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Intermittent Fasting Tips : क्या है इंटरमिटेंट फास्टिंग ? जानिए..

Updated at : 26 Jul 2024 10:37 PM (IST)
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Intermittent Fasting Tips : इंटरमिटेंट फास्टिंग इन डायट योजना है जो उपवास और नियमित समय पर खाने का प्लान होता है. शोध के अनुसार इंटरमिटेंट फास्टिंग वजन को नियंत्रित करने में और कुछ बीमारियों को रोकने का एक अच्छा तरीका होता है.

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Intermittent Fasting Tips : इंटरमिटेंट फास्टिंग इन डायट योजना है जो उपवास और नियमित समय पर खाने का प्लान होता है. शोध के अनुसार इंटरमिटेंट फास्टिंग वजन को नियंत्रित करने में और कुछ बीमारियों को रोकने का एक अच्छा तरीका होता है. कई डायट प्लान इस बात पर ज्यादा केंद्रित होते हैं कि क्या खाना चाहिए, लेकिन इंटरमिटेंट फास्टिंग इस बात पर निर्भर करता है कि आपको कब खाना चाहिए. हालांकि बिना अपने डाइटिशियन से परामर्श लिए इसको नहीं शुरू करना चाहिए. चलिए इंटरमिटेंट फास्टिंग के बारे में और इसको करने के तरीके के बारे में विस्तार से जानते हैं.

Intermittent Fasting Tips : क्या है इंटरमिटेंट फास्टिंग

इंटरमिटेंट फास्टिंग करते वक्त आप एक निश्चित समय के दौरान ही भोजन कर सकते हैं शोध की माने तो इंटरमीडिएट फास्टिंग में हर दिन एक निश्चित समय अवधि तक उपवास करना या फिर हफ्ते में दो दिन सिर्फ एक बार भोजन करना स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी होता है. न्यूरोसाइंटिस्ट मार्क मैटसन ने 25 वर्षों तक इंटरमिटेंट फास्टिंग पर गहन अध्ययन करने के बाद यह बताया कि, मनुष्य का शरीर कई घंटे या कई दिनों तक भी बिना भोजन के जीवित रहने में सक्षम होता है. विशेषज्ञों का कहना है कि जब कंप्यूटर नहीं थे और रात में 11:00 बजे टीवी शोस बंद हो जाते थे तब लोग जल्दी सोते थे और लोग खेलने एवं शारीरिक गतिविधियों में ज्यादा ध्यान लगाते थे, जिससे उनका शरीर स्वस्थ रहता था. लेकिन आजकल के समय में लोग इंटरनेट टीवी और अन्य मनोरंजन के साधन आसानी से उपलब्ध होने के कारण ज्यादा समय तक बैठे रहते हैं, जिससे किसी भी तरह की शारीरिक गतिविधि नहीं हो पाती है और वह जंक फूड पर ज्यादा निर्भर हो गए हैं जिससे उनका शरीर फैलने लगता है और वह मोटापे का शिकार हो जाते हैं. मोटापा कई घातक बीमारियों का कारण होता है जैसे कि टाइप टू मधुमेह, हृदय रोग और सांस की बीमारी जैसे अन्य रोग भी इसमें शामिल है. अध्ययन के अनुसार इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से इस तरह की आदतों में और प्रवृत्तियों में सुधार हो सकता है.

Intermittent Fasting Tips : इंटरमिटेंट फास्टिंग की कार्य प्रणाली

इंटरमिटेंट फास्टिंग करने के कई अलग-अलग तरीके होते हैं और सभी तरीकों में खाने और उपवास करने के लिए नियमित समय अवधि चुनने पर आधारित होते हैं, जैसे कि हर दिन केवल 8 घंटे की अवधि के दौरान ही खाएं और शेष समय के लिए उपवास रखें. या फिर सप्ताह में केवल दो दिन एक बार भोजन करने के विकल्प का भी चुनाव किया जा सकता है. भोजन के बिना घंटा रहने पर शेयर अपने शर्करा भंडार को समाप्त कर देता है और फैट जालना शुरू कर देता है, इसे मेटाबॉलिक स्विचिंग भी कहते हैं. अगर आप दिन तीन वक्त का खाना खा रहे हैं और व्यायाम नहीं कर रहे हैं तो आप अपने शरीर में कैलोरी और फैट को बढ़ावा दे रहे हैं जिससे भविष्य में आपको कई शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

Intermittent Fasting Tips : इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान क्या खाएं?

इंटरमिटेंट फास्टिंग करते वक्त इस बात का ध्यान रखें की लंबे समय तक उपवास रखना आपकी सेहत के लिए खतरनाक भी हो सकता है, क्योंकि बहुत लंबे समय तक बिना खाए रहने से आपके शरीर में भूख की वजह से अधिक फैट जमा होने लगता है. इसीलिए इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से पहले अपनी डाइटिशियन या हेल्थ एक्सपर्ट से परामर्श लेना आवश्यक होता है.

  • इंटरमिटेंट फास्टिंग में उपवास के वक्त आप लो कैलोरी ड्रिंक जैसे की पानी, ब्लैक कॉफी और ब्लैक टी पी सकते हैं.
  • इसके अलावा खाने के समय बहुत ज्यादा ताल भुना और जंक फूड खाने से आपका वजन कम होने और स्वस्थ होने की संभावना कम हो जाती है.
  • इंटरमिटेंट फास्टिंग में खाने के वक्त अच्छा और पौष्टिक भोजन खाना चाहिए.
  • डाइटिशियन के अनुसार इंटरमिटेंट फास्टिंग करते वक्त भी खाने के समय हरी सब्जियां, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और सभी विटामिन और मिनरल से भरपूर डायट लेनी चाहिए.

Intermittent Fasting Tips : इंटरमिटेंट फास्टिंग से लाभ

  • स्मृति और याददाश्त को बढ़ाता है.
  • हृदय स्वास्थ्य और रक्तचाप को बेहतर करता है.
  • टाइप 2 मधुमेह और मोटापे को भी नियंत्रित करता है.
  • शारीरिक स्फूर्ति और सहनशक्ति को बढ़ाता है.

Intermittent Fasting Tips : इंटरमिटेंट फास्टिंग किस नहीं करनी चाहिए

  • 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को और किशोरों को यह नहीं करना चाहिए.
  • गर्भवती महिलाएं या स्तनपान करा रही महिलाओं को या नहीं करना चाहिए.
  • टाइप वन डायबिटीज जो इंसुलिन लेते हैं उन्हें भी उपवास नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे इनका हाइपोग्लाइसीमिया बैलेंस बिगड़ सकता है.
  • जिन लोगों का भोजन संबंधी विकार का इतिहास रहा है उन्हें भी इंटरमिटेंट फास्टिंग नहीं करनी चाहिए. इसके अतिरिक्त इंटरमीडिएट फास्टिंग करने से पहले अपने हेल्थ केयर प्रोफेशनल से सभी जानकारी और परामर्श अवश्य लें.
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Shreya Ojha

लेखक के बारे में

By Shreya Ojha

Shreya Ojha is a contributor at Prabhat Khabar.

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