AR Rahman ने ऐसा क्या कह दिया कि अनूप जलोटा ने उन्हें दे दी दोबारा हिंदू बन जाने की सलाह? 'जय हो’ से लेकर 'छावा' तक फैला मामला

Published by : Sheetal Choubey Updated At : 21 Jan 2026 5:02 PM

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ए.आर. रहमान, फोटो क्रेडिट- एक्स प्लेटफॉर्म

AR Rahman इस बार अपने संगीत की वजह से नहीं, बल्कि एक इंटरव्यू में दिये गए बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. इसके बाद फिल्म ‘छावा’ पर किए गए कमेंट, ऑस्कर विजेता गाने ‘जय हो’ से जुड़ा पुराना विवाद और फिर अनूप जलोटा का बयान सामने आया. आइए नीचे पूरा मामला समझते हैं.

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AR Rahman को लोग उनके संगीत और ऑस्कर अवॉर्ड के लिए जानते हैं. लेकिन जनवरी 2026 में रहमान चर्चा में आए तो वजह उनका कोई नया गाना नहीं, बल्कि एक इंटरव्यू में कही गई बात थी. एक ऐसा बयान, जिसने देखते ही देखते सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी. इस बयान के बाद रहमान का नाम सिर्फ वर्तमान से नहीं, बल्कि उनके पास्ट से भी जोड़ा जाने लगा. पुराने इंटरव्यू निकाले गए, पुराने गानों पर सवाल उठे और फिर इस पूरे मामले में ऐसे बयान आए, जिनकी शायद किसी को उम्मीद नहीं थी. तो आखिर यह विवाद कहां से शुरू हुआ, कैसे ‘छावा’ और ‘जय हो’ तक पहुंचा और अनूप जलोटा की एंट्री से मामला कहां आकर खड़ा है, आइए पूरा मामला समझते हैं.

ए.आर. रहमान ने ऐसा क्या कहा जिससे बात शुरू हुई?

जनवरी 2026 में BBC Asian Network को दिए गए एक इंटरव्यू में ए.आर. रहमान ने कहा कि पिछले कुछ सालों से उन्हें हिंदी फिल्मों में पहले जितना काम नहीं मिल रहा है. उन्होंने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री का माहौल बदल गया है और सोच भी पहले जैसी नहीं रही. इसी बातचीत में उन्होंने यह कहा कि काम कम मिलने के पीछे communal (साम्प्रदायिक) माहौल भी एक वजह हो सकता है.

रहमान ने किसी का नाम नहीं लिया और न ही किसी पर सीधा आरोप लगाया. लेकिन उनके इस बयान को कई लोगों ने धर्म से जोड़ दिया. इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई कि क्या रहमान सिर्फ अपना अनुभव बता रहे थे या फिर काम न मिलने की वजह को कम्यूनल सोच से जोड़ रहे थे.

फिल्म ‘छावा’ को लेकर रहमान ने क्या कहा?

इसी इंटरव्यू में रहमान ने फिल्म ‘छावा’ का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी ऐतिहासिक फिल्म है, जिसमें संगीत की अहम भूमिका हो सकती थी. इसके बावजूद उन्हें इस फिल्म के लिए नहीं चुना गया.

रहमान ने यह नहीं कहा कि उन्हें जानबूझकर बाहर किया गया, लेकिन उन्होंने यह जरूर बताया कि कुछ बड़ी फिल्मों में उन्हें शामिल नहीं किया जा रहा है.

जब रहमान का बयान और ‘छावा’ वाली बात चर्चा में थी, तभी सोशल मीडिया पर फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा का एक पुराना इंटरव्यू वायरल होने लगा. इस इंटरव्यू में उन्होंने ऑस्कर जीत चुके गाने ‘जय हो’ को लेकर सवाल उठाए थे.

ऑस्कर विनिंग गाना ‘जय हो’ रहमान ने नहीं बनाया?

राम गोपाल वर्मा ने कहा था कि ‘जय हो’ गाने को ए.आर. रहमान ने नहीं, बल्कि इसे गाने वाले सुखविंदर सिंह ने बनाया था. उन्होंने यह भी कहा कि सुखविंदर को इसके बदले कम पैसे मिले (5 लाख) और गाने का पूरा नाम रहमान को मिला. यह बयान पहले भी विवाद में रहा था, लेकिन अब इसे फिर से शेयर किया जाने लगा.

