...जब राष्ट्रपति ने राजकपूर को दादा साहब फाल्के अवार्ड देने के लिए तोडा प्रोटोकॉल

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Mar 2015 1:13 PM

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बॉलीवुड के दिग्‍गज अभिनेता रहे शशि कपूर को दादा साहब फाल्‍के पुरस्‍कार की घोषणा से पूरे बॉलीवुड में खुशी है. सभी दिग्‍गज कलाकार और नेता शशि कपूर को इस पुरस्‍कार की बधाई दे रहे हैं. इसी पर दादा साहब फाल्‍के के पोते चंद्रशेखर पुसालकर ने इस अवार्ड को व्‍हीलचेयर अवार्ड बताया है. उन्होंने कहा ‘ये […]

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बॉलीवुड के दिग्‍गज अभिनेता रहे शशि कपूर को दादा साहब फाल्‍के पुरस्‍कार की घोषणा से पूरे बॉलीवुड में खुशी है. सभी दिग्‍गज कलाकार और नेता शशि कपूर को इस पुरस्‍कार की बधाई दे रहे हैं. इसी पर दादा साहब फाल्‍के के पोते चंद्रशेखर पुसालकर ने इस अवार्ड को व्‍हीलचेयर अवार्ड बताया है.

उन्होंने कहा ‘ये सवाल कभी-कभी मन में पैदा होता है कि ये (दादा साहब फाल्‍के पुरस्‍कार) अवार्ड क्‍या व्‍हीलचेयर अवार्ड हो गया है?’ चंद्रशेखर पुसालकर ने इस पुरस्‍कार को मिलने में हुई देरी को देखते हुए यह सवाल उठाया. चंद्रशेखर ने कहा कि ‘मैं स्‍वयं शशि कपूर का बहुत बड़ा प्रशंसक रहा हूं. उन्‍हें इस पुरस्‍कार के लिए बधाई’.

साल 1971 में जब पृथ्‍वीराज कपूर को दादा साहब फाल्के पुरस्‍कार दिए जाने की घोषणा हुई. लेकिन पुरस्‍कार ग्रहण करने से पहले ही उनकी मृत्‍यु हो गयी और उनके बेटे राजकपूर ने पृथ्‍वीराज कपूर के तरफ यह पुरस्‍कार लिया. 1987 में राजकपूर को 35वें दादा साहब फाल्‍के पुरस्‍कार देने की घोषणा की गयी. उस वक्‍त वे बीमार चल रहे थे.
2 मई 1988 को जब राज कपूर को पुरस्‍कार लेने के लिए मंच पर आमंत्रित किया गया उस वक्‍त वे उठकर तो खड़े हुए लेकिन सांस लेने में तकलीफ के कारण वे मंच पर ना जा सके. तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति ने उनकी स्‍थ‍िति देखते हुए प्रोटोकॉल तोड़कर खुद राजकपूर के पास जाकर उन्‍हें पुरस्‍कार प्रदान किया. कुछ समय तक होश में रहने के बाद राजकपूर अचेत हो गए. उन्हें राष्‍ट्रपति के आरक्षित एंबुलेंस से तुरंत अस्‍पताल पहुंचाया गया जहां एक महीने तक लगातार संघर्ष करने के बाद 2जून 1988 कोउनकी मृत्यु हो गयी.
आज शशि कपूर बीमार चल रहे हैं. किडनी संबंधी बीमारी के कारण वे कई समय तक अस्‍पताल में भर्ती रहे. ऐसे में शशिकपूर को दादा साहब पुरस्‍कार मिलने की घोषणा से जाहिर है फिल्‍म जगत में खुशी का महौल है. लेकिन इस पुरस्‍कार को मिलने से होने वाली देरी से लोगों में नाराजगी जरूर हैं. ऐसे में चंद्रशेखर के द्वारा उठाया गया यह सवाल लाजमी है.
बता दें कि 150 से ज्‍यादा फिल्‍में कर चुके शशि कपूर , कपूर खानदान के तीसरे व्‍यक्ति हैं जिन्हें इस पुरस्‍कार से सम्मानित किया जाएगा. इससे पहले कपूर खानदान में यह पुरस्‍कार पृथ्‍वीराज कपूर (1971 में) और राज कपूर (1983 में ) को फिल्‍मी दुनिया में श्रेष्ठ योगदान के लिए दिया जा चुका है. शशिकपूर के भतीजे ऋषि कपूर ने ट्विटर के माध्‍यम से अपने चाचा को बधाई दी. उन्‍होंने बताया कि उनके परिवार में यतीसरा पद्म भूषण और दादा साहब फाल्‍के पुरस्‍कार है जो शशि‍ कपूर को मिलने जा रहा है.
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