डेंगू का बढ़ा डंक, हर दिन बढ़ रहे मरीज, जानिए डेंगू बुखार से कैसे बचें
Published by : Meenakshi Rai Updated At : 29 Jul 2023 5:12 PM
Dengue : बरसात में डेंगू के डंक से परेशान मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है. डेंगू बुखार, या हड्डी तोड़ बुखार, एडीज मच्छरों (Aedesaegypti) द्वारा फैलाए गए वायरल संक्रमण के कारण होता है. लक्षणों में तेज़ बुखार और शरीर में दर्द शामिल हैं. सही समय पर इसकी जांच और उपचार जरूरी है.
Dengue : बरसात में जलजमाव होने के कारण मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियां बढ़ जाती हैं. इनमें डेंगू बीमारी का खतरा काफी बढ़ जाता है. डेंगू में प्लेटलेट्स की कमी की वजह से मरीजों की मौत भी हो सकती है. रांची, जमशेदपुर समेत झारखंड के कई हिस्सों में डेंगू के मरीज रोजाना अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं. इस बीमारी में बुखार, बदन दर्द और मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या होती है. डेंगू बुखार के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक होते हैं. गंभीर लक्षण डेंगू शॉक सिंड्रोम (डीएसएस) और डेंगू रक्तस्रावी बुखार (डीएचएफ) का संकेत दे सकते हैं. इनमें तत्काल चिकित्सा ट्रीटमेंट की जरूरत होती है. डेंगू का वायरस मूल रूप से चार तरह का होता है. सीरो टाइप डन 2 और डन सीरो टाइप 4 ज्यादा खतरनाक होता है. डेंगू वाले मच्छर के किसी इंसान को काटने के बाद डेंगू का वायरस इंसान के ब्लड में दो से सात दिनों तक रहता है.

डेंगू बुखार से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है. मच्छरों के काटने से बचने के लिए कदम उठाना. डेंगू के लक्षणों की बात करें तो डेंगू के लक्षण आमतौर पर 3 से 10 दिन के भीतर प्रकट होते हैं
डेंगू के लक्षण
बुखार- ज्यादातर मरीजों को तेज बुखार होता है, जो अचानक उठता है और 3 से 7 दिन तक चलता है.
शरीर में दर्द- डेंगू के मरीजों में जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द होता है.
सिरदर्द- मरीज को मांसपेशियों के साथ-साथ सिरदर्द भी हो सकता है.
छोटी-छोटी चकत्ते – डेंगू के मरीजों की त्वचा पर छोटे-छोटे लाल रंग के चकत्ते पाए जा सकते हैं.
नीचे की पीठ में दर्द– कुछ मरीजों में पीठ के नीचे भी दर्द हो सकता है.
सूखी खांसी- कुछ लोगों को सूखी खांसी होती है, जो लंबे समय तक चलती है .
थकान और कमजोरी- डेंगू के मरीज काफी थकान महसूस करते हैं और शारीरिक कमजोरी महसूस होती है.
आखों के पिछले हिस्से में दर्द, आखों में लाली होना, गले में दर्द, छाती में दर्द, घबराहट और बेचैनी होना, उल्टियां होना.
शरीर में प्लेटलेट्स की कमी, नाक से खून आना, ग्लैंड्स में सूजन होना लक्षण शामिल हैं.

डेंगू एक वायरल संक्रमण है जो डेंगू वायरस (DENV) के कारण होता है, यह वायरस संक्रमित मादा मच्छरों, मुख्य रूप से एडीज एजिप्टी मच्छर ( Aedesaegypti) के काटने से मनुष्यों में फैलता है जब एडीज एजिप्टटी मच्छर किसी डेंगू संक्रमित व्यक्ति का खून पीता है, तो उसमें मौजूद वायरस मच्छर के शरीर में प्रवेश करता है. इस मच्छर की खासियत यह है कि यह दिन में ही काटता है. सूर्याेदय के दो से तीन घंटे बाद और सूर्यास्त के दो से तीन घंटे पहले यह काटता है. इस समय हमें मच्छर के काटने से बचाव पर ध्यान देने की आवश्यकता है.जब गर्भवती होने पर मां को DENV संक्रमण होता है, तो बच्चे समय से पहले जन्म, जन्म के समय कम वजन और भ्रूण संकट से पीड़ित हो सकते हैं.

डेंगू का लार्वा साफ पानी में पनपता है. घर में कूलर, फ्रीज और फ्लावर पॉट या बाहर पड़े बर्तन के जमा साफ पानी में डेंगू का लार्वा पनप सकता है. ऐसे में इनमें पानी जमा नहीं होने दें.
डेंगू से बचाव के लिए मॉस्किटो रिपेलेंट का प्रयोग करें . मच्छर भगाने के लिए क्वाइल का भी प्रयोग कर सकते हैं. खिड़की में जाली का उपयोग कर सकते हैं
आप दिन के समय मच्छरों के काटने से बचकर डेंगू के खतरे को कम कर सकते हैं.
ऐसे कपड़े पहने जो आपके शरीर के अधिकांश भाग को ढकें.
टैंक, नालियां और गमलों में जमे हुए पानी को लगातार साफ करना जरूरी है.

यदि किसी को भी डेंगू हो जाता है, तो यह महत्वपूर्ण है कि उसे पूरा आराम मिले.
निर्जलीकरण को रोकने में मदद के लिए खूब सारे तरल पदार्थ पियें
दर्द के लिए पैरासिटामोल का उपयोग करें
गंभीर लक्षणों पर नज़र रखें और यदि आपको कोई लक्षण नज़र आए तो जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से संपर्क करें.
डेंगू बुखार के अधिकांश मामलों का इलाज घर पर दर्द की दवा से किया जा सकता है.
डेंगू बुखार से ग्रस्त रोगी को बीमारी के शुरू के 6-7 दिनों तक मच्छरदानी से ढंके हुए बिस्तर पर ही रखें ताकि मच्छर उस तक ना पहुँच पायें. इस उपाय से दूसरे लोगों को बुखार से बचाने में मदद मिलेगी.
डेंगू का थोड़ा भी शक हो, तो अस्पताल जायें.
गंभीर डेंगू से पीड़ित लोगों के लिए अक्सर अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है.

नारियल पानी ज्यादा पियें.
तुलसी की पत्तियों को पानी में उबालें और फिर इस पानी को पियें.
मेथी की पत्तियों की चाय बनाकर पियें.
पपीते की पत्तियों को पीसकर या फिर पानी में उबालकर पियें.
एक गिलास गाजर के जूस में चुकंदर का जूस मिलाकर पियें.

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