Chandramouli Biswas: मशहूर बेसिस्ट चंद्रमौली बिस्वास ने किराए के कमरे में की आत्महत्या, सुसाइड नोट में….

Published by : Sheetal Choubey Updated At : 13 Jan 2025 6:03 PM

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Chandramouli Biswas

Chandramouli Biswas: 12 जनवरी की शाम ‘फॉसिल्स’, ‘गोलोक’ जैसे बैंड के लिए मशहूर बेसिस्ट चंद्रमौली बिस्वास का 48 वर्ष की आयु में निधन हो गया. वह बीते दिन अपने किराए के कमरे में मृत पाए गए.

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Chandramouli Biswas: ‘फॉसिल्स’, ‘गोलोक’ और ‘जोम्बी केज कंट्रोल’ जैसे बैंड के लिए पॉपुलर बेसिस्ट चंद्रमौली बिस्वास ने 48 साल की उम्र में दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है. वह 12 जनवरी की शाम सेंट्रल कोलकाता में वेलिंगटन के पास इंडियन मिरर स्ट्रीट स्तिथ किराए के कमरे में फंदे से लटके हुए पाए गए. उनके पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने बताया है कि उनकी मौत के पीछे किसी का भी हाथ नहीं है. अब उनके असामयिक निधन से उनके फैंस और परिजनों में शोक की लहर है.

टीम के साथ ने दी सुसाइड की सुचना

चंद्रमौली बिस्वास के मौजूदा बैंड के साथी मोहुल चक्रवर्ती मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार को जब उनसे मिलने उनके किराए के कमरे पर पहुंचे, तब चंद्रमौली उन्हें फंदे से लटके हुए मिले. इसके बाद तुरंत ही मोहुल चक्रवर्ती ने स्थानीय लोगों को इसकी सुचना दी और साथ ही पुलिस को भी बुलाया. सुचना मिलते ही पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और बिना समय गवाए घटना की जांच शुरू कर दी. चंद्रमौली के संगीत बैंड ‘गोलोक’ के लीड सिंगर मोहुल चक्रवर्ती ने कहा, “बिस्वास सुबह से मेरा फोन नहीं उठा रहे थे और मुझे उनकी चिंता होने लगी. मैंने उनके एक करीबी दोस्त को फोन किया और हम दोनों उनके घर पहुंचे और पाया कि वे मृत हैं. यह पूरे बंगाल संगीत उद्योग के लिए एक बड़ी क्षति है.”

डिप्रेशन से जूझ रहे थे चंद्रमौली बिस्वास

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि उनकी शुरुआती जांच से मालूम पड़ता है कि चंद्रमौली बिस्वास कई सालों से आर्थिक समस्यों की वजह से डिप्रेशन से जूझ रहे थे. अधिकारी ने इस बारे में बात करते हुए कहा, “हमने उनके रिश्तेदारों और दोस्तों से बात की है, जिन्होंने बताया कि वह कुछ वर्षों से अवसाद में थे और उनका इलाज भी चल रहा था.”

सुसाइड नोट में क्या लिखा है?

चंद्रमौली बिस्वास के शव के पास टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें बिस्वास ने लिखा है कि उनकी मौत के पीछे कोई दोषी नहीं है. मालूम हो कि बिस्वास साल 2000 से 2018 तक बैंड फॉसिल्स के प्रमुख सदस्य हुआ करते थे, पहले गिटारिस्ट के रूप में शामिल हुए और फिर बेसिस्ट बन गए. इसके बाद वह साल 2018 में बैंड से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की वजह से अलग हो गए थे.

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Sheetal Choubey

लेखक के बारे में

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शीतल चौबे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर हैं और एंटरटेनमेंट बीट पर काम करती हैं. बिहार के बक्सर की रहने वाली शीतल की शुरुआती पढ़ाई उत्तर प्रदेश के कानपुर से पूरी हुई. 12वीं खत्म होने के बाद उनकी दिलचस्पी पत्रकारिता की ओर बढ़ी, जिसके चलते उन्होंने मध्य प्रदेश की माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. करियर की शुरुआत शीतल ने शब्द सांची से की, जहां उन्होंने एजुकेशन के साथ-साथ एंटरटेनमेंट बीट पर भी काम किया. यहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग के अलावा वॉइस ओवर और Adobe Premiere Pro पर बेसिक वीडियो एडिटिंग भी सीखी. करीब एक साल तक काम करने के बाद साल 2024 में वह प्रभात खबर डिजिटल से जुड़ीं. प्रभात खबर में शुरुआत में शीतल ने बॉक्स ऑफिस, बॉलीवुड, साउथ सिनेमा और एंटरटेनमेंट गॉसिप्स पर काम किया. फिलहाल वह टीवी और OTT रियलिटी शोज से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. आसान भाषा में एंगेजिंग और SEO फ्रेंडली कंटेंट लिखना उनकी खासियत है. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो पाठकों को आसानी से समझ आएं और उनसे जुड़ाव महसूस हो. डिजिटल मीडिया में लगातार सीखते हुए शीतल एंटरटेनमेंट पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. नए ट्रेंड्स और ऑडियंस की पसंद को समझते हुए यूजर्स तक तेजी से सही और दिलचस्प जानकारी पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है.

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