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MPSOS Result 2025 OUT: एमपी ओपन बोर्ड ने जारी किया 'रूक जाना नहीं' और 'आ लौट चलें' योजना का रिजल्ट, यहां करें चेक

Updated at : 01 Jul 2025 4:08 PM (IST)
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MPSOS Result 2025 OUT

MPSOS Result 2025 OUT

MPSOS Result 2025 OUT: MPSOS ने 'रूक जाना नहीं' और 'आ लौट चलें' योजना का रिजल्ट 2025 जारी कर दिया है. छात्र mpsos.nic.in पर जाकर 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं का परिणाम देख सकते हैं. ये योजनाएं फेल हुए छात्रों को दूसरा मौका देने के लिए शुरू की गई हैं.

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MPSOS Result 2025 OUT: मध्य प्रदेश राज्य ओपन स्कूल बोर्ड (MPSOS) ने ‘रूक जाना नहीं’ और ‘आ लौट चलें’ योजनाओं के तहत आयोजित परीक्षाओं का रिजल्ट 2025 जारी कर दिया है. जिन छात्रों ने कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं दी थीं, वे अब अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट mpsos.nic.in पर जाकर चेक कर सकते हैं.

कब हुई थीं परीक्षाएं?

MPSOS टाइम टेबल 2025 के अनुसार, कक्षा 10वीं की मुख्य परीक्षा 2 जून से 14 जून 2025 तक और कक्षा 12वीं की परीक्षा 2 जून से 20 जून 2025 तक आयोजित की गई थी. वहीं, “रूक जाना नहीं” योजना के तहत कक्षा 10वीं की परीक्षा 2 से 12 जून तक, और कक्षा 12वीं की परीक्षा 2 से 17 जून तक कराई गई थी. हाईस्कूल यानी 10वीं की परीक्षाएं दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक, जबकि हायर सेकेंडरी यानी 12वीं की परीक्षाएं सुबह 8 बजे से 11 बजे तक ली गई थीं.

ऐसे चेक करें रिजल्ट

  • सबसे पहले mpsos.nic.in वेबसाइट पर जाएं.
  • होमपेज पर Result/Migration सेक्शन पर क्लिक करें.
  • अपनी योजना (रूक जाना नहीं / आ लौट चलें) और कक्षा चुनें.
  • रोल नंबर और जन्म तिथि दर्ज करें.
  • स्क्रीन पर रिजल्ट देख सकते हैं, उसे डाउनलोड करें और प्रिंट लें.

क्या है ‘रूक जाना नहीं’ और ‘आ लौट चलें’ योजना?

‘रूक जाना नहीं’ योजना मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक अहम पहल है, जो उन छात्रों के लिए है जो 10वीं या 12वीं की परीक्षा में असफल हो गए हैं. इसका मकसद है कि कोई भी छात्र शिक्षा बीच में न छोड़े और उन्हें दोबारा पास होने का मौका मिले. ऐसे छात्र जो 10वीं या 12वीं बोर्ड की परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो गए थे उनका शैक्षणिक वर्ष न बर्बाद हो. ऐसे छात्रों को पास होने का मौका मिले. ‘आ लौट चलें’ योजना भी ड्रॉपआउट स्टूडेंट्स को दोबारा पढ़ाई में लाने के उद्देश्य से चलाई जाती है. इस योजना का उद्देश्य है उन बच्चों तक शिक्षा पहुंचाना है जो अब तक पारंपरिक विद्यालयों से जुड़ नहीं पाए हैं, खासकर वे जो घुमंतू जातियों से आते हैं और एक स्थान पर स्थायी रूप से नहीं रहते. संक्षेप में दोनों योजनाएं छात्रों को असफलता से उबारने और उन्हें एक और मौका देने के लिए शुरू की गई हैं, ताकि वे अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें और भविष्य में सफल हो सकें.

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Pushpanjali

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By Pushpanjali

मेरा नाम पुष्पांजलि है और मैं पिछले दो साल से प्रभात खबर डिजिटल के साथ जुड़ी हूं. इस दौरान मैं फिल्म, टीवी और ओटीटी इंडस्ट्री से जुड़ी खबरों और ट्रेंड्स को कवर कर रही हूं. मेरा मुख्य फोकस ट्रेंडिंग अपडेट्स, फिल्म रिव्यू, और बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स पर रहता है. मैं हमेशा कोशिश करती हूं कि जटिल और तकनीकी खबरों को भी पाठकों के लिए सरल, रोचक और पठनीय अंदाज में प्रस्तुत किया जाए, ताकि वे न सिर्फ खबर को समझ सकें बल्कि उससे जुड़े भी महसूस करें.

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