बच्चों के साथ मोमेंट को PM ने बनाया खास, असम के ट्रेडिशनल गमछे से किया स्वागत

Published by : Shambhavi Shivani Updated At : 06 Feb 2026 4:02 PM

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Pariksha Pe Charcha 2026 (PC-ANI)

Pariksha Pe Charcha 2026: परीक्षा पे चर्चा 2026 में पीएम नरेंद्र मोदी ने छात्रों को तनाव से मुक्त रहने और अपनी पढ़ाई का तरीका खुद तय करने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि अपना पैटर्न खुद बनाएं. साथ ही अनोखे स्टाइल में वेलकम किया.

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Pariksha Pe Charcha 2026: ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का कार्यक्रम शुरू हो चुका है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने देशभर के छात्रों से संवाद किया और उन्हें एग्जाम स्ट्रेस और पढ़ने को लेकर टिप्स दिए. सबसे पहले पीएम मोदी ने सभी स्टूडेंट्स को उनकी ही भाषा में वेलकम किया. इसी के साथ असम का पारंपरिक गमछा पहनाकर स्वागत किया.

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कार्यक्रम के दौरान एक सटूडेंट ने सवाल किया कि माता-पिता और शिक्षक अलग-अलग तरीके से सलाह देते हैं और छात्रों का अपना अलग ट्रेंड होता है. ऐसे में क्या करें. इस कंफ्यूजन को दूर करते हुए पीएम ने समझाया कि जीवनभर ऐसा होगा. खुद पीएम होने के बाद भी उन्हें कई तरह के सलाह मिलते हैं. मैं प्रधानमंत्री हूं, फिर भी मुझे रोज अलग-अलग लोग अलग तरह की सलाह देते हैं, कोई कहता है ऐसे करो, कोई कहता है वैसे करो.

पढ़ाई में अपना पैटर्न बनाएं

पीएम ने घर के खाने का उदाहरण देते हुए कहा कि हर इंसान खाने का अपना पैटर्न बनाता है. कोई सब्जी से शुरू करता है, कोई दाल से, कोई सब कुछ मिलाकर खाता है. लेकिन क्या हम किसी और का पैटर्न कॉपी करते हैं? नहीं, हम अपने हिसाब से खाते हैं. ठीक वैसे ही पढ़ाई का भी अपना पैटर्न बनाना चाहिए.

बेईमानी न करें, अपने पढ़ने का समय चुनें

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ बच्चों को रात में पढ़ना अच्छा लगता है, कुछ को सुबह चार बजे उठकर पढ़ना. लेकिन कुछ लोग खुद से भी बेईमानी करते हैं. रात को कहते हैं सुबह पढ़ेंगे और सुबह उठते ही नहीं. उन्होंने छात्रों से कहा कि हर सलाह को सुनो, लेकिन अपनी जिंदगी और पढ़ाई का तरीका खुद तय करो.

पीएम मोदी ने यह भी बताया कि जब परीक्षा पे चर्चा की शुरुआत हुई थी, तब इसका एक पैटर्न था, लेकिन समय के साथ इसमें नए-नए तरीके और विचार जुड़ते गए. हालांकि, इसका मूल उद्देश्य कभी नहीं बदला जोकि छात्रों को तनाव से मुक्त करना और उन्हें आत्मविश्वास देना.



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Shambhavi Shivani

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

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