करोड़ रुपये देने का वादा किया है, जो अपना नाम गुप्त रखना चाहते हैं. धन की कोई कमी नहीं होगी. कबीर ने कहा कि मुख्य मस्जिद तीन कट्ठा जमीन पर बनायी जायेगी. जबकि पूरा परिसर लगभग 25 बीघा में फैला होगा.
कबीर ने स्थल के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण पेश करते हुए घोषणा की कि इस परिसर में एक अस्पताल, एक मेडिकल कॉलेज, एक विश्वविद्यालय, एक होटल और एक हेलीपैड भी होगा, जिसकी कुल अनुमानित लागत लगभग 300 करोड़ रुपये होगी. उन्होंने बताया कि एक स्थानीय डॉक्टर ने इस परियोजना के लिए पहले ही एक करोड़ रुपये दान कर दिये हैं. इस मौके पर सऊदी अरब के धार्मिक नेता मंच पर मौजूद थे, जिससे एक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक उपस्थिति का आभास हो रहा था.लाउडस्पीकर पर कुरान की आयतें गूंज रही थीं, समर्थकों ने ईंट ऊपर उठाईं, जो निर्माण के लिए प्रतीकात्मक दान था और फिर उन्हें मंच के पास स्वयंसेवकों को सौंप दिया. हुमायूं कबीर ने इस परियोजना को बार-बार धार्मिक और भावनात्मक, दोनों तरह से एक समाधान बताया. उन्होंने कहा कि 33 साल पहले, मुसलमानों के दिलों पर एक गहरा घाव लगा था. आज, हम उस घाव पर थोड़ा मरहम लगा रहे हैं. साथ ही कबीर ने आरोप लगाया कि मस्जिद की घोषणा को लेकर उन्हें धमकियां दी गयी थीं. तृणमूल से निलंबित विधायक ने अपनी बात को पुष्ट करने के लिए जनसांख्यिकी का भी हवाला दिया. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि देश में लगभग 40 करोड़ मुसलमान हैं, और इस राज्य में चार करोड़. क्या हम यहां एक मस्जिद नहीं बना सकते? इस पर वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजायीं. उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम छह दिसंबर को निर्धारित किया गया था, जिस दिन 1992 में उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहा दी गयी थी. इस आयोजन के तिथि चयन को लेकर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आयी. न केवल रेजिनगर में, बल्कि निकटवर्ती बेलडांगा क्षेत्र में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गयी, जिसे प्रशासन ने भीड़ बढ़ने और तनाव बढ़ने की आशंका के मद्देनजर प्रभावी रूप से उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में तब्दील कर दिया था. गौरतलब है कि हुमायूं कबीर को तृणमूल कांग्रेस ने ‘सांप्रदायिक राजनीति’ में शामिल होने के आरोप में इस हफ्ते की शुरुआत में निलंबित कर दिया था.
22 को नयी पार्टी की करेंगे घोषणा : हुमायूं कबीर ने एक बार फिर दोहराया कि वह 22 दिसंबर को अपनी नयी राजनीतिक पार्टी की घोषणा करेंगे और उसी दिन पदाधिकारियों के नाम भी बतायेंगे. उसके पहले सोमवार आठ दिसंबर को वह विधायक पद से इस्तीफा देंगे. गौरतलब है कि कबीर पहले भी यह एलान कर चुके हैं कि उनकी प्रस्तावित पार्टी 2026 के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है और अल्पसंख्यक बहुल सीटों पर खास ध्यान देगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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