Success Story: बिहार की IAS बेटी बनी एमपी की बहु, फॉरेस्ट ऑफिसर से शादी, जानें दोनों का UPSC रैंक

Success Story of IAS Archana Kumari
Success Story: यूपीएससी सिविल सर्विस जैसी कठिन परीक्षा को क्रैक करने वाले हर कैंडिडेट्स की स्टोरी प्रेरणादायक होती है. ऐसे में सिविल सर्विस की तैयारी करने वाले छात्रों को टॉप आईएएस और आईपीएस के जीवन को करीब से जानना चाहिए. इसी तरह आईएएस ऑफिसर अर्चना कुमारी की कहानी काफी रोचक है.
Success Story: अर्चना कुमारी बिहार के नवादा जिले की रहने वाली हैं. उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से न केवल अपने सपनों को साकार किया, बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनीं. UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2020 में 110वीं रैंक हासिल कर अर्चना ने IAS बनने का गौरव प्राप्त किया. यह उनकी तीसरी कोशिश थी, जिसमें उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया.
Success Story of IAS Archana Kumari: अर्चना का यूपीएससी सफर
अर्चना कुमारी शुरू से पढ़ाई में अव्वल रही हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई होम टाउन से ही हुई है. उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित लेडी श्री राम कॉलेज फॉर वूमेन से अर्थशास्त्र में ग्रेजुएशन की है. इसके अलावा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से अर्थशास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की. उनकी इस उपलब्धि ने बिहार के छोटे से जिले को गौरवान्वित किया.
IAS Archana Kumari Husband: आईएएस अर्चना कुमारी के पति
अर्चना की निजी जिंदगी भी चर्चा में रही, जब उन्होंने मध्य प्रदेश कैडर के भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी विवेक सिंह से शादी की. विवेक ने भी UPSC 2020 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 34वीं रैंक प्राप्त की थी. इस तरह, बिहार की यह IAS बेटी मध्य प्रदेश की बहू बनीं.
दोनों की मुलाकात UPSC की तैयारी के दौरान हुई, जहां उनकी समान सोच और लक्ष्य ने उन्हें करीब लाया. यह जोड़ी न केवल व्यक्तिगत जीवन में, बल्कि अपने प्रोफेशन के माध्यम से युवाओं को काफी प्रेरित भी कर रहे हैं. दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर काफी एक्टिव हैं.
विवेक आईएफएस ऑफिसर
अर्चना और विवेक की कहानी युवाओं के लिए एक मिसाल है, जो दर्शाती है कि कठिन परिश्रम और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. अर्चना ने अपनी पढ़ाई और तैयारी के दौरान कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी. दूसरी ओर, विवेक की उपलब्धि भी कम प्रेरक नहीं है, जिन्होंने वन सेवा में अपनी जगह बनाई.
यह कहानी सिर्फ दो व्यक्तियों की सफलता की नहीं, बल्कि उनकी मेहनत, अनुशासन और एक-दूसरे के प्रति समर्थन की भी है. अर्चना और विवेक आज न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय हैं. उनकी यह यात्रा हर उस व्यक्ति को प्रेरित करती है, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए संघर्ष कर रहा है.
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By Ravi Mallick
रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.
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