झारखंड: स्वास्थ्य मंत्री के जिले में 'आयुष्मान' घोटाला, कागजों पर 600 ऑपरेशन, मौके पर अस्पताल मिला बंद

जामताड़ा में आयुष्मान घोटाला, Symbolic Pic- AI
Jamtara Health Scam 2026: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के गढ़ में ही स्वास्थ्य व्यवस्था बीमार है. उपायुक्त की जांच में सिटी हॉस्पिटल और मंगलम नेत्रालय के काले कारनामे उजागर हुए. मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे फर्जी सेंटरों पर गाज गिरेगी.
Jamtara Health Scam 2026, जामताड़ा (संजीत मंडल): झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी के गृह जिले जामताड़ा में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं. डीसी रवि आनंद के औचक निरीक्षण में करमाटांड़ सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और फर्जीवाड़ा सामने आया है. आयुष्मान भारत योजना के तहत किये गये इलाज के दावों और जमीनी हकीकत में भारी अंतर मिला.
600 ऑपरेशन का दावा, सेंटर बंद मिला
प्रशासन की मानें तो संस्थानों की दस्तावेजों में एक माह के अंदर 600 से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन का दावा किया गया था, लेकिन मौके पर पहुंचने पर सेंटर बंद मिला. जांच में यह भी सामने आया कि मरीजों के दिये गये मोबाइल नंबर या तो बंद थे या अन्य राज्यों के थे. अस्पताल भवन का नक्शा भी स्वीकृत नहीं था. उपायुक्त ने इसे गंभीर मामला मानते हुए संस्थान को सील करने और संचालक पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है.
अस्पताल में नहीं थे डॉक्टर
निरीक्षण के दौरान सिटी हॉस्पिटल में कोई चिकित्सक नहीं मिला. अस्पताल बिना क्राइटेरिया पूरा किये संचालित हो रहा था. दवा दुकान बिना लाइसेंस और फार्मासिस्ट के चल रही थी, जबकि ओपीडी में आवश्यक रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं था. नेत्र रोगियों की जांच प्रशिक्षित डॉक्टर के बजाय अन्य कर्मियों द्वारा की जा रही थी और ऑपरेशन के मरीजों को एक ही वार्ड में रखा जा रहा था. साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी बेहद खराब थी.
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मंगलम नेत्रालय में भी मिली गड़बड़ी
मंगलम नेत्रालय में भी डॉक्टरों अनुपस्थित मिले. कर्मियों ने बताया कि जरूरत पड़ने पर चिकित्सकों को बुलाया जाता है. जांच में यह भी सामने आया कि मरीजों की जांच और दवा लिखने का काम प्रशिक्षित डॉक्टर के बजाय अन्य स्टाफ करते हैं. ऑपरेशन के तुरंत बाद मरीजों को डिस्चार्ज किया जा रहा था. आयुष्मान के तहत दर्ज मरीजों के नंबरों में भी अनियमितता सामने आयी है.
जांच और कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे. डीसी ने सिविल सर्जन को इस पर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. मामला सामने आने के बाद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं.
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लेखक के बारे में
By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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