मकर संक्रांति पर गया में तिलकुट की जबरदस्त डिमांड, घंटों कतार में खड़े होने पर 2 किलो ही मिल रहा स्पेशल तिलकुट

Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 14 Jan 2023 12:45 PM

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Makar Sankranti: मकर संक्रांति पर गया में तिलकुट की जबरदस्त डिमांड है. गया शहर के पुरानी गोदाम समेत सड़क किनारे विभिन्न जगहों पर तिलकुट, चूड़ा और गुड़ की दुकानें लगायी गयी है. सभी दुकानों पर खरीदारी करने के लिए ग्राहकों की लंबी कतार लगी है.

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गया. गया में तिलकुट की दुकानों पर जबरदस्त भीड़ है. लोगों को कतार में खड़े होने के बाद ही स्पेशल तिलकुट मिल रहा है. ग्राहकों को मांग के हिसाब से तिलकुट नहीं दिया जा रहा है. एक ग्राहक को सिर्फ दो किलो तिलकुट दिया जा रहा है. गया में बनी यह स्पेशल तिलकुट की जबरदस्त डिमांड है. ये तिलकुट बहुत खास है. गया का यह तिलकुट बिहार में ही नहीं, बल्कि पूरे देशभर में विख्यात है. बता दें कि शुक्रवार को भी पूरे दिन तिलकुट-चूड़ा का बाजार गर्म रहा.

मकर संक्रांति पर तिलकुट, चूड़ा और गुड़ की डिमांड

गया शहर के पुरानी गोदाम समेत सड़क किनारे विभिन्न जगहों पर तिलकुट, चूड़ा और गुड़ की दुकानें लगायी गयी है. सभी दुकानों पर खरीदारी करने के लिए ग्राहकों की लंबी कतार लगी है. लोगों ने अपने जरुरतों के अनुसार तिलकुट, चूड़ा, गुड़, तिलवा और तिल से बने अन्य सामान की खूब खरीदारी कर रहे है. बाजार में चूड़े की कई बेहतर वेरायटी उपलब्ध होने के बाद भी स्थानीय स्तर पर कुटे चूड़े की डिमांड आज भी बढ़ती जा रही है. हालांकि, पहले के दिनों में लोग घर की ढेकी का कुटा चूड़ा पसंद करते थे, पर अब अधिकतर घरों में ढेकी नहीं होने से स्थानीय मिलों में कुटा चूड़ा लोग पसंद कर रहे हैं.

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खरीदारी के लिए दुकानों पर लगी भीड़

गया में पतंगबाजी की परंपरा सदियो पुरानी है. मकर संक्रांति पर यहां पतंग उड़ाने की परंपरा व संस्कृति वर्षों से चली आ रही है. बढ़ती भौतिकवाद लगातार खुले जगहों के अतिक्रमण होने व आधुनिक दौर में अब विशेषकर बच्चे व युवा ही अपनी पतंगबाजी का शौक पूरा करते है. मकर संक्रांति के आने से करीब एक सप्ताह पहले से ही पतंगबाजी के शौकीन बच्चे व युवा धागे व पतंग की खरीदारी शुरू कर चुके है. मकर संक्रांति पर पतंगबाजी को लेकर इन दुकानों से काफी लोगों ने धागे, लटाई पतंग की खरीदारी की है.

https://www.youtube.com/watch?v=78EeDvvzmsM

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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