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Father of Modern Physics: मॉडर्न फिजिक्स का जनक कौन है? जानें अल्बर्ट आइंस्टीन और उनकी विरासत

Updated at : 13 May 2025 6:51 PM (IST)
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Father of Modern Physics

आधुनिक भौतिकी के जनक

Father of Modern Physics: मॉडर्न फिजिक्स का जनक कौन है? जानें अल्बर्ट आइंस्टीन और उनकी विरासत.

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Father of Modern Physics in Hindi: अल्बर्ट आइंस्टीन को हम आधुनिक भौतिकी का जनक मानते हैं. उन्होंने विज्ञान की दुनिया में ऐसे विचार दिए, जिनसे अंतरिक्ष, समय, ऊर्जा और पदार्थ को समझने का तरीका पूरी तरह बदल गया. उनके शोधों ने 20वीं और 21वीं सदी में कई बड़ी वैज्ञानिक खोजों की नींव रखी. यही वजह है कि उन्हें दुनिया के सबसे महान वैज्ञानिकों में गिना जाता है.

शुरुआती जीवन और पढ़ाई

आइंस्टीन का जन्म 14 मार्च 1879 को जर्मनी के शहर उल्म में हुआ था. बचपन से ही उन्हें गणित और विज्ञान में गहरी रुचि थी. उन्होंने स्विट्ज़रलैंड के ज्यूरिख शहर में स्विस फेडरल पॉलिटेक्निक से पढ़ाई की. पढ़ाई पूरी करने के बाद वे एक पेटेंट ऑफिस में नौकरी करने लगे. यहीं काम करते हुए उन्होंने अपने वैज्ञानिक विचारों को आगे बढ़ाना शुरू किया.

Father of Modern Physics: आइंस्टीन के प्रमुख योगदान

1. सापेक्षता का सिद्धांत (Theory of Relativity)

1905 में आइंस्टीन ने विशेष सापेक्षता सिद्धांत (Special Relativity) पेश किया. इसमें उन्होंने प्रसिद्ध सूत्र E = mc² बताया, जिसका मतलब है: द्रव्यमान (mass) और ऊर्जा (energy) आपस में जुड़े हुए हैं. 

1915 में उन्होंने सामान्य सापेक्षता सिद्धांत (General Relativity) दिया, जिसमें गुरुत्वाकर्षण को अंतरिक्ष और समय के झुकाव (curvature of space-time) के रूप में समझाया गया. 

2. फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव (Photoelectric Effect)

आइंस्टीन ने यह बताया कि रोशनी सिर्फ तरंग नहीं बल्कि फोटॉन नाम के कणों की तरह भी व्यवहार करती है. यह खोज क्वांटम भौतिकी का आधार बनी. इसी काम के लिए उन्हें 1921 में नोबेल पुरस्कार मिला.

3. ब्राउनियन गति (Brownian Motion)

आइंस्टीन ने यह सिद्ध किया कि पानी या किसी द्रव में छोटे-छोटे कण इधर-उधर क्यों हिलते हैं. उन्होंने यह समझाया कि यह परमाणुओं और अणुओं की वजह से होता है, जिससे परमाणुओं के अस्तित्व को सिद्ध करने में मदद मिली.

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आइंस्टीन को आधुनिक भौतिकी का जनक क्यों कहा जाता है?

आइंस्टीन ने विज्ञान को एक नई दिशा दी. उनके पहले न्यूटन के नियमों को सबसे सटीक माना जाता था लेकिन आइंस्टीन ने दिखाया कि उन नियमों की सीमाएं हैं – खासकर जब कोई वस्तु बहुत तेज गति से चल रही हो या बहुत ज़्यादा गुरुत्वाकर्षण हो. उनके सिद्धांतों ने क्वांटम भौतिकी, ब्रह्मांड विज्ञान और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों की नींव रखी. इसलिए उन्हें आधुनिक भौतिकी का जनक कहा जाता है.

आइंस्टीन की विरासत और प्रभाव

आइंस्टीन सिर्फ महान वैज्ञानिक नहीं थे, वे एक अच्छे इंसान भी थे. उन्होंने युद्ध का विरोध किया, शांति का समर्थन किया और मानव अधिकारों की वकालत की.

उनका निधन 18 अप्रैल 1955 को हुआ, लेकिन उनके विचार और सिद्धांत आज भी वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों को प्रेरणा देते हैं.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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