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मैगी मामला : अमिताभ, माधुरी और प्रीति सहित 8 लोगों को नोटिस जारी

Updated at : 04 Jun 2015 8:06 PM (IST)
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मैगी मामला : अमिताभ, माधुरी और प्रीति सहित 8 लोगों को नोटिस जारी

चेन्नईः मैगी मामले में जहां एक और एक के बाद एक राज्य उसपर प्रतिबंध लगा रहे हैं वहीं उसके विज्ञापन में नजर आने वाले स्टारों की मुसीबतें भी कम नहीं हो रही है. तमिलनाडु ने मैगी मामले में अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित और प्रीति जिंटा को नोटिस भेजा है. तमिलनाडु स्टेट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमिशन […]

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चेन्नईः मैगी मामले में जहां एक और एक के बाद एक राज्य उसपर प्रतिबंध लगा रहे हैं वहीं उसके विज्ञापन में नजर आने वाले स्टारों की मुसीबतें भी कम नहीं हो रही है. तमिलनाडु ने मैगी मामले में अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित और प्रीति जिंटा को नोटिस भेजा है.

तमिलनाडु स्टेट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमिशन (टीएनएससीडीआरसी), मदुरई बेंच ने आज अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित, प्रीति जिंटा, नेस्ले के चेयरमेन सहित सात लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया है. इसमें चेन्नई के खाद्य सुरक्षा आयुक्त भी शामिल हैं.बेंच ने स्वास्थ्य सेवा से संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि अलग-अलग दुकानों से मैगी के सैंपल लिये जाएं और उसका उचित प्रयोगशालाओं में जांच किया जाय.

इस बीच तमिलनाडु सरकार ने आज मैगी पर तीन महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है.पिछले सप्ताह उत्तर प्रदेश फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने मैगी बनाने वाली कंपनी नेस्ले इंडिया के खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज किया था साथ ही इसके विज्ञापन में नजर आने वाले सितारे अमिताभ बच्च्न, माधुरी दीक्षित और प्रीति जिंटा के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की थी.

गौरतलब है कि आज दिल्ली, उत्तराखंड के बाद गुजरात ने भी मैगी नूडल्स पर प्रतिबंध लगा दिया. कल दिल्ली सरकार द्वारा मैगी की बिक्री पर 15 दिन के लिए प्रतिबंध लगाया गया. गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री नीतिन पटेल ने ट्वीट किया कि गुजरात में मैगी पर एक महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कहा कि राज्य सरकार मैगी नूडल्स (नेस्ले कंपनी का उत्पाद) मामले की जांच कर रही है और प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई करेगी. कल सेना ने भी मैगी पर बैन लगा दिया.

महाराष्ट्र सरकार द्वारा कल मैगी को क्लीन चीट दिये जाने के बाद उसने कहा है कि सरकार ने कुछ ताजा नमूने लिये हैं. इसकी जांच के बाद शुक्रवार को इस बारे में फिर से विचार किया जाएगा.

गौरतलब है कि मैगी के नमूनों में शीशा की मात्रा पायी गयी है. और मेडिकल के विशेषज्ञों का मानना है कि मैगी के अत्यधिक सेवन से किडनी, हड्डी और तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचता है. यह विशेषकर बच्चों के लिए काफी नुकसानदेह है. इससे बच्चों के सुनने की क्षमता प्रभावित होती है.

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