सुखविंदर सिंह ने खुद आकर बात साफ की

राम गोपाल वर्ममा के बयान के बाद गायक सुखविंदर सिंह ने खुद सामने आकर सच्चाई बताई. उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने ‘जय हो’ को सिर्फ गाया है, बनाया नहीं.

हिंदुस्तान टाइम्स के साथ एक इंटरव्यू में सुखविंदर सिंह ने बताया कि गाने का संगीत ए.आर. रहमान ने ही तैयार किया था और इसके बोल गुलजार ने लिखे थे. उन्होंने यह भी बताया कि यह गाना पहले किसी और प्रोजेक्ट के लिए बना था, लेकिन बाद में फिल्म Slumdog Millionaire में इस्तेमाल हुआ और वहीं से इसे ऑस्कर मिला. इसके बाद ‘जय हो’ को लेकर फैली गलतफहमी काफी हद तक साफ हो गई.

अनूप जलोटा: “दोबारा हिंदू बन जाना चाहिए”

जब रहमान का बयान, ‘छावा’ और ‘जय हो’ से जुड़ी बातें चल ही रही थीं, तभी इस मामले में अनूप जलोटा का बयान सामने आया. उन्होंने कहा कि अगर ए.आर. रहमान को लगता है कि उन्हें धर्म की वजह से काम नहीं मिल रहा, तो उन्हें दोबारा हिंदू बन जाना चाहिए.

इस बयान के बाद विवाद और बढ़ गया. कई लोगों ने कहा कि यह बात कहने की जरूरत नहीं थी और किसी की निजी आस्था पर ऐसी टिप्पणी ठीक नहीं है. सोशल मीडिया पर अनूप जलोटा के बयान की काफी आलोचना हुई.

ए.आर. रहमान ने दी सफाई, जानें क्या कहा?

जैसे-जैसे विवाद बढ़ा, रहमान ने सोशल मीडिया पर सफाई देते हुए कहा कि उनके शब्दों को गलत समझा गया. उन्होंने कहा, “भारत मेरी प्रेरणा है, मेरा गुरु है और मेरा घर है. मैं समझता हूं कि कभी-कभी इरादों को गलत समझा जा सकता है. लेकिन मेरा मकसद हमेशा संगीत के जरिए लोगों को ऊपर उठाना, सम्मान देना और सेवा करना रहा है. मैंने कभी किसी को दुख पहुंचाने की इच्छा नहीं की और मुझे उम्मीद है कि मेरी ईमानदारी महसूस की जाएगी.”

दो हिस्सों में बंटा सोशल मीडिया

फिलहाल, रहमान नितेश तिवारी की रामायण पर काम करने में बिजी हैं. इस फिल्म के लिए उन्होंने ग्रैमी अवॉर्ड जीतने वाले कंपोजर हंस जिमर के साथ कोलैबोरेट किया है.

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Sheetal Choubey

लेखक के बारे में

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शीतल चौबे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर हैं और एंटरटेनमेंट बीट पर काम करती हैं. बिहार के बक्सर की रहने वाली शीतल की शुरुआती पढ़ाई उत्तर प्रदेश के कानपुर से पूरी हुई. 12वीं खत्म होने के बाद उनकी दिलचस्पी पत्रकारिता की ओर बढ़ी, जिसके चलते उन्होंने मध्य प्रदेश की माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. करियर की शुरुआत शीतल ने शब्द सांची से की, जहां उन्होंने एजुकेशन के साथ-साथ एंटरटेनमेंट बीट पर भी काम किया. यहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग के अलावा वॉइस ओवर और Adobe Premiere Pro पर बेसिक वीडियो एडिटिंग भी सीखी. करीब एक साल तक काम करने के बाद साल 2024 में वह प्रभात खबर डिजिटल से जुड़ीं. प्रभात खबर में शुरुआत में शीतल ने बॉक्स ऑफिस, बॉलीवुड, साउथ सिनेमा और एंटरटेनमेंट गॉसिप्स पर काम किया. फिलहाल वह टीवी और OTT रियलिटी शोज से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. आसान भाषा में एंगेजिंग और SEO फ्रेंडली कंटेंट लिखना उनकी खासियत है. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो पाठकों को आसानी से समझ आएं और उनसे जुड़ाव महसूस हो. डिजिटल मीडिया में लगातार सीखते हुए शीतल एंटरटेनमेंट पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. नए ट्रेंड्स और ऑडियंस की पसंद को समझते हुए यूजर्स तक तेजी से सही और दिलचस्प जानकारी पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है.

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