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'हाथी' छोड़कर 'साइकिल' पर सवार हो सकते हैं पूर्वांचल के बड़े ब्राह्मण नेता, अटकलें हुई तेज

गोरखपुर की राजनीति में इस ब्राह्मण नेता के परिवार का वर्षों से प्रभाव रहा है. वर्तमान समय में भी इस परिवार के द्वारा पूर्वांचल की ब्राह्मण राजनीति की दशा और दिशा तय होती है, लेकिन सोशल मीडिया पर इस राजनीतिक परिवार के सपा में जाने की अटकलें अब तेज हो गई हैं.

By Prabhat Khabar Digital Desk, Gorakhpur
Updated Date
सपा में शामिल हो सकते हैं पूर्वांचल के बड़े ब्राह्मण नेता
सपा में शामिल हो सकते हैं पूर्वांचल के बड़े ब्राह्मण नेता
सोशल मीडिया

UP Election 2022 : पूर्वांचल की ब्राह्मण वोट बैंक पर अपनी पकड़ रखने वाले गोरखपुर के एक बड़े राजनीतिक परिवार के सपा में जाने की अटकलें तेज हो गई हैं. इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी अब चर्चाओं का बाजार गर्म है. गोरखपुर की अगर बात करें तो इस परिवार का वर्षों से गोरखपुर की राजनीति में प्रभाव रहा है. वर्तमान समय में भी इस परिवार के द्वारा पूर्वांचल की ब्राह्मण राजनीति की दशा और दिशा तय होती है, लेकिन सोशल मीडिया पर इस राजनीतिक परिवार की सपा में जाने की अटकलें अब तेज हो गई हैं.

विगत दिनों अगर गोरखपुर की राजनीति की बात करें तो, यहां पर कई नेताओं ने पाला बदलना शुरू कर दिया है. दल-बदल की राजनीति एक बार फिर से 2022 विधानसभा चुनाव से पहले तेज हो गई है. ऐसे में गोरखपुर में बसपा को एक और झटका लगने जा रहा है. पूर्वांचल के एक कद्दावर ब्राह्मण नेता अब सपा में शामिल होने की तैयारी में हैं.

विधानसभा चुनाव 2022 से पहले गोरखपुर और पूर्वांचल की राजनीतिक गतिविधियां जिस प्रकार से तेज हुई है, ऐसे में हर रोज नए-नए राजनीतिक समीकरण बन रहे हैं, लेकिन अगर बात 2022 विधानसभा चुनाव की करें तो, एक बार फिर से पूर्वांचल में ब्राह्मण राजनीति गरमा गई है. जहां एक तरफ सत्ता दल अपने ब्राम्हण वोट बैंक को सहेजने की कोशिश कर रहा है तो वहीं विपक्ष भी अब इसमें सेंधमारी के लिए अपनी तैयारियां कर रहा है.

2022 विधानसभा चुनाव से पूर्व गोरखपुर के साथ-साथ पूर्वांचल में भी अब जातिगत राजनीति तेज हुई है. सभी राजनीति दल जातिगत समीकरण बैठाने में जुट लगे हुए हैं. वर्तमान स्थिति पर अगर नजर डालें तो 2022 विधानसभा चुनाव से पहले एक बात स्पष्ट होती है, कि इस बार फिर से जातिगत समीकरण बैठाने के लिए सभी राजनीतिक दल जोड़-तोड़ का सहारा ले रहें हैं. और जातिगत फैक्टर इस विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से भारी पड़ने वाला हैं.

(रिपोर्ट- अभिषेक पांडेय, गोरखपुर)

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