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"बैंकॉक से भारत तक जासूसी का धंधा! CRPF जवान के खाते में हवाला पैसा, कारोबारी के घर NIA का छापा"

1 Jun, 2025 1:31 pm
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"बैंकॉक से भारत तक जासूसी का धंधा! CRPF जवान के खाते में हवाला पैसा, कारोबारी के घर NIA का छापा"

UP NIA RAID: बैंकॉक से हवाला के जरिए सीआरपीएफ जवान के खाते में पैसे ट्रांसफर होने पर NIA ने गोरखपुर के कारोबारी पन्नेलाल के घर छापा मारा. जांच में परिवार से पूछताछ, दस्तावेज जब्त और बेटे को दिल्ली तलब किया गया. मामला जासूसी से जुड़ा बताया जा रहा है.

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UP NIA RAID: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार हुए एक सीआरपीएफ जवान के मामले में अब जांच ने एक नया रुख ले लिया है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को इस जवान के खाते में बैंकॉक से हवाला के जरिए पैसे ट्रांसफर होने के प्रमाण मिले हैं. हवाला चैनल के जरिए यह रकम गोरखपुर के खजनी क्षेत्र निवासी पन्नेलाल यादव के खाते से ट्रांसफर की गई थी. इस कड़ी को पकड़ते हुए एनआईए की टीम शनिवार भोर में पन्नेलाल के घर पहुंची और आठ घंटे तक गहन पूछताछ और छानबीन की.

हवाला के धागों से बंधा पूरा मामला

सीआरपीएफ जवान की गिरफ्तारी के बाद जब जांच एजेंसियों ने उसके बैंक खाते की पड़ताल शुरू की तो एक अहम कड़ी सामने आई. पता चला कि खजनी के रहने वाले पन्नेलाल यादव के खाते से संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुआ था. गौरतलब है कि पन्नेलाल पिछले कई वर्षों से थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में कारोबार कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, पन्नेलाल 1992 से वहीं बसे हैं और हवाला और ब्याज के धंधे से जुड़े हो सकते हैं.

एनआईए की तड़के छापेमारी, बच्चों से की पूछताछ

एनआईए की लखनऊ यूनिट से विशेष टीम शनिवार की सुबह 4 बजे खजनी स्थित रावतडाड़ी गांव में पन्नेलाल यादव के घर पहुंची. वहां उनके भाई और गांव के पूर्व प्रधान मुन्नीलाल से पूछताछ के बाद टीम पन्नेलाल के गोरखपुर स्थित मकान पर गई. यहां पन्नेलाल के बेटे अमन और दो बेटियों शिवानी व शिवाली से पूछताछ की गई. इस दौरान टीम ने लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए.

चार जून को दिल्ली बुलाया गया पन्नेलाल का बेटा

पूछताछ के बाद एनआईए ने पन्नेलाल के बेटे अमन यादव को चार जून को दिल्ली स्थित कार्यालय में हाजिर होने का नोटिस थमाया है. अमन पर आरोप है कि उसके खाते से 15 हजार रुपये गुजरात की एक महिला अनीता देवी के खाते में ट्रांसफर किए गए थे. पूछताछ में अमन ने दावा किया कि चाय की दुकान पर मिले एक अनजान शख्स ने उससे यह ट्रांजेक्शन करवाया और कैश में भुगतान किया. पांच हजार रुपये उसकी बहन शिवानी ने भी अपने खाते से ट्रांसफर किए थे.

एनआईए को अमन की बात पर शक

हालांकि एनआईए को यह कहानी गले नहीं उतर रही. टीम को शक है कि यह ट्रांजेक्शन पन्नेलाल की जानकारी और निर्देश पर ही किए गए हैं. ट्रांजेक्शन की जांच के साथ-साथ डिजिटल डाटा और दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जा रही है.

परिवार ने लगाया उत्पीड़न का आरोप

पन्नेलाल के भतीजे दीपक यादव ने मीडिया को बताया कि एनआईए की छापेमारी के दौरान उनकी नाबालिग बेटी के साथ बल प्रयोग किया गया और महिलाओं से अभद्र भाषा में बात की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि आठ घंटे की पूछताछ के बाद भी एनआईए को कोई ठोस सबूत नहीं मिला है. वहीं अमन यादव ने भी जांच एजेंसी पर उत्पीड़न का आरोप लगाया.

लखनऊ से आई थी एनआईए की विशेष टीम

छापेमारी का नेतृत्व एनआईए अधिकारी राजेश कुमार पांडेय कर रहे थे. उनके साथ मनीष कुमार, वकील खान और गोरखपुर प्रशासन से अपर उपजिलाधिकारी प्रशांत वर्मा, अपर नगर मजिस्ट्रेट केएन तिवारी और दो नायब तहसीलदार भी मौजूद थे. प्रशासनिक और पुलिस अमले की मौजूदगी में हुई यह कार्रवाई दोपहर 12:30 बजे तक चली.

स्थानीय प्रशासन और एनआईए मौन

पूरे घटनाक्रम के दौरान न तो एनआईए टीम ने और न ही स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने मीडिया से कोई जानकारी साझा की. इस मामले में एक मुकदमा दर्ज होने की भी खबर है, लेकिन पुष्टि नहीं हो सकी है.

हवाला का नेटवर्क और बैंकॉक कनेक्शन

बैंकॉक में हवाला कारोबार बड़े पैमाने पर चलता है. वहां अगर किसी को भारत में पैसे भेजने हैं तो बैंकॉक में रकम देकर भारत में नकद प्राप्त किया जा सकता है.1 लाख देने पर भारत में करीब 90 हजार रुपये दिए जाते हैं, जबकि 10% कमीशन दलाल रख लेते हैं. इसी व्यवस्था के तहत सीआरपीएफ जवान तक पैसे पहुंचाए गए हों, यह जांच का विषय बना हुआ है.

अब NIA की नजरें पन्नेलाल के थाईलैंड नेटवर्क पर

अब एनआईए की टीम बैंकॉक में पन्नेलाल के कारोबारी संपर्कों और बैंक ट्रांजेक्शनों की जांच में जुट गई है. यह देखा जा रहा है कि क्या पन्नेलाल अनजाने में हवाला रैकेट का हिस्सा बने या जानबूझकर इस गतिविधि में शामिल थे

सीआरपीएफ जवान की जासूसी की जांच अब अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क तक पहुंच गई है. पन्नेलाल यादव और उनके परिवार की भूमिका पर एजेंसियां पैनी नजर रखे हुए हैं. आने वाले दिनों में पूछताछ और जांच से यह स्पष्ट होगा कि क्या यह एक मासूम ट्रांजेक्शन था या किसी बड़ी साजिश की कड़ी। फिलहाल पूरा गोरखपुर और खजनी क्षेत्र इस घटना से हतप्रभ है।

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Abhishek Singh

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By Abhishek Singh

Abhishek Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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