झारखंड सरकार का बड़ा फैसला: पीड़ितों के लिए 10.04 करोड़ रुपये जारी, इन 2 जिलों को सबसे ज्यादा फंड

Published by : Sameer Oraon Updated At : 18 May 2026 9:02 PM

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, Pic Credit- X

Jharkhand Govt News: झारखंड के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विक्टिम कंपनसेशन स्कीम के तहत 10.04 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है. इसके तहत राज्य के 13 जिलों के पीड़ितों और उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता दी जाएगी. पूरी विस्तृत रिपोर्ट यहां पढ़ें.

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रांची से विवेक चंद्रा की रिपोर्ट

Jharkhand Govt News, रांची : झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अंतर्गत अभियोजन निदेशालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. विभाग ने ‘झारखंड विक्टिम कंपनसेशन स्कीम 2012 (संशोधित)’ के तहत विभिन्न अपराधों से पीड़ित व्यक्तियों और उनके आश्रितों को वित्तीय सहायता व संबल प्रदान करने के लिए 10.04 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि आवंटित की है. इस संबंध में अभियोजन निदेशक राज कुमार सिंह की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है. यह राशि सरकार के सामाजिक सुरक्षा तथा कल्याण मद के तहत उपलब्ध कराई गई है.

इन 13 जिलों को आवंटित हुई राशि

निदेशालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, राज्य के कुल 13 जिलों को इस कल्याणकारी योजना के तहत राशि हस्तांतरित की गई है. आवंटन में क्षेत्रीय आवश्यकताओं और लंबित मामलों को देखते हुए जिलों को फंड दिया गया है, जिसमें गुमला और धनबाद जिले को सबसे अधिक राशि मिली है.

प्रमंडलवार एवं जिलावार आवंटन की पूरी सूची इस प्रकार है

गुमला और धनबाद जिले को सबसे अधिक 2-2 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. जबकि सरायकेला-खरसावां, गोड्डा, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), लातेहार और सिमडेगा जिलों को 1-1 करोड़ रुपये की राशि दी गई है. उसी तरह कोडरमा जिले को 60.50 लाख, रामगढ़ जिले के लिए 60.25 लाख रुपये और खूंटी के लिए कुल 18 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं. वहीं, साहिबगंज जिले को 12 लाख रुपये और दुमका को 6 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं.

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फंड का नहीं होगा दुरुपयोग

अभियोजन निदेशक राज कुमार सिंह ने अपने आदेश में सख्त हिदायत दी है कि आवंटित की गई इस विशेष राशि का उपयोग केवल और केवल पीड़ित प्रतिकर (मुआवजा) योजना के तहत ही किया जाएगा. नियम के मुताबिक, इस राशि का विचलन (Divergence) किसी अन्य प्रशासनिक या विकासात्मक कार्य में बिल्कुल नहीं किया जा सकेगा. इसके साथ ही, योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संबंधित जिलों के उपायुक्तों (DC) एवं निकासी पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे खर्च की गई राशि का गहन सत्यापन (Verification) करें और समय पर इसका विस्तृत प्रतिवेदन (Report) निदेशालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं. सरकार के इस कदम से राज्य के सैकड़ों पीड़ित परिवारों को समय पर आर्थिक मदद मिल सकेगी.

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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