Asha Bhosle :उषा उत्थुप ने कहा मेरा कोई भी स्टेज शो आशाजी के गानों के बिना पूरा नहीं होता..

Published by :Urmila Kori
Published at :14 Apr 2026 1:33 AM (IST)
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Asha Bhosle :उषा उत्थुप ने कहा मेरा कोई भी स्टेज शो आशाजी के गानों के बिना पूरा नहीं होता..

सिंगर उषा उत्थुप ने इस इंटरव्यू में आशा भोसले से जुड़ी अपनी यादों को साझा किया है।

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asha bhosle :महान गायिका आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रही लेकिन वे अपने गीतों के जरिए हमेशा अमर रहेंगी.उनके संगीत की समृद्ध विरासत आने वाली कई पीढ़ियों के दिल को छूती रहेंगी. सिंगर उषा उत्थुप भी आशा भोसले की आवाज की मुरीदों में से एक रही हैं.आशा भोसले के साथ उनकी कई दशक पुरानी बॉन्डिंग है. म्यूजिक ने हमेशा उन्हें आपस में जोड़ा है. उर्मिला कोरी से हुई बातचीत के प्रमुख अंश

विविधतापूर्ण गानों का बेंचमार्क थी आशा ताई

आशा ताई म्यूजिक इंडस्ट्री में अपनी विविधतापूर्ण गानों का बेंचमार्क थी.मुझे नहीं लगता कि उनके अलावा किसी ने इतना विविधतापूर्ण म्यूजिक में काम किया है.रोमांटिक सांग उनके नाम है तो दुख के गीत भी। कैबरे के उनके गीत है तो भजन भी.कव्वाली और ग़ज़ल भी उनके नाम हैं. उनके पास सभी गाने तरह के गाने थे और सभी गानों को वह उसी परफेक्शन के साथ गाती थी. कोई ये नहीं कह सकता था कि आशाजी कैबरे सांग के लिए बनी है.हर गीत के लिए उनके पास सुर थे.

उनके गानों के लिए शुक्रगुजार रहूंगी

आशाजी की आठ दशक लम्बी सुरों की लीगेसी है. इसे हम इस सिम्पल बात से भी समझ सकते हैं कि कोई भी स्टेज शो हो या भी सिंगिंग रियलिटी शो उनके गानों के बिना पूरा नहीं होता है. उनके गाने आपको सुनने को मिलेंगे ही. मैं अपनी बात करूँ तो साढ़े चार दशक से मैं म्यूजिक में सक्रिय हूँ. मेरा कोई भी स्टेज शो उनके गानों के बिना पूरा नहीं होता है.हाल ही में मेरा बैंगलोर में एक शो था। उसमें भी मैंने दम मारो दम गाया था. मेरा कोई भी स्टेज शो दम मारो दम और जीते हैं शान से के बिना पूरा नहीं होता है. दर्शक खुद मुझसे उसकी गुजारिश करते हैं.मैं हमेशा उनके गानों के लिए उनकी शुक्रगुज़ार रहूंगी।

ये याद हमेशा रहेगी

आशाजी के साथ जुड़ी यादों की बात करूँ तो कई सारी रही हैं लेकिन जो मेरे दिल के करीब है. वो ये कि उन्होंने हमारे स्टूडियो में आकर नज़रुल गीत की रिकॉर्डिंग की थी.दो से तीन दिन वह लगातार स्टूडियो आयी थी और रिकॉर्ड किया था. उस दौरान हमारी काफी बात हुई थी. म्यूजिक को लेकर हमारी बहुत बात होती थी.कोलकाता में हुए उनके स्टेज शो की भी कई यादें हैं ,जब हमने साथ में स्टेज शोज किये थे.बहुत कुछ है. कभी ना भूलने वाली यादें

आखिरी मुलाक़ात

मुंबई जब भी आती थी तो उनसे मिलने की कोशिश रहती थी.चार पांच महीने पहली आयी थी तो उनसे मुंबई के ओबेरॉय ग्रैंड में मिली थी. उस दौरान हमारी म्यूजिक के अलावा दुर्गा पूजा ,कोलकाता पर भी बात हुई थी.वह बहुत बड़ी पर्सनालिटी थी,लेकिन बहुत ही आत्मीयता से मिलती थी. वैसे वह मुझे उस वक़्त से जानती हैं जब मैं ओबेरॉय होटल में परफॉर्म करती थी. वह पंचम दा के साथ आती थी. पंचम दा को मेरी आवाज बहुत पसंद थी. मैंने उनके साथ काम किया है.आशा जी के बेटे हेमंत भोसले के साथ भी मैंने काम किया है.फिल्म थी बंधन कच्चे धागों का जिसमें “मेरा गाना हैंड्स अप जानी” था तो हमारी पुरानी दोस्ती थी.

मेरी आवाज में उन्हें अपना ये गीत पसंद था

मैं अपने स्टेज शोज के दौरान आशाजी के गाने बहुत गाती हूं,कई बार पंचम दा और आशा जी ने भी मेरे लिए तालियां बजायी हैं.पंचम दा और आशा ताई दोनों को मेरी आवाज में कारवां फिल्म का उनका गीत “अब जो मिले है तो ” और बांग्ला में आशा जी का रोमांटिक गीत ‘तुमि कतो जे दूर ‘बहुत पसंद था.एक बार एक स्टेज शो में मैंने उनके सामने परफॉर्म किया था तो उन्होंने बहुत क्लैपिंग की थी.आशाजी ने कहा भी था कि कारवां का गीत उन्हें मेरी आवाज में अच्छा लगता है.

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Urmila Kori

लेखक के बारे में

By Urmila Kori

I am an entertainment lifestyle journalist working for Prabhat Khabar for the last 14 years. Covering from live events to film press shows to taking interviews of celebrities and many more has been my forte. I am also doing a lot of feature-based stories on the industry on the basis of expert opinions from the insiders of the industry.

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