Most Dogs in World: सबसे ज्यादा कुत्ते किस देश में हैं? देखें भारत की रैंक
Published by : Shambhavi Shivani Updated At : 16 Aug 2025 2:08 PM
Most Dogs in World
Most Dogs in World: दिल्ली NCR के सड़कों पर आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने इन कुत्तों को शेल्टर होम भेजने का आदेश सुनाया है. इस बीच लोग जानना चाहते हैं कि भारत में कितने कुत्ते हैं? आइए हम आपको बताएंगे कि सबसे ज्यादा कुत्ते किस देश में हैं और भारत कुत्तों के मामले में किस पोजिशन पर है.
General Knowledge Most Dogs in World: कुत्ते इंसान के सबसे अच्छे दोस्त कहलाते हैं. गांव-घर हो या शहरों की सड़क, हर जगह कुत्ते पाए जाते हैं. हाल ही में दिल्ली की सड़कों पर आवारा कुत्तों (Stray Dogs) की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दिल्ली-NCR की सड़कों से इन कुत्तों को हटाकर शेल्टर होम भेजने के आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद से पूरे देश में हलचल मच गई है. इस हलचल के बीच आइए जानते हैं कि किस देश में कितने कुत्ते हैं और हमारा देश इसमें कौन-सी पोजिशन पर है.
Most Dogs in World: अमेरिका के बाद ब्राजील दूसरे नंबर पर है
सबसे ज्यादा कुत्ते अमेरिका में हैं. लेकिन यहां पर कुत्तों की सुरक्षा को लेकर सख्त कानून बनाए गए हैं. ब्राजील दूसरे नंबर पर है. चीन भी भारत से आगे है. WorldAtlas और सरकारी आंकड़े के अनुसार, आइए जानते हैं कि किस देश में कितने कुत्ते हैं.
अमेरिका
दुनिया में सबसे ज्यादा 7.58 करोड़ कुत्ते अमेरिका में ही हैं. यहां के हर बड़े शहर में डॉग पार्क और ग्रूमिंग सेंटर मौजूद हैं. ब्रीड-विशेष कानून और पालतू जानवरों के लिए कड़े नियम लागू हैं. अमेरिका में कुत्तों पर क्रूरता के मामले में दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होती है.
ब्राजील
इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर ब्राजील है. यहां के लोगों की लाइफस्टाइल में कुत्ते शामिल हैं. यहां पर कुत्तों को काफी महत्व दिया जाता है. यहां की सरकार इन्हें लेकर वैक्सीनेशन प्रोग्राम चलाती हैं. ब्राजील में कुल कुत्तों की संख्या 3.57 करोड़ है.
चीन
चीन में 2.74 करोड़ कुत्ते हैं. यहां पर पालतू कुत्तों की काफी डिमांड है. चीन में प्यारे-प्यारे कुत्ते की प्रजाति होती है. पहले बीजिंग में कुत्ता पालना गैरकानूनी था, लेकिन अब नियम ढीले हो गए हैं. कई लोग आवारा कुत्तों की भी देखभाल करते हैं.
भारत
भारत इस लिस्ट में चौथे नंबर पर है. भारत में बीते कुछ सालों में पालतू कुत्ते का क्रेज काफी बढ़ा है. यहां करीब 1.53 करोड़ आवारा कुत्ते हैं. केंद्र सरकार ने अगले एक साल में इनमें से 70% का वैक्सीनेशन और नसबंदी का लक्ष्य रखा है.
रूस
रूस में करीब 1.5 करोड़ कुत्ते हैं. कुछ ‘मेट्रो डॉग’ मेट्रो में सफर करना सीख चुके हैं. लोग और सरकारी कर्मचारी इन्हें खाना और सुरक्षा देते हैं.
जापान
यहां 1.2 करोड़ कुत्ते हैं. कई लोग बच्चों की बजाय पालतू कुत्ते अपनाते हैं और उन्हें बेहद लाड़-प्यार देते हैं. पेट इंडस्ट्री का आकार 10 अरब डॉलर से ज्यादा है.
फिलीपींस
फिलीपींस में पहले रेबीज से मौतें ज्यादा होती थीं, लेकिन अब सरकार वैक्सीनेशन और नसबंदी से आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने में लगी है. यहां 1.16 करोड़ कुत्ते हैं.
अर्जेंटीना
अर्जेंटीना में करीब 92 लाख कुत्ते हैं. अपार्टमेंट में भी कुत्ते पालने का चलन है. सरकार टीकाकरण और नसबंदी कार्यक्रमों से संख्या नियंत्रित रखती है.
फ्रांस
फ्रांस में 74 लाख कुत्ते हैं. हर कुत्ते में पहचान के लिए माइक्रोचिप जरूरी है. वैक्सीनेशन सख्ती से होता है, जिससे रेबीज के मामले बेहद कम हैं. हालांकि हर साल हजारों कुत्ते छोड़े जाते हैं.
रोमानिया
रोमानिया में 41 लाख कुत्ते हैं. 1980 के दशक में शहरीकरण के दौरान लोग अपने कुत्तों को छोड़ने लगे, जिससे आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ी. सामूहिक हत्या के प्रयासों की पशु संगठनों ने आलोचना की है.
यह भी पढ़ें- हैरान कर देगी Topper की ये बात, UPSC की तैयारी में ChatGpt को लेकर किया खुलासा
यह भी पढ़ें- Best AI Course: AI बन रहा नया IT बूम, लाखों की सैलरी के साथ शुरू करें करियर
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Shambhavi Shivani
शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










