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चुनाव की घोषणा के साथ ही रांची में आचार संहिता लागू, जुलूस व धरना-प्रदर्शन पर रोक

Updated at : 18 Mar 2024 4:39 PM (IST)
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लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही रांची में आचार संहिता प्रभावी हो गयी है. एसडीओ उत्कर्ष कुमार ने इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया है.

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लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही रांची में आचार संहिता प्रभावी हो गयी है. एसडीओ उत्कर्ष कुमार ने इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया है. इसके तहत कोई भी व्यक्ति, राजनैतिक दल, संगठन, उम्मीदवार और अभ्यर्थी राजनीतिक प्रयोजन से संबंधित किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं. इसके लिए सक्षम पदाधिकारी से अनुमति लेनी होगी. वहीं, लाउडस्पीकर का प्रयोग रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक वर्जित रहेगा.

  • एसडीओ ने जारी किया आदेश : सभा, जुलूस व धरना के लिए लेनी होगी अनुमति
  • लाउडस्पीकर का प्रयोग रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक वर्जित रहेगा

इन कार्यों पर भी लग गया प्रतिबंध

इसके अलावा सार्वजनिक और सरकारी संपत्ति पर नारा लिखना, पोस्टर व पंपलेट्स चिपकाना, पार्टी विशेष का झंडा लगाना, सड़कों पर बैनर, होर्डिंग और तोरण द्वार लगाना प्रतिबंधित है. वहीं, चुनाव प्रक्रिया खत्म होने या 60 दिनों तक (जो भी पहले हो) धारा 144 लागू रहेगी. हालांकि शादी, बारात पार्टी, शवयात्रा, हाट बाजार, मरीजों को लेकर अस्पताल जा रहे लोगों, विद्यालय या महाविद्यालय जाने वाले विद्यार्थियों, सरकारी कर्मचारी व पुलिस बल पर यह लागू नहीं होगी.

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इन बातों का करना होगा पालन

  • बिना अनुमति के दीवार पर नारा लिखना, पोस्टर, पंपलेट्स चिपकाना, पार्टी विशेष का झंडा व होर्डिंग लगाना प्रतिबंधित है.
  • राजनैतिक दल या संगठन, उम्मीदवार व अभ्यर्थी किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी, व्हाट्सऐप, फेसबुक,ट्विटर, इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया पर भावनाएं आहत करने से संबंधित कोई जानकारी अपलोड नहीं कर सकते हैं.
  • कोई भी राजनैतिक दल, संगठन, उम्मीदवार या अभ्यर्थी किसी धार्मिक स्थल का प्रयोग राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं कर सकेंगे.
  • मतदाताओं को डराने, धमकाने और प्रलोभन देने का प्रयास नहीं कर सकते हैं.
  • सरकारी गेस्ट हाउस या भवन का कोई भी हिस्सा राजनीतिक गतिविधि, सभा या बैठक के लिए उपयोग नहीं कर सकेंगे.
  • कोई ऐसा कार्य नहीं किया जायेगा, जिससे जाति, धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच घृणा की भावना उत्पन्न हो.
  • प्रदूषण फैलाने वाली प्रचार सामग्रियों जैसे : प्लास्टिक, पॉलिथीन से बने पोस्टर और बैनर का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार-प्रसार के लिए नहीं कर सकते हैं.
  • राजनीतिक दल, संगठन, उम्मीदवार या अभ्यर्थी लाइसेंसी हथियार, तीर-धनुष, लाठी, भाला व अन्य घातक हथियार का प्रदर्शन नहीं करेंगे.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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