90% लोग नहीं जानते होंगे, स्वर्ग का पेड़ किसे कहा जाता है?

Tree of Heaven: इसे कहा जाता है स्वर्ग का पेड़ (AI Generated)
Tree of Heaven: स्वर्ग का पेड़ सुनकर ही कोई डिवाइन या रिलीजियस पेड़ याद आता है , लेकिन GK की दुनिया में आंसर पूरी तरह से साइंटीफिक और फैक्चूअल है. ज्यादातर लोगों को नहीं पता है कि स्वर्ग का पेड़ किसे कहते हैं. क्या आप जानते हैं की ट्री ऑफ हेवन किसे कहा जाता है. अगर नहीं जानते हैं , तो यहां देखें और अपने जनरल नॉलेज (General Knowledge) को मजबूत करें.
Tree of Heaven: जनरल नॉलेज में कई सवाल ऐसे होते हैं, जो सुनने में तो बहुत सरल लगते हैं, लेकिन उनका सही जवाब हर कोई नहीं दे पाता है. स्वर्ग का पेड़ किसे कहा जाता है? ऐसा ही एक रोचक सवाल है, जो GK क्विज, कॉम्पिटिटिव एग्जाम और इंटरव्यू में बार-बार पूछा जाता है. इस क्वेश्चन को सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में कोई पवित्र या चमत्कारी पेड़ आ जाता है, लेकिन असल जवाब हमारी माइथोलॉजीकल डिटेल्स और नॉलेज से जुड़ा हुआ है.
इंडियन कल्चर और होली बुक में कुछ ऐसे पेड़ों का नाम मिलता है, जिन्हें साधारण नहीं बल्कि दिव्य (Divine) माना गया है.आइए इस आर्टिकल के माध्यम से से हम जानते हैं कि परिजात क्या है, इसे स्वर्ग का पेड़ (Tree of Heaven) क्यों कहा गया है.
Tree of Heaven: परिजात क्या है ?
परिजात एक खास तरह का पेड़ है, जिसे लोग पवित्र और दिव्य मानते हैं. इसे आम भाषा में हरसिंगार भी कहा जाता है. परिजात के फूल छोटे, सुंदर और बहुत खुशबूदार होते हैं. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके फूल रात में खिलते हैं और रात में ही जमीन पर गिर जाते हैं. साथ ही, परिजात का यूज आयुर्वेद में भी किया जाता है, जहाँ इसकी पत्तियाँ और फूल मेडिसिन के रूप में काम आते हैं. यह फूल एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो हेल्थ के लिए बहुत बेनेफीशियल माना जाता है. यह बॉडी को हानिकारक फ्री रेडिकल्स से बचाता है.
Tree of Heaven: परिजात को स्वर्ग का पेड़ क्यों कहा गया है ?
परिजात को स्वर्ग का पेड़ इसलिए कहा गया है, क्योंकि इसका संबंध सीधे स्वर्ग लोक और देवताओं से बताया जाता है. माइथोलॉजीकल स्टोरीज के अनुसार, जब समुद्र मंथन हुआ था, तब कई दिव्य वस्तुओं (Divine Object) के साथ परिजात पेड़ भी प्रकट हुआ था. माना जाता है कि यह पेड़ सबसे पहले देवलोक (स्वर्ग) में लगाया गया था.
स्टोरीज में यह भी बताया गया है कि परिजात के फूल देवताओं को बहुत प्रिय थे. इन फूलों की खुशबू को स्वर्ग जैसी पवित्र और मन को शांति देने वाली माना गया है. यही कारण है कि परिजात को एक दिव्य और पवित्र पेड़ का दर्जा मिला है.
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लेखक के बारे में
By Smita Dey
स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.
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