करोड़ों की लागत से बनी सड़क एक साल में बदहाल, जगह-जगह उभरे गड्ढे
कहनैयाजी हाट जाने वाली पीएमजीएसवाई सड़क पर गड्डे
Kishanganj Road Cracks: ठाकुरगंज प्रखंड में 4.21 करोड़ रुपये की लागत से बनी 5.54 किलोमीटर लंबी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क निर्माण के एक वर्ष के भीतर ही सवालों के घेरे में आ गई है. कन्हैयाजी हाट से भेंडरानी तक बनी सड़क पर कई जगह गड्ढे, दरारें और किनारों पर क्षति दिखाई दे रही है. ग्रामीणों ने निर्माण गुणवत्ता की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. विभाग के कनीय अभियंता मसलम अली ने कहा कि सड़क अभी मेंटेनेंस पीरियड में है और मामले की जानकारी एसडीओ को दी जाएगी.
पौआखाली (किशनगंज) से रणविजय की रिपोर्ट
Kishanganj Road Cracks: करीब सवा चार करोड़ रुपये की लागत से बनी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क अब सवालों के घेरे में है। निर्माण पूरा होने के एक वर्ष से पहले ही सड़क पर गड्ढे और दरारें दिखाई देने लगी हैं. ठाकुरगंज प्रखंड के कन्हैयाजी हाट से बॉर्डर रोड भेंडरानी तक बनी यह सड़क ग्रामीणों के लिए सुविधा का प्रतीक बनने वाली थी, लेकिन अब इसकी गुणवत्ता को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ने लगी है. 24 अक्तूबर 2025 को 4 करोड़ 21 लाख 22 हजार 858 रुपये की लागत से तैयार हुई एमआरएल-37 एमडीआर रोड से भेंडरानी तक फेज-3 के अंतर्गत 5.54 किलोमीटर लंबी सड़क पर कई स्थानों पर क्षति के निशान दिखने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क ने अभी पहली बरसात भी पूरी तरह नहीं झेली है, फिर भी इसकी सतह उखड़ने लगी है.
सड़क के कई हिस्सों में आयीं दरारें
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर जगह-जगह छोटे गड्ढे बन गए हैं. कई हिस्सों में दरारें दिखाई देने लगी हैं, जबकि सड़क के किनारे भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि यदि शुरुआती दौर में ही यह स्थिति है तो आने वाले मानसून में सड़क की हालत और खराब हो सकती है. इससे न केवल सरकारी राशि की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि आवागमन की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है.
सड़क की गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर और टिकाऊ सड़क सुविधा उपलब्ध कराना है. लेकिन निर्माण के कुछ महीनों बाद ही सड़क में खामियां दिखने से लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
भारी वाहनों का दबाव भी बना चुनौती
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई ईंट भट्ठों का संचालन होता है. सड़क से नियमित रूप से ईंट लदे ट्रक, ट्रैक्टर और मिट्टी-बालू ढोने वाले वाहन गुजरते हैं. ऐसे में सड़क की मजबूती और उसकी भार वहन क्षमता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. लोगों का मानना है कि सड़क का निर्माण भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर होना चाहिए था.
कहते हैं इंजीनियर
मामले पर विभाग के कनीय अभियंता मसलम अली ने कहा कि सड़क अभी मेंटेनेंस पीरियड में है. सड़क की वर्तमान स्थिति की जानकारी विभागीय एसडीओ को दी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
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