पांच में से एक मरीज के दिल पर Corona कर रहा हमला, इन आयुर्वेदिक तरीकों से स्वस्थ्य रखें अपना हर्ट

Ayurvedic tips to heal your heart कोरोना 200 से अधिक देशों में पांव पसार चुका है. संक्रमित मरीज में सामान्य फ्लू की तरह के लक्षण वाला कोरोना, धीरे-धीरे शरीर के लिए काफी घातक साबित होने लगता है. मरीज को इससे सर्दी-जुकाम के साथ-साथ गले में खराश और सांस लेने में दिक्कतें आने लगती हैं. विशेषज्ञों की मानें तो यह वायरस फेफड़ों को खासा प्रभावित करता है. एक नए अध्ययन से यह भी मालूम चला है कि यह वायरस मरीज के दिल को काफी प्रभावित कर रहा है.
Ayurvedic tips to heal your heart कोरोना 200 से अधिक देशों में पांव पसार चुका है. संक्रमित मरीज में सामान्य फ्लू की तरह के लक्षण वाला कोरोना, धीरे-धीरे शरीर के लिए काफी घातक साबित होने लगता है. मरीज को इससे सर्दी-जुकाम के साथ-साथ गले में खराश और सांस लेने में दिक्कतें आने लगती हैं. विशेषज्ञों की मानें तो यह वायरस फेफड़ों को खासा प्रभावित करता है. एक नए अध्ययन से यह भी मालूम चला है कि यह वायरस मरीज के दिल को काफी प्रभावित कर रहा है.
एम्स के डॉयरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया की मानें तो यह वायरस सिर्फ फेफड़ों को ही नहीं बल्कि हमारे दिल को भी बहुत बुरी तरह प्रभावित कर रहा है. ऐसे में जो पहले से दिल के मरीज है उनके लिए यह वायरस काफी घातक साबित हो रहा है. जैसा की हमें पहले के अध्ययन से पता चला है कि डायबिटीज के मरीज भी वायरस प्रभावित हो रहे है. ऐसे में कई मामलों में पाया गया है कि यह वायरस शरीर के कमजोर पार्ट को और नुकसान पहुंचाता है. डॉ रणदीप गुलेरिया के अनुसार भारत में फिलहाल हर पांच मामलों में एक के दिल को यह वायरस बुरी तरह प्रभावित कर रहा है.
30 प्रतिशत मरीजों में पाया गया है कि यह वायरस हर्ट के फंक्शनिंग को प्रभावित कर देता है जिससे हृदय की गति कम हो जाती है. हर्ट की गति इसकी पंपिंग पर निर्भर करती है. ऐसे केस में अक्सर देखा जा रहा है कि मरीज की अचानक मौत हो जा रही है.
एम्स डॉयरेकटर की मानें तो इन हालातों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि कोरोना संक्रमित मरीजों के दिल की सही देखभाल सबसे पहले जरूरी है वरना हर्ट अटैक की संभावना बढ़ सकती है.
– तले-भूने चीजों को न के बराबर खाएं. यह बॉडी में वेस्ट कॉलेस्ट्रॉल बढ़ाता है जो मोटापा का कारण बन सकता है.
– मोटापा बढ़ने से उच्च रक्तचाप होने का खतरा बढ़ जाता है जो शरर में कई बीमारियों को बढ़ा सकता है.
– कोशिश करें की अपने भोजन में ज्यादा से ज्यादा फाइबर वाले आहार शामिल करें. जैसे दाल, अनाज, कई तरह की सब्जियां, दलिया सूखे मेवे समेत कई तरह के फल को शामिल कर सकते है.
– भोजन को हमेशा ताजा ही खाने की कोशिश करें और उपर से नमक बिल्कुल न लें. यह रक्तचाप को बढ़ा देता है.
– तेल, दूध और दूध से बने वस्तुओं को कम कर दें क्योंकि यह बुरे कॉलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है.
– मछली, अंडा और मुर्गा का सेवन सही मात्रा में करने से हर्ट स्वस्थ्य रहता है.
आयुर्वेद में ऐसा माना गया है कि सूर्योदय से पहले उठने वाले को हृदय रोग नहीं होता. वहीं, प्रतिदिन सुबह में सन बाथ करने से शरीर के अंदर मौजूद कोलेस्ट्रॉल विटामिन डी में बदल जाता है. सूर्य की सुबह की किरणें कई मामले में हमारे शरीर के लिए लाभकारी है. इससे हमारी हड्डियां भी मजबूत होती हैं.
आयुर्वेद के अनुसार स्वस्थ्य दिल के लिए हल्दी का सेवन बेहद जरूरी है. प्रतिदिन 500 मिलीग्राम हल्दी खाने से हमारे शरीर में खून का थक्का नहीं बनता है जिससे हर्ट को काफी लाभ मिलता है.
हरड़ को आयुर्वेद में पत्थ्य कहा जाता है. इसे मां के समान बताया गया है जो हमारे शरीर की तमाम गड़बड़ियों को ठीक करती है. इसके नियमित सेवन से शरीर के अंदर की गंदगी साफ होती रहती है जो हमें कई तरह की बीमारियों से दूर रखने में मददगार साबित होता है.
आयुर्वेद में गाय के दूध को हल्का, सुपाच्य, हृदय को बल देने वाला और बुद्धिवर्धक माना गया है. गाय के दूध और मां के दूध में काफी समानताएं हैं.
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