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Lok Sabha Election 2024 : हैदराबाद सीट से 5 लाख से अधिक वोटर्स के नाम काटे गए, जानिए माधवी लता के मैदान में आने के बाद कैसा है माहौल

Updated at : 25 Apr 2024 5:14 PM (IST)
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Madhvi Latha

Madhvi Latha

हैदराबाद सीट पर इस बार चुनावी मुकाबला बहुत ही रोचक होने जा रहा है क्योंकि असदुद्दीन ओवैसी के सामने बीजेपी ने फायर ब्रांड नेता माधवी लता को उतारा है.

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Lok Sabha Election 2024 : ‘ओवैसी है लापता, जब से आई माधवी लता’. यह स्लोगन आज केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने हैदराबाद में बीजेपी उम्मीदवार माधवी लता के प्रचार के दौरान कही. अनुराग ठाकुर आज हैदराबाद में माधवी लता के पक्ष में रोड शो कर रहे थे. उनका यह रोड शोर चारमीनार के पास आयोजित किया गया था. गौरतलब है कि हैदराबाद से बीजेपी की उम्मीदवार माधवीलता ने आज अपना नामांकन दाखिल किया. इससे पहले वे मंदिर गईं और वहां पूजा अर्चना की.


माधवी लता की छवि हिंदूवादी नेता की

हैदराबाद सीट से असदुद्दीन ओवैसी सांसद हैं और उनके परिवार का यहां दबदबा है. ऐसी सीट पर जब बीजेपी ने माधवी लता जैसी उम्मीदवार को खड़ा किया, तो उनकी चर्चा चारों ओर हो रही है. माधवी लता की छवि एक हिंदूवादी नेता की है. वे अपने अनोखे अंदाज और सामाजिक कार्यों की वजह से भी जानी जाती हैं. महिलाओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ है, खासकर मुस्लिम महिलाएं भी उनकी पक्षधर है. जब से तीन तलाक के मुद्दे पर मोदी सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के पक्ष में कानून बनाया है, महिलाओं की सहानुभूति इनके साथ है.


आखिर एआईएमआईएम के खेमे में क्यों है बेचैनी

हैदराबाद संसदीय सीट पर मुसलमानों का प्रभाव है और वे चुनाव का नतीजा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं. वर्तमान सांसद असदुद्दीन ओवैसी यहां 2004 से सांसद हैं, उससे पहले उनके पिता सुलतान सलाउद्दीन ओवैसी 1984 से 1999 तक सांसद रहे थे. जनगणना 2011 के अनुसार हैदराबाद जिले में हिंदू बहुसंख्यक हैं, लेकिन मुसलमानों की संख्या यहां लगभग 45 प्रतिशत है जो चुनाव के परिणाम को प्रभावित करते हैं क्योंकि उनका वोट एकमुश्त पड़ता है. गौर करने वाली बात यह है कि इस बार वोटर लिस्ट से लाखों के नाम काटे गए हैं और हजारों वोटर के नाम जुड़े हैं, जिसकी वजह से विरोधी खेमे में खलबली है. खबर के अनुसार हैदराबाद संसदीय सीट से नवंबर 2023 से अबतक लगभग पांच लाख 41 हजार वोटर्स का नाम सूची से डिलीट किया गया है. इनमें ऐसे मतदाता शामिल हैं, जो या तो दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं, जिनकी मौत हो गई है या फिर जो डुप्लीकेट वोटर्स हैं.


माधवी लता पर दर्ज हुआ एफआईआर

माधवी लता कट्टर हिंदूवादी छवि की नेता हैं. वे पीएम नरेंद्र मोदी को अपना आदर्श मानती हैं. रजत शर्मा के कार्यक्रम आपकी अदालत में आकर उन्होंने खूब वाहवाही बटोरी और उनकी चर्चा भी बीजेपी की फायर ब्रांड नेता के रूप में हो रही है. रामनवमी के मौके पर निकाली गई शोभायात्रा में उन्होंने एक प्रतीकात्मक चिह्न बनाया था, जिसे लेकर उनकी खूब आलोचना हुई और मुस्लिम संगठन के नेताओं ने उनपर कार्रवाई की मांग भी की. इसी मामले को लेकर उनपर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. हालांकि माधवी लता ने बाद में यह कहा था कि उनके वीडियो को आधा-अधूरा दिखाकर गलत तरीके से प्रचारित किया गया है.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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