12 वर्षों में बदली स्कूलों की तस्वीर, बिजली से लेकर इन्फ्रास्ट्रक्चर तक हर दिशा में सुधार
स्मार्ट बोर्ड पर पढ़ाती हुई शिक्षिका की AI जनरेटेड फोटो
School Electric Facility: देश के स्कूलों में इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में अच्छा बदलाव देखने को मिला है. मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 12 वर्षों में बिजली की सुविधा 56.8% से बढ़कर 95% हो गई है. इसके साथ ही हैंडवॉश और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे छात्रों को बेहतर और आधुनिक शिक्षण वातावरण मिल रहा है.
School Electric Facility: देश में स्कूलों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रगति देखने को मिली है. मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन और समग्र शिक्षा मिशन की ओर से X पर जारी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में बिजली की सुविधा वाले स्कूलों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है. आइए इस बारे में आर्टिकल में डिटेल में जानते हैं.
Electricity Increased: कितनी हुई वृद्धि?
जारी रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2013-14 में केवल 56.8% स्कूलों में बिजली की सुविधा उपलब्ध थी. वहीं 2025-26 में यह बढ़कर 95% हो गई है. यह आंकड़े यह बता रहे हैं कि देश में स्कूलों के इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में कितनी तेजी आई है.
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Modern Education: आधुनिक शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
स्कूलों में बिजली की उपलब्धता बढ़ने से अब स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, डिजिटल लर्निंग, प्रोजेक्टर आधारित पढ़ाई और अन्य तकनीकी सुविधाओं का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा. इससे स्टूडेंट्स के पढ़ाई की क्वालिटी में भी सुधार होगा.
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School Other Facilities: जानिए इसके बारे में
मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन और समग्र शिक्षा मिशन की ओर से X पर एक और रिपोर्ट जारी करते हुए बताया गया है कि पिछले 12 वर्षों के दौरान सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में हैंडवॉश (Handwash) और पीने के स्वच्छ पानी (Drinking Water) की सुविधाओं में बढ़ोतरी हुई है. यह बदलाव छात्रों के लिए स्वस्थ, सुरक्षित और बेहतर शिक्षण वातावरण तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
Handwash Facility: हैंडवॉश की सुविधा में दोगुने से भी अधिक बढ़ोतरी
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2013-14 में देश के केवल 43.1% स्कूलों में ही हैंडवॉश की सुविधा उपलब्ध थी. हालांकि जारी किए गए रिपोर्ट के मुताबिक 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 96.9% हो गया है. यह बदलते समय के साथ एक बहुत पॉजिटिव चेंज है.

Drinking Water Facility: पीने के पानी की सुविधा भी हुई बेहतर
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2013-14 में 95.9% स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध थी, जो 2025-26 में बढ़कर 99.5% तक पहुंच गई है. इसका मतलब है कि अब लगभग हर स्कूल में छात्रों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है.

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By प्रगति सिन्हा
मैं प्रगति सिन्हा पिछले लगभग 3 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ी हूं। मुझे मुख्य रूप से शिक्षा से जुड़ी खबरों और उसमे हो रहे बदलावों व अपग्रेडेशन को समझना एवं उसे लोगों तक पहुंचाना पसंद है। प्रभात खबर डिजिटल के माध्यम से मेरा प्रयास रहता है कि शिक्षा जगत में हो रहे महत्वपूर्ण घटनाक्रम, विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे और नई योजनाओं की जानकारी रीडर्स तक पहुंचा सकूं। मैं इससे पहले कोलकाता स्थित सन्मार्ग हिंदी डेली में एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुकी हूं.
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