जब रांची में बारिश के बीच भी गूंजा आशा भोसले का जादुई संगीत, 40 हजार दर्शक आये थे सुनने

Updated at : 12 Apr 2026 3:02 PM (IST)
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asha bhosle in ranchi

2012 में रांची आईं थीं आशा भोंसले, फोटो- प्रभात खबर

2012 में रांची में आशा भोसले का कार्यक्रम खराब मौसम के कारण पहले टल गया था. अगले दिन बारिश के बीच 40 हजार दर्शकों की मौजूदगी में उन्होंने बिरसा स्टेडियम में प्रस्तुति दी.

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रांची में सात जनवरी 2012 को आशा भोसले का कार्यक्रम तय किया गया था, लेकिन उस दिन मौसम इतना खराब हो गया था कि रांची एयरपोर्ट पर कोई विमान नहीं उतर सका था. रांची आने के लिए आशा भोसले मुंबई से विशेष विमान से कोलकाता तक आ चुकी थी. रांची में कुहासा, वर्षा के कारण विमान उतर नहीं सकता था. उस खराब मौसम में भी आशा भोसले को सुनने के लिए रांची के बिरसा स्टेडियम में दर्शकों-श्रोताओं की भारी भीड़ जमा हो चुकी थी. भीड़ को नियंत्रित करना आसान नहीं था. आशा भोसले कोलकाता में कई घंटे तक विमान में बैठी इंतजार करती रहीं कि कब रांची के लिए उनका विमान उड़े.

आशा भोसले का रांची में कार्यक्रम

जब आशा भोंसले को बताया गया कि रांची में विमान उतारने की अनुमति नहीं मिल रही है, मौसम खराब है, जोखिम है, तो वे निराश हो गईं, लेकिन उन्होंने कहा कि दूसरे दिन हर हाल में रांची में कार्यक्रम करेंगी, मुंबई नहीं लौटेंगी बल्कि कोलकाता में ही इंतजार करेंगी. जब मौसम नहीं सुधरा, आशा भोंसले नहीं आ सकीं तो रांची में स्टेडियम में प्रभात खबर द्वारा घोषणा कर दी गई कि आशा भोसले का कार्यक्रम मौसम खराब होने के कारण स्थगित कर दिया गया है. तारीफ करनी होगी रांची-झारखंड के संगीत प्रेमियों की, जिन्होंने कोई हंगामा नहीं किया, चुपचाप लौट गए. उन्हें बताया गया था कि दूसरे दिन जैसे ही स्थिति ठीक होगी, कार्यक्रम होगा. दूसरे दिन भी मौसम बहुत अच्छा नहीं था, लेकिन पहले दिन की तुलना में कुछ ठीक था.

बारिश के बीच भी जारी रहा आशा भोसले का कार्यक्रम

दूसरे दिन थोड़ी देर के लिए मौसम में सुधार आया तो आशा भोसले का विमान किसी तरह रांची में उतर गया. स्टेडियम में श्रोता आशा भोसले का इंतजार कर रहे थे. स्टेज खुला था, इसी बीच शाम में फिर से मौसम खराब होने लगा था. स्टेडियम में 40 हजार दर्शक थे, हल्की-हल्की बारिश होने लगी. उसी बारिश में आशा भोसले ने गाना शुरू कर दिया. बारिश तेज हो गई, छातों का इस्तेमाल किया गया. मैदान में बैठे दर्शक उस बारिश में गीतों का आनंद उठा रहे थे. जब बारिश तेज हो गई तो दर्शक जिस कुर्सी पर बैठे थे, उसे उठाकर सिर पर रखकर बारिश से बचने की कोशिश की. इसके बावजूद दर्शकों ने कार्यक्रम का लुत्फ उठाया. प्रभात खबर के इतिहास का यह सबसे बड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम था.

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Divya Keshri

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By Divya Keshri

मेरा नाम दिव्या केशरी है. मैं प्रभातखबर.कॉम में एंटरटेनमेंट लीड के तौर पर काम कर रही हूं. पिछले 5 साल से ज्यादा वक्त से मैं ग्लैमर और सिनेमा की दुनिया को कवर कर रही हूं. मेरा पूरा फोकस फिल्मों, टीवी सीरियल्स और OTT के ट्रेंडिंग अपडेट्स पर रहता है. मैं आपके लिए फिल्म रिव्यू, ट्रेलर एनालिसिस और बॉक्स ऑफिस का पूरा हिसाब-किताब लेकर आती हूं. लिखते वक्त मेरी एक ही कोशिश रहती है- बात चाहे कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, उसे बिल्कुल आसान और मजेदार तरीके से कहूं. ताकि आप खबर को सिर्फ पढ़ें नहीं, बल्कि उससे कनेक्ट भी कर पाएं.

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