Bhojpuri: खेसारी-पवन को पीछे छोड़ आगे निकले राकेश तिवारी, यूट्यूब पर एक साथ सात गाने हो रहे वायरल

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Bhojpuri: भोजपुरी इंडस्ट्री के सबसे लोकप्रिय एक्टर-सिंगर पवन सिंह और खेसारी लाल यादव के गाने हमेशा ट्रेंड में रहते है. फैंस के बीच उनके गाने किसी फिल्म से कम नहीं है. लेकिन भोजपुरी इंडस्ट्री के एक सिंगर राकेश तिवारी ने इनदोनों को पीछे छोड़ दिया है. यूट्यूब पर इन दिनों राकेश यादव के गाने वायरल हो रहे है, जिनमें एक-दो गाने नहीं बल्कि सात गाने शामिल है. तो आइये राकेश तिवारी के जीवन पर एक नजर डालते है.
Bhojpuri: भोजपुरी के सबसे बड़े एक्टर-सिंगर खेसारी लाल यादव और पवन सिंह ने एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने दिए है. उनके गाने कितने भी पुराने हो या नए, वह हमेशा ट्रेंड में रहते है. सोशल मीडिया पर भी उनके गाने पर फैंस रील्स बना कर शेयर करते रहते है. लेकिन भोजपुरी के एक गायक राकेश तिवारी ने इन के एक-दो नहीं बल्कि सात गाने ट्रेंड में है. राकेश तिवारी ने संगीत की शुरुआत अपने नाना स्वर्गीय श्री पवहारी शरण तिवारी के साथ की थी और नाना के साथ उनके मामा राजा मणि और शत्रुघ्न मणि ने उनकी कला को निखारने में अहम भूमिका निभाई. उनका परिवार कृषि से जुड़ा हुआ था और उनके पिता श्री अशोक तिवारी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) में थे.
ई-टीवी के Folk जलवा के विनर है राकेश तिवारी
राकेश ने अपनी पढ़ाई बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से की, जहां उन्होंने शास्त्रीय संगीत की शिक्षा श्री व्यास जी मौर्य से ली. संगीत जगत में उन्हें 2006 में पहला बड़ा मौका ई-टीवी पर आने वाला ‘Folk जलवा’ से मिला, जिसमें वह विनर साबित हुए. इसके बाद 2009 में मुंबई के ‘सुर संग्राम’ में चैलेंजर विजेता का खिताब जीतकर खुद की पहचान बनाई. भोजपुरी को ही उन्होंने अपना करियर बना लिया और इस इंडस्ट्री में प्यार और संस्कृति से जुड़े गानों को अपना लिया. अब उनके सात गाने यूट्यूब पर ट्रेंड कर रहे है, जिनमें “कोनो दिनवा शिकार हो जायबू”, हमसे मिलबू हमार हो जयबू”, “आज अच्छा कटी दिन बुझाता और “भोरही मुस्कुरा देले बाली” जैसे गाने शामिल है.
मनोज तिवारी और रवि किशन के साथ कर चुके है काम
राकेश तिवारी ने मनोज तिवारी के साथ ‘देवरा भईल दीवाना’ और रवि किशन के साथ ‘सत्यमेव जयते’ जैसी फिल्मों में भी काम किया है. उनकी एक्टिंग को भी दर्शकों ने पसंद किया है. लोकल 18 के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “हमरा गाना हर जगह बाजे ला, लेकिन नाम ना आवेला – ई बात चुभेला”. राकेश अब तक थाईलैंड, बैंकॉक और मॉरीशस समेत कई देशों में भोजपुरी संस्कृति को उभार चुके है और हर दिन वह किसी न किसी कार्यक्रम में गाने गाते रहते है. राकेश हमेशा अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, खासकर मां सुभद्रा तिवारी को देते है और मां विंध्यवासिनी देवी को पूजते है. एक गायक के साथ-साथ वह भोजपुरी भाषा और संस्कृति के जागरूक प्रहरी बन गए है.
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By Shreya Sharma
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