कॉलेज में किया रैगिंग तो होगी कार्रवाई, UGC का सख्त निर्देश
यूजीसी का नोटिस (PC-X)
UGC Anti Ragging Guidelines 2026: देशभर के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) को एंटी-रैगिंग नियमों का सख्ती से पालन करना होगा. कॉलेज और यूनिवर्सिटी को ये सुनिश्चित करना होगा कि कैंपस में स्टूडेंट्स के लिए पॉजिटिव और सेफ माहौल हो.
UGC Anti Ragging Guidelines 2026: किसी भी कॉलेज में स्टूडेंट्स के साथ रैगिंग न हो, इस उद्देश्य के साथ UGC ने एक बार फिर सभी यूनिवर्सिटी को एंटी-रैगिंग नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है. नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) ने देशभर के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) को एंटी-रैगिंग नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है. आयोग ने कहा कि कि आयोग ने कहा है कि कॉलेज और यूनिवर्सिटी को रैगिंग की किसी भी घटना को रोकने के लिए कोई ठोस कदम लेना होगा.
UGC ने रैगिंग को लेकर क्या कहा?
UGC ने अपने नोटिस में सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को 2009 के एंटी-रैगिंग रेगुलेशंस का कड़ाई से पालन करने को कहा है. आयोग के अनुसार, संस्थानों को ऐसे सभी उपाय लागू करने होंगे, जिनसे कैंपस में रैगिंग की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके.
संस्थानों को करने होंगे ये इंतजाम
UGC ने कॉलेज और यूनिवर्सिटी को निर्देश दिया है कि वे अपने परिसर में एंटी-रैगिंग कमेटी और स्क्वॉड का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करें. साथ ही छात्रों के बीच जागरूकता अभियान चलाए जाएं और रैगिंग के खिलाफ सख्त संदेश दिया जाए.
UGC के मुख्य निर्देश
- एंटी-रैगिंग कमेटी और एंटी-रैगिंग स्क्वॉड का गठन.
- कैंपस में एंटी-रैगिंग पोस्टर और सूचना सामग्री का प्रदर्शन.
- छात्रों और अभिभावकों को नियमों की जानकारी देना.
- शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था.
- रैगिंग रोकने के लिए नियमित निगरानी और जागरूकता कार्यक्रम.
- हेल्पलाइन नंबर भी किया गया जारी
UGC ने संस्थानों से कहा है कि वे कैंपस में 24x7 एंटी-रैगिंग टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5522 को प्रमुखता से प्रदर्शित करें ताकि छात्र किसी भी शिकायत की तुरंत जानकारी दे सकें.
नए छात्रों की सेफ्टी पर UGC का फोकस
आयोग ने कहा है कि नए छात्रों के लिए कैंपस का माहौल पॉजिटिव और सेफ हो इस बात का ख्याल रखना संस्थान की जिम्मेदारी है. गिंग की किसी भी घटना को गंभीरता से लिया जाएगा और नियमों को न मानने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
क्या है एंटी-रैगिंग रेगुलेशन?
UGC के 2009 के एंटी-रैगिंग नियमों के तहत किसी भी छात्र के साथ फिजिकल, मेंटल या वर्बल या सामाजिक उत्पीड़न को रैगिंग माना जाता है. इन नियमों का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करना है. यूनिवर्सिटी लेवल पर रैगिंग रोकने के लिए ये कानून लाए गए थे.
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By शाम्भवी शिवानी
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