महाभारत सीरियल के श्रीकृष्ण का झारखंड से है पुराना नाता, भाजपा के दो सदस्यों के कारण छोड़ा जमशेदपुर

Updated at : 18 Aug 2019 9:36 AM (IST)
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महाभारत सीरियल के श्रीकृष्ण का झारखंड से है पुराना नाता, भाजपा के दो सदस्यों के कारण छोड़ा जमशेदपुर

जमशेदपुर : वनबंधु परिषद जमशेदपुर चैप्टर की ओर से संगीतमय नाटक चक्रव्यूह का शनिवार को फैजी ऑडिटोरियम (लोयोला) में मंचन हुआ. इसमें जमशेदपुर के पूर्व सांसद और महाभारत सीरियल में श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले नीतीश भारद्वाज मुख्य किरदार में थे. उन्होंने राजनीति और कला पर मीडिया से अपनी बातें साझा की. पेश है बातचीत […]

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जमशेदपुर : वनबंधु परिषद जमशेदपुर चैप्टर की ओर से संगीतमय नाटक चक्रव्यूह का शनिवार को फैजी ऑडिटोरियम (लोयोला) में मंचन हुआ. इसमें जमशेदपुर के पूर्व सांसद और महाभारत सीरियल में श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले नीतीश भारद्वाज मुख्य किरदार में थे. उन्होंने राजनीति और कला पर मीडिया से अपनी बातें साझा की. पेश है बातचीत के मुख्य अंश :

पार्टी के फैसले से मध्यप्रदेश गया : 22 साल बीत चुके हैं. आज इसका कोई औचित्य नहीं रह गया है. फिर भी यहां के मतदाताओं के लिए कहना चाहता हूं. वर्ष 1996 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में दो ऐसे सदस्य थे, जो पार्टी हित के खिलाफ रहे. दरअसल वे चुनाव लड़ना चाह रहे थे, लेकिन अटल और आडवाणी जी के कारण जमशेदपुर से मैं चुनाव लड़ा और जीता भी. पार्टी के उक्त सदस्य मेरे प्रयास को निरस्त करने में लगे थे. मैं लोगों से मिलना चाहता था. 18-20 स्पीच जो मैंने लोकसभा में दिये, उसे लोगों में बांटना चाहता था. ताकि मेरा दुष्प्रचार रुके. लेकिन यह भी नहीं हो सका. मैं पार्टी का अनुशासित कार्यकर्ता रहा हूं. मैं डेढ़ साल जमशेदपुर में रहा. फिर पार्टी ने फैसला लिया कि मैं मध्यप्रदेश से चुनाव लड़ूं. मैंने वर्ष 1999 से 2008 तक वहां सेवा दी.

आज विरोधी कहीं नहीं हैं : एक-दो व्यक्ति जो विरोध कर रहे थे वे आज कहीं नहीं हैं. यह सुनकर अच्छा लगता है. रघुवर दास को मुख्यमंत्री के तौर देखकर अच्छा लगता है. उन्होंने मेरा शुरू से सपोर्ट किया. वे टाटानगर स्टेशन मेरा स्वागत करने आते थे और अंत तक साथ रहते थे. उन्हें देखकर कर्म सिद्धांत याद आता है.

हिंदुस्तान कॉपर का मामला संसद में उठाया : मीडिया में ये बातें आयी कि पांच साल के कार्यकाल में नीतीश भारद्वाज जमशेदपुर बहुत कम आये. मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मेरा कार्यकाल पांच साल का रहा ही नहीं. सांसद का कार्यकाल केवल 18 महीने का था. छह-आठ महीने लोकसभा का रहा. बचे समय में मैं सात बार जमशेदपुर आया. बहरागोड़ा व अन्य इलाके में गया. मैंने जमशेदपुर के लिए काम किया. मैंने संसद में हिंदुस्तान कॉपर का मामला उठाया था.

धारा 370 हटना कश्मीर के लिए अच्छा : धारा 370 को हटाना भाजपा का पुराना एजेंडा है. मोदी और अमित शाह ने मिलकर इसे हटा दिया. कश्मीर के लिए यह अच्छा हुआ. उन्होंने कहा कि मैं अभी सीरियल नहीं कर रहा हूं. फिल्म निर्माण, लेखन और निर्देशन से जुड़ा हूं. मैंने मराठी में फिल्म बनायी. बाद में वही फिल्म कन्नड़ में आयी. फिल्म थी पितृण. जिसे पांच-पांच अवार्ड मिले.

कंपनियां नाटकों को प्रायोजित कर रही हैं: नये नाटक मंचित हो रहे हो रहे हैं. मराठी, गुजराती में देख लीजिए. हिंदी में भी नये नाटक हो रहे हैं. अभी तो सीएसआर के तहत कई कंपनियां नाटकों को प्रायोजित कर रही हैं. सीएसआर के तहत नाटककारों को जमशेदपुर बुलाया जाना चाहिए.

रतन जोशी से मिलने पहुंचे नीतीश भारद्वाज
जमशेदपुर. जमशेदपुर के पूर्व भाजपा सांसद और महाभारत में श्रीकृष्ण की भूमिका निभानेवाले कलाकार नीतीश भारद्वाज शनिवार काे वरिष्ठ पत्रकार रतन जोशी से मिलने उनके जुगसलाई स्थित आवास पहुंचे. उनके घर जाकर मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली. उन्हें जल्द ही स्वस्थ होने की शुभकामना दी.

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