IIT Bombay Girl: हरियाणा की बेटी ने किया कमाल! पिता का सपना पूरा कर पहुंची IIT

Published by : Shambhavi Shivani Updated At : 06 Dec 2025 7:52 AM

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गरिमा बांगरा (फोटो क्रेडिट-लिंक्डइन)

IIT Bombay Girl Success Story: हरियाणा के छोटे से जिले सोनीपत की गरिमा बांगरा (Garima Bangra) ने अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए IIT Bombay में एडमिशन लिया. हालांकि, इस एक सपने को पूरा करने के लिए कई तरह की मुश्किलें झेलनी पड़ी. आइए, जानते हैं Garima Bangra की सक्सेस स्टोरी (Success Story).

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IIT Bombay Girl Success Story: हर माता-पिता ये सपना देखते हैं कि उनके बच्चे आईआईटी से पढ़ाई करें. गरिमा बांगरा ने अपने पिता के इस सपने को पूरा करने के लिए जी-जान लगा दी. कई बार हार भी हुई लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी. आखिरकार,  IIT पहुंचकर ही दम लिया. गरिमा बांगरा (Garima Bangra) की कहानी काफी दिलचस्प है. आइए, जानते हैं हरियाणा के सोनीपत से आईआईटी बॉम्बे तक पहुंचने का उनका सफर कैसा रहा.

IIT Bombay Girl: स्कूल के दिनों से थीं पढ़ने में अच्छी

गरिमा बांगरा हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली हैं. उनके पिता हमेशा से चाहते थे कि वे IIT में पढ़ें. 10वीं में जब अच्छे अंकों से पास हुईं तो 12वीं में पीसीएम यानी कि फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स विषय चुना. आईआईटी पहुंचने का मन बनाकर अपने ही जिले में एक कोचिंग ज्वॉइन किया, जहां IIT JEE की तैयारी होती थी. 

कोचिंग, स्कूल, नोट्स के बोझ तले दबकर परफॉर्मेंस हो गई खराब 

शुरुआत में सब अच्छा था. लेकिन धीरे-धीरे मुश्किलें आने लगीं. गरिमा अपने एक इंटरव्यू में बताया कि पहले वे सुबह स्कूल जाती थीं. फिर दोपहर 3 बजे से कोचिंग पढ़ने जाती थीं. पहले पहले कोचिंग वाले वीकेंड पर क्लास नहीं चलाते थे. लेकिन बाद में उन्होंने सिलेबस पूरा करने के लिए वीकेंड पर भी क्लासेज चलाना शुरू कर दिया. गरिमा बताती हैं कि स्कूल और कोचिंग के अलावा खुद से पढ़ने के लिए तो समय ही नहीं मिलता था. नोट्स, सिलेबस और परीक्षा की तैयारी सबका बोझ बढ़ता गया. ऐसे में 11वीं के अंत आते आते तक उनकी परफॉर्मेंस खराब हो गई.

फिजिक्स प्री बोर्ड में सिर्फ 47 मार्क्स आए थे 

गरिमा ने 12वीं क्लास में आते-आते उस कोचिंग को छोड़ दिया और सिर्फ बोर्ड्स एग्जाम के लिए ट्यूशन लेना शुरू किया. गरिमा कहती हैं कि उनका फिजिक्स बहुत कमजोर था. बोर्ड्स एग्जाम के दो महीने पहले से उन्होंने स्टडी के लिए प्लान बनाया और केमिस्ट्री और मैथ्स से ज्यादा फोकस फिजिक्स को दिया. नतीजा उन्होंने सबसे ज्यादा फिजिक्स विषय में स्कोर किया था, 100 में से 96. गरिमा ने कहा कि उन्हें प्री बोर्ड परीक्षा फिजिक्स में सिर्फ 47 मार्क्स आए थे. 

पहली बार में JEE Mains क्लियर हुआ

गरिमा बांगर ने पहली बार में मेन्स क्लियर किया था. लेकिन जेईई एडवांस क्लियर नहीं कर पाई थीं. दोस्तों के सजेस्ट करने पर उन्होंने प्लान B के तौर पर दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) का फॉर्म भर लिया. जब डीयू से रिजल्ट आया तो गरिमा को यकीन नहीं हुआ. उन्हें लगा कि जिस यूनिवर्सिटी में हाई कटऑफ के कारण कई लोगों का एडमिशन नहीं हो पाता है, वहां मेरा सेलेक्शन हो गया. ऐसे में उन्होंने डीयू से पढ़ाई करने का फैसला लिया. उन्होंने केमिस्ट्री से ग्रेजुएशन किया. 

पीजी के साथ GATE और CSIR NET परीक्षा की तैयारी

बीएससी की डिग्री पूरी होने के बाद गरिमा ने DU के लिए एंट्रेंस एग्जाम दिया और AIR 20 हासिल किया. उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन भी डीयू से किया. लेकिन अंदर ही अंदर आईआईटी में न पढ़ पाने का मलाल भी था. ऐसे में पोस्ट ग्रेजुएशन के साथ ही उन्होंने CSIR NET और GATE परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी.

IIT Bombay Girl Success Mantra: डीयू पहुंचकर हुआ अफसोस 

गरिमा ने अपने एक इंटरव्यू में कहा कि Plan B is the killer of your Dreams यानी कि प्लान बी आपके सपनों को मार देती (IIT Bombay Girl Success Mantra) है. उन्हें दिल्ली यूनिवर्सिटी पहुंचने के बाद ऐसा महसूस होने लगा. इसलिए वे चाहती हैं कि ग्रेजुएशन नहीं तो कम-से-कम उच्च शिक्षा IIT से हासिल की जाए. उन्होंने प्लान बनाया कि पीएचडी आईआईटी से ही करनी है. CSIR NET में 45वीं रैंक और गेट में 92वीं रैंक हासिल कर उन्होंने सभी को चौंका दिया. 


इंटरव्यू से पहले बुआ गुजर गईं

गरिमा ने कहा कि उन्हें सिर्फ बेस्ट चाहिए था इसलिए दो जगह का फॉर्म भरा था, IISc बैंगलुरु और IIT Bombay. इंटरव्यू की डेट नजदीक आ गई. उन्होंने इसके लिए तैयारी भी कर ली थी. लेकिन इंटरव्यू वाले दिन एक कॉल आया और खबर आई कि बुआ नहीं रहीं. ऐसे में गरिमा पूरी तरह ब्लैंक हो गईं. लेकिन घर वालों के समझाने पर इंटरव्यू दिया. गरिमा IIT Bombay से पीएचडी की पढ़ाई कर रही हैं. साथ ही वे अन्य अभ्यर्थियों को मोटिवेट करने के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो भी बनाती हैं. 

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Shambhavi Shivani

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

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