FILM REVIEW: जानें कैसी है ''कुंगफू योगा''
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 03 Feb 2017 4:03 PM
II उर्मिला कोरी II फिल्म: कुंग फू योगा निर्देशक: स्टेनली टोंग कलाकार: जैकी चेन, सोनू सूद, दिशा पटानी, अमायरा दस्तूर और अन्य रेटिंग: दो विदेशी फिल्में कुछ समय से न सिर्फ भारतीय कलाकारों को अहम स्पेस दे रही है बल्कि अब भारत इन फिल्मों की कहानी का अहम हिस्सा भी बनती जा रही है. इसी […]
II उर्मिला कोरी II
फिल्म: कुंग फू योगा
निर्देशक: स्टेनली टोंग
कलाकार: जैकी चेन, सोनू सूद, दिशा पटानी, अमायरा दस्तूर और अन्य
रेटिंग: दो
विदेशी फिल्में कुछ समय से न सिर्फ भारतीय कलाकारों को अहम स्पेस दे रही है बल्कि अब भारत इन फिल्मों की कहानी का अहम हिस्सा भी बनती जा रही है. इसी का हिस्सा चीन की फिल्म ‘कुंग फु योगा’ है. इस फिल्म में न सिर्फ भारतीय कलाकार हैं, फिल्म की कहानी में भी भारत है.
लेकिन अफ़सोस इस बात का है कि वही भारत नज़र आ रहा है जो विदेशों की सोच में है. साँपों का देश, महलों और राजा रानियों का देश रंगों का देश. राजस्थान की शूटिंग में यह सभी पहलु दिखाये गए हैं. भारत को साँपों को देश प्रचारित करना अब विदेशियों को बंद करना चाहिए.
फिल्म की कहानी पर आते हैं. फिल्म की कहानी 1000 साल पुराने मगध के खोए हुए खजाने को खोजने की कहानी है. जिस वजह से भारत के राजसी परिवार की सदस्या दिशा, अमायरा और चीन के पुरातत्वविद विशेषज्ञ जैक एकजुट होते हैं. फिल्म में विलेन भी है.
रेण्डल जो खजाने पर अपना अधिकार समझता है क्योंकि उसके परिवार भी हज़ारों साल पहले इस सम्पदा को पाना चाहते हैं. फिल्म खजाने की खोज की कहानी है. बहुत हद तक फिल्म की कहानी को निकोलस केज की इंडियाना जोन से प्रभावित लगती है लेकिन फिल्म का ट्रेटमेंट दूर दूर तक उस स्तर का नहीं है.
उस पर स्पूफ इस फिल्म को कहा जाए तो गलत न होगा. फिल्म का नाम तो कुंग फू योगा है, लेकिन फिल्मांकन के दौरान ज्यादा से ज्यादा कुंग फू देखने को मिलता है और योगा नदारद सा ही है. सिर्फ बर्फीले पानी में तैरकर निकलने वाले सीन में ही योग का जिक्र है.
हालांकि फिल्म में जैकी चेन इस बात को स्वीकारते नज़र आते हैं कि कुंग फु भारत से आए बोधि गुरु ने सिखायी थी. अभिनय की बात करें तो जैकी हमेशा की तरह एक्शन कॉमेडी एक्शन के ज़रिये परदे पर रंग जमाते दिखे हैं. हाँ उनकी पिछली फिल्मों के मुकाबले उनका जादू ज़रूर कमतर नज़र आया है.
शेर के साथ वाला उनका दृश्य अच्छा बन पड़ा है. खलनायक के तौर पर सोनू सूद निराश करते हैं. वह फिल्म में ओवर द टॉप रहे हैं. दिशा पटानी को फिल्म में अच्छा स्पेस मिला है. वह जैकी के साथ अधिकतर सीन में है. एक्शन सीन्स भी करती दिखी हैं.
उन्हें अपनी संवाद अदायगी पर काम करने की ज़रूरत है. इस फिल्म को देखकर भी यह भी यह बात लगती हैअमाया दस्तूर अच्छी रही हैं. फिल्म के लोकेशंस, सिनेमेटोग्राफी और बैकग्राउंड स्कोर अच्छे हैं, फिल्म में ग्राफ़िक्स भी अच्छे इस्तेमाल किये गए हैं.
कार चैसिंग वाले दृश्य अच्छे बन पड़े हैं. फिल्म के अंत में बॉलीवुड डांस मूव्स इस फिल्म को खास बना जाता है. यह फिल्म का हाइलइटिंग पॉइंट कहा जाए तो गलत न होगा. विदेशी फिल्में कुछ समय से न सिर्फ भारतीय कलाकारों को अहम स्पेस दे रही है बल्कि अब भारत इन फिल्मों की कहानी का अहम हिस्सा भी बनता जा रहा है.
इसी का आगे का हिस्सा चीन की फिल्म कुंग फु योगा है. इस फिल्म में न सिर्फ भारतीय कलाकार है बल्कि फिल्म की कहानी में भी भारत है.
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