महाअष्टमी पर करें ये काम, इन चीजों से रहें दूर, मिलेगा मां महागौरी का आशीर्वाद

Updated at : 25 Mar 2026 11:19 PM (IST)
विज्ञापन
Chaitra Navratri 2026 Day 8

मां महागौरी

Chaitra Navratri 2026: महाअष्टमी के दिन भक्त बड़े ही धूमधाम से माता महागौरी की आराधना करते हैं. इस दिन कुछ कार्य करने से पुण्य की प्राप्ति होती है, वहीं कुछ गलतियां करने से पूजा के निष्फल होने की संभावना रहती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दिन क्या करें और क्या न करें.

विज्ञापन

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को समर्पित हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है. पर्व के आठवें दिन, यानी महाअष्टमी के दिन, मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा की जाती है. मां महागौरी का स्वरूप अत्यंत शांत और सौम्य माना जाता है. इनका वर्ण अत्यंत गोरा है. माता की चार भुजाएं हैं. एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में डमरू होता है, जबकि बाकी दो हाथ भक्तों को आशीर्वाद और अभय देने की मुद्रा में रहते हैं. मां श्वेत वस्त्र और आभूषण धारण करती हैं तथा सफेद बैल पर विराजमान रहती हैं. उनका यह रूप पवित्रता, शांति और निर्मलता का प्रतीक है.

चैत्र महाअष्टमी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, इस साल अष्टमी और नवमी तिथि का अद्भुत संयोग बन रहा है.

  • अष्टमी तिथि प्रारंभ: 25 मार्च 2026, दोपहर 01:50 बजे से
  • अष्टमी तिथि समाप्त: 26 मार्च 2026, सुबह 11:48 बजे तक
  • उदया तिथि के अनुसार महाअष्टमी: 26 मार्च 2026 (गुरुवार)

कन्या पूजन मुहूर्त

  • पहला मुहूर्त: सुबह 06:18 से 07:50 बजे तक
  • दूसरा मुहूर्त: सुबह 10:55 से दोपहर 03:31 बजे तक

भूलकर भी न करें ये गलतियां

महाअष्टमी के दिन कुछ कार्यों को वर्जित माना गया है. शास्त्रों के अनुसार, इन गलतियों से पूजा का फल निष्फल हो सकता है:

  • देर तक न सोएं: अष्टमी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना अनिवार्य है. इस दिन आलस्य करना या देर तक सोना शुभ नहीं माना जाता.
  • काले वस्त्रों से बचें: पूजा के दौरान काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए. इस दिन गुलाबी या सफेद रंग के वस्त्र पहनना मां महागौरी को अत्यंत प्रिय है.
  • कन्याओं का निरादर न करें: कन्या पूजन के समय किसी भी कन्या को डांटें नहीं और न ही उन्हें खाली हाथ घर से विदा करें. कन्याओं को मां का रूप मानकर पूर्ण सम्मान दें.
  • तामसिक भोजन और कलह से दूर रहें: घर में मांस, मदिरा, प्याज या लहसुन का प्रयोग न करें. साथ ही, घर में क्लेश या किसी का अपमान करने से मां रुष्ट हो जाती हैं.

महाअष्टमी पर क्या करें?

अपनी पूजा को सफल बनाने के लिए इन नियमों का पालन करें:

  • महागौरी की उपासना करें: मां के ‘श्वेते वृषे समारूढ़ा’ स्वरूप का ध्यान करें और उन्हें नारियल या नारियल से बनी मिठाइयों का भोग लगाएं.
  • कन्या पूजन करें: 2 से 10 वर्ष की 9 कन्याओं को भोजन कराएं. भोजन में हलवा, पूरी और काले चने शामिल करें. उनके पैर धोकर आशीर्वाद जरूर लें.
  • संधि पूजा करें: अष्टमी समाप्त होने और नवमी शुरू होने के बीच के 48 मिनट (संधि काल) में पूजा का विशेष महत्व होता है. इस समय दीपक जलाना शुभ माना जाता है.
  • हवन करें: यदि आप अष्टमी को व्रत का पारण कर रहे हैं, तो विधि-विधान से हवन अवश्य करें. बिना हवन के नवरात्रि की पूजा अधूरी मानी जाती है. 

यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी बड़ी खबरें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Prabhat Khabar

विज्ञापन
Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

प्रभात खबर डिजिटल के जरिए मैंने पत्रकारिता की दुनिया में अपना पहला कदम रखा है. यहां मैं धर्म और राशिफल बीट पर बतौर जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हूं. इसके अलावा मुझे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े विषयों पर लिखने में रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola