JSSC: सख्त रुख अपनाते हुए JSSC ने रद्द की 44 उम्मीदवारों की उम्मीदवारी, हाई कोर्ट में लंबित 14 का फैसला
Published by : Pushpanjali Updated At : 19 Aug 2025 12:25 PM
JSSC
JSSC: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने पीजीटी भर्ती प्रक्रिया में 44 अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी रद्द कर दी है. इनमें संस्कृत और इतिहास विषय के उम्मीदवार शामिल हैं. गलत विषय से स्नातकोत्तर, समानांतर कोर्स और प्रमाणपत्रों की कमी प्रमुख कारण बताए गए हैं.
JSSC: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक (PGT) भर्ती प्रक्रिया में बड़ा फैसला लेते हुए 44 अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी रद्द कर दी है. इनमें संस्कृत विषय के 34 और इतिहास विषय के 10 उम्मीदवार शामिल हैं.
आयोग ने स्पष्ट किया कि जिन उम्मीदवारों ने अपने मूल विषय से अलग किसी अन्य विषय में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की थी, उनकी उम्मीदवारी अमान्य मानी गई है. उदाहरण के तौर पर, संस्कृत की जगह संस्कृत साहित्य, ज्योतिष, नव्य व्याकरण या आचार्य से स्नातकोत्तर करने वाले अभ्यर्थियों को अपात्र घोषित कर दिया गया. इसी तरह, इतिहास के बजाय मध्यकालीन इतिहास या प्राचीन इतिहास विषय से स्नातकोत्तर करने वाले अभ्यर्थियों की भी उम्मीदवारी रद्द की गई है.
गलत विषय से स्नातकोत्तर करने वाले अभ्यर्थी हुए अपात्र
आयोग ने स्पष्ट किया कि जिन उम्मीदवारों ने अपने मूल विषय से अलग किसी अन्य विषय में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की थी, उनकी उम्मीदवारी अमान्य मानी गई है.
- संस्कृत की जगह संस्कृत साहित्य, ज्योतिष, नव्य व्याकरण या आचार्य से स्नातकोत्तर करने वाले अभ्यर्थी रद्द.
- इतिहास की जगह मध्यकालीन इतिहास या प्राचीन इतिहास से स्नातकोत्तर करने वाले भी अपात्र.
समानांतर कोर्स करने वाले भी बाहर
आयोग ने यह भी कहा कि 13 अप्रैल 2022 से पहले एक ही समय पर दो समानांतर कोर्स करने वाले अभ्यर्थियों को भी योग्य नहीं माना गया. इस श्रेणी में संस्कृत विषय के दो और इतिहास विषय के एक अभ्यर्थी शामिल हैं.
विभाग ने लौटाई 10 अनुशंसाएं
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने भी काउंसलिंग के दौरान मिले मामलों की जांच की. इस प्रक्रिया में संस्कृत और इतिहास विषय के कुल 10 अभ्यर्थियों की अनुशंसा आयोग को वापस लौटा दी गई.
प्रमाणपत्र जांच में गड़बड़ी करने वाले भी रद्द
जिन उम्मीदवारों ने समय पर प्रमाणपत्र जांच में उपस्थिति नहीं दी या स्वच्छता प्रमाणपत्र जमा नहीं किया, उनकी उम्मीदवारी भी रद्द कर दी गई. इनमें इतिहास के 10 और संस्कृत के चार अभ्यर्थी शामिल हैं.
हाई कोर्ट के आदेश पर 14 परिणाम लंबित
आयोग ने यह भी बताया कि हाई कोर्ट के आदेश पर संस्कृत और इतिहास विषय के 14 अभ्यर्थियों का परिणाम अभी रोका गया है. इन मामलों पर अंतिम निर्णय कोर्ट के आदेश के बाद लिया जाएगा.
JSSC का सख्त संदेश
इस फैसले से साफ है कि JSSC भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों की अनदेखी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा.
